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अमित शाह को घेरा राहुल गांधी ने, इस्तीफ़ा मांगा, क्या शाह जवाब देंगे?

Ravish Kumar Official21 views
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नमस्कार मैं रवीश कुमार अमिश शा को इस्तीफात देना होगा दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर उन्हें जाना पड़ेगा क्या राहूल गांधी एक बड़ी लड़ाई मोल लेने जा रहे हैं राहूल गांधी लगातार 20 जुलाई की हिंसा को लेकर अमिश शा से जवाब मा पेलेट गन की यूज लीथल फॉर्स की यूज बिना हॉम मिनिस्टर के पर्मिशन लिये नहीं किया जा सकता है हमने भी जरकारें चलाई हैं हम जानते हैं कि अगर गोली चलाने की बात आती है पेलेट गन की यूज की बात आती है तो विश्वाद काल है हॉम मिनिस्टर और प् Home Minister को मालूम नहीं कि किसी ने pellet gun चला दी, किसी ने मतलब लाटी मार दी, वो किसी और दुनिया में थे।यही दो possibilities हो सकती हैं।इसलिए तो होई नहीं सकती।तो मारा कहना है, either possibility इनको जाना है, इनको हटा जाना चाहिए।आप देखिए, परलमेंट में आ नहीं पाए।लोकसभा में आ नहीं पाए पहले बड़ी बड़ी बातें होती थी अमिच्चा दिस अमिच्चा दाइट लोकसभा के अंदर अमिच्चा घुस नहीं पाए क्यूं?

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He is guilty अगर guilty नहीं होते तो दो मिनट में आके जवाब दे देते हैं So that is why we are saying इन ग्रिमंत्री अमिश्षा की तरफ से उन्हें जबाब क्यों नहीं दिया जा रहा है?

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दिल्ली पुलिस, CRPF, Rapid Action Force सभी ग्रिमंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं तो ग्रिमंत्री अमिश्षा को जबाब क्यों नहीं देना चाहिए?प्रधानमंत्री मोदी को भी अपनी चुपी तो और press conference में संबित पात्रा कह रहे हैं गोली नहीं चली अगर नहीं चली है तो यही बात अमिशा लोकसभा में या Instagram पर रील बना कर क्यों नहीं कह सकते लोकसभा में उनका बयान अभी तक क्यों नहीं आया क्यों उनके बयान को लेकर बार बार लोकसभा इस्थगित हो रही है सव25 जुलाई को तो 29 जुलाई तक उनके पत्रका जवाब अमिश शा की तरफ से क्यों नहीं आया?

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25 तारीक को मैंने ये चिठ्ठी लिखी होमिनिस्टर को लिखी है दो सवाल पूछे पेला सवाल अस होमिनिस्टर आपने लिथर फोर्स पेलेट गंज का अप्रूवल दिया हाँ य चिठी का reply नहीं आया चिठी का acknowledgement भी नहीं हुआ तो हमारा कहना है कि students को justice तो मिलेगी आज नहीं तो कल सरकार को हमारी advice है कि आप अमिटशा जी को हटा दीजिए और एक SC Monitored Independent High Part Committee से प्रोब कराएगे जो जाच करें किसने order दिया कैसे हुआ pellet gun का use हमारे ही बच्चों पर pellet gun का use अमिश शा के काफिले को इसी संसत परिसर में देखा था

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राहूल गांधी ग्री मंत्री को चैलेंज कर रहे हैं।उनमें सदन में आने और जवाब देने की हिम्मत नहीं है।यह सब बोल रहे हैं।और अमिश्शा सामने नहीं आ रहे हैं।ऐसा कभ हुआ?स्पीकर ओम बिर्डा ने कहा कि जिस विदहयक पर चर्चा हो रही है उसके मं लेकिन आज नहीं थे उनकी घैर हाजरी का यही कारण था कि उनके मंतरालय का विशे नहीं था या कुछ और रहा होगा वो सवाल जो राहूल गांधी उनसे पूछ रहे हैं वैसे बिल पास होने के समयं अमिश्शाने सभी चात्रों को बधाई दी जिस बिल को मोदी सरकार, गो� प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में नहीं थे।

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राहूल गांधी ने जब अमिशा का नाम दिया तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने नियमों की किताब उठा ली और उनसे सबूत माँगने लगे कि बताईये ग्रिमंत्रालय के आदेश से गोली चली है क्या आपके पास �आदेश मोहोदे अगर नेटा प्रतिपक्ष ने कोई गंभीर आरोप लगाया सरकार पे तो ये सरकार की जिमेधारी बनती है कि किसके ओर्डर पे पुलिस ने बच्चों पर चात्रों पर युवां पर इस तरह का विवार किया है 20 जुलाई की हिंसा को लेकर राहूल गांधी लगातार सबाल उठाते जा रहे हैं एक दो दिनों तक चर्चा हुई सबाल पूछे भी गए के दिल्ली पुलिस के साथ साधे लिबास में लाठी लेकर कौन लोग थे इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वाइरल हुई और अब इ शॉक बेटन यूज़ किया गया लाठी कीलों के साथ लाठी में कील डाल कर स्टुडियोंस को मारा गया महिलाओं को माइनर्स को मारा गया यहाँ पे आप देख सकते हैं पुलीस वाला थपड मार रहा है महिला को और ये प्लेन क्लोज ओफिसर्सबार बार चात्रों के साथ पुलिस के हिंसा हुई उसके पीछे अमिश्शा हैं राहूल अपनी बात पर अड़े है BJP कहती है अमिश्या की कोई भूमिका नहीं।

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On the spot निर्णाय लेता है कि उस मौके पर लाठी चार्ज होना चाहिए या नहीं?कैसी परिस्थिती है उस समय पर बल का प्रेयोग होना चाहिए या नहीं?यहाँ निर्णाय देश के ग्रहमंत्री नहीं लेते हैं, वहीं मौजूद यह सब विशे नेता प्रतिपक्ष को मालूम होना चाहिए।

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मीडिया रीपोर्ट में गोली चलने से लेकर पैलेट गन चलने की रीपोर्ट कई दिनों से च्छप रही है।सुप्रीम कोट ने कहा है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।लेकिन जांच के आदेश देने से पहल गोली चलाने के आदेश नहीं दिये गए।चीफ जस्तिस सुरेकान्द भी जबाब देही तै करने की बात कर रहे हैं।और राहूल गांधी भी यही बात अमिशा से पूछ रहे हैं।गोली चली है, पैलेट गन चली है, इस

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जानकारी एक साथ गरी मंतरी या दिली पुलिस क्यों नहीं दे सकते क्यों टुकडो टुकडो में इस तरह की खबरे आ रही हैं दहिन्दू की विजेता सिंकी रीपोर्ट है संसत मार्ग थाना की जेनरल डाइरी एंट्री के हवाले से उन्होंने लिखा है कि RAF की ओर से यह बात दर्ज है कि DCP के आदेश पर RAF के डिप्टी कमान्डन्ट ने नॉन एलेक्ट्रिकल शेल के पच पंज राउन, एलेक्ट्रिकल यह आदेश एक DCP का था रैपिड आक्शन फोर्स खुज से आक्शन नहीं ले सकती उसे कारेकारी मजिस्ट्रेट के आदेश की ज़रूरत पड़ती है इस केस में कारेकारी मजिस्ट्रेट DCP बताये जाते हैं नीज लॉंडरी के प्रती गोयल और बसंद कुमार की रीपोर्ट ह News Laundry ने लिखा है कि इनका नाम सचिन शर्मा है।विजेता सिंग ने अपनी रिपोर्ट में DCP सचिन शर्मा का नाम नहीं लिखा है।उनके नाम के बारे में हम भी पुष्टी नहीं कर सकते।लेकिन सवाल है क्या गोली चली है?किसके आदेश से चली?साब साब क्यों नहीं � गोली लगने की खबरे हैं, मगर गरी मंत्री जबाब नहीं दे रहे हैं।

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29 जुलाई की शाम दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक जारी कर दिया कि सोशल मीडिया में जो चल रहा है किसी प्रदर्शनकारी को गोली लगी है, बात घलत है।मेडिको लिगल रिपोर्ट की फाइडिछपी है दिल्ली पुलिस दहिंदू और नीज लॉंडरी का नाम लेकर खंडन क्यों नहीं कर रही दिल्ली पुलिस के इस फैक्ट चेक पर दहिंदू की विजेत उनकी आँकी रॉष्णी जाने की बात हो रही है?नूतन की मेडिकल रिपोर्ट में आरेमल अस्पताल ने कैसे गन शॉट की बात लिख दी?सुप्रीम कोड्ड में भी दिल्ली में पुलिस की हिंसा को लेकर सुनवाई चल डई है।सुप्रीम कोड्ड ने भी इस बात का संग् रबर बुलेट का इस्तमाल हुआ, एक महिला सहिट कई लोग घायल हुए, एलेक्ट्रिक बटॉन का भी इस्तमाल हुआ, कील वाली लाठियों का इस्तमाल हुआ, जिस से कई प्रदर्शन कारियों की जान को खत्रा हो सकता था।

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यह सारी बाते याचिकाओं में हैं और इने नो� तो आसमाजिक तत्व कैसे आगे प्रदर्शन में?वहां तो पुलिस की भारी मौजूदगी थी, ये किसकी नाकामी है?

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इमिज बनाई हुई है, अमिज शा है, हीरो वे नेशन, नरेंद्र मोदी है, लेक गौड, गुबारा बना रखा है, हजारों कुरोड रुपे लगे हैं उ

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लोकसभा में राहूल गांधी ने आज स्टूडन्ट की परिभाशा बताते हुए तीन कैटेगरी बताई जिससे लेकर बीजेपी भड़क गई है क्या इसलिए कि राहूल गांधी ने इडियेट और अंधभक्त की कैटेगरी बता दी बीजेपी की प्रतिक्रियाओं से लग रहा है कि अंधभक्त कहना उसे बुरा लग गया क्योंकि बीजेपी के कुछ समर्थकों को सोशल मीडिया में अंधभक्त कहकर मजाक उड़ाया जाता है बीजेपी राहूल गांधी की तरव से अंधभक्त कहे जाने का विरोत तो कर रही � दूसरी कैटेगरी जंतर मंतर में आयी वो इडियेट्स आये कौन है वो इडियेट्स मैं तो देख रहा था कौन कौन आये मैंने लिस्ट मांगी आफिस से कि कौन कौन आये थे तो किछीन दिखाया कि दूसरे पाटी के लोग आये थे कई पाटी के लोग आये थे नेता आये थे मतलब वहाँ जो गया था, वो लोग या तो मतलब उनके नितरुत्तों को, जो CJP के नितरुत्तों को मांते थे, वो सब अंदवक्त थे।

17:17

उनका अपना कोई consciousness नहीं था।

17:39

राहुल गांधी ने ऐसा तो नहीं कहा कि जंतर मंतर पर आने वाले इडियट या अंधभक्त थे संबित पात्रा अन्धभक्त के इस्तेमाल का विरोध कर रहे थे तो उन्हें और सफाई से विरोध करना चाहिए था छात्र कौन है और कौन नहीं नेता प्रतिपक्ष राहूल गांधी लोक सभा में यही बता रहे थे के इडियट और अन्धभक्त को लेकर बहस चिड़ गई।बी जे पी के सदस से नाराज हो गए।राहूल गांधी ने ऐसा तो नहीं कहा कि जंतर मंतर पर आने वाले इडियट या अन्धभक्त थे।सम्बित पात्रा अन्धभक्त के इस्तेमाल का विरोत करने आये थे तो उन् इसी को लेकर निता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोग सभा में बोल रहे थे बता रहे थे कि इडियट और अंधभक्ती का मतलब क्या होता है जिससे लेकर बहस चिड़ गई राहुल ने तीन कैटेगरी का जिक्र किया पहली कैटेगरी स्टूडन्ट की है जो खुले दिल और दूसरी कैटेग्री इडियट की बताई ये वो लोग हैं जो चात्र नहीं हैं मगर इस भ्रम में रहते हैं कि वही भगवान हैं दुनिया का सारा घ्यान इनके पास आ चुका है दुनिया इन्हें भगवान मान ले इसलिए एक इमेज बन लेउस इमेज को जरूरत से जादा बड़ा बनाकर दिखाने का प्रयास किया जाता है ताकि लोग उसी जूठी तस्वीर पर भरोसा कर लें इडियट असंसदिय शब्द तो था ही लेकिन राहूल गांधी की यह बात बीजेपी को किसी और वज़से चुभी होगी क्या इमेज वाली बात से जो खुद को देवता बताने की कोशिश करता है या फिर इडियट के बाद तीसरी कैटेगरी अंधभक के कारण बीजेपी के सांसद नराज हो गए?राहूल ने कहा कि अंधभक मानता है कि इडियट ही भगवान है और इडियट की दी हुई जूठी त अन्धभक भारत की राजनीती में अन्जाना शब्द नहीं है।

20:09

सोशल मीडिया में अक्सर बीजेपी के कुछ समर्थकों को वॉट्सब अंकिलों के लिए अन्धभकत का इस्तेमाल होता है।कई साल से हो रहा है।

20:19

क्या राहूल गांधी ने चात्रों की तीन कैटिगरी के बहान इडियट शब्द को निकाल दिया है आज संसद ये बताया है और जो आर्ण पाल्लेमेंट्री वोर्ड है उसका इसकी महत्तिलिए।

21:20

क्या होता अगर राहूल गांधी इडियेट का इस्तेमाल नहीं करते केवल अन्धभक्त का इस्तेमाल करते तब भी क्या बीजेपी विरोद करती अगर बीजेपी को अलग से ही प्रेस कॉंफरेंस करनी थी तब फिर सदन में इडियट या अन्धभक्त के इस्तेमाल को लेकर इतना विरोध करने की जरूरत नहीं थी।यह देश के लोग इडियट नहीं है, देश के लोगों को पता है इडियट कौन है।

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Ruben, Netherlands

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21:46

मगर देश के लोग इडियट नहीं है और देश के लोग अन्धभक्त नहीं है।देश के लोग भ पारलमेंट के अंदर सदन में इदियेट इजन अन्पारलमेंटरी वर्ड।

22:12

संबित पात्रा को अंधभक्त से इतनी समस्या नहीं होनी चाहिए।चौदवी से अठार्वी सदी के दौरान भक्ती आंदोलन हुआ।यह भक्ती आंदोलन क्या था?अंधभक्ती के खिलाफ ही था राहुल गान्धी ने सदन में एक दो बार अन्धभक्त का नाम ले लिया सम्बित पात्रा प्रेस कौन्फिरेंस करने आ गए।काइदे से सम्बित को कहना चाहिए कि किसी की अन्धभक्ती नहीं की जानी चाहिए किसी का फैन नहीं बनना चाहिए।उन्हें हमारे पुर्खे भ

23:02

भक्ती का मतलब खुलामी या फिर लकीर का फकीर हो जाना नहीं है. भक्ती का मतलब है जिसके परती श्रद्धा है उससे सवाल भी करना है. तो यहां मूल बात क्या है?क्या कैमपस में चात्रों को खुले मन से सोचने, बोलने, लिखने की आजादी है?या फिर राहूल एक ऐसे चात्र की कलपना पेश कर रहे थे जो पहले से तय छवी के हिसाब से नहीं सोचता है अपनी कलपनाओं को ही सच नहीं मानता है अपने सवालों से चीजों को परकता है वैसे चात्र को चात्र कह रहे थे जो आंक बंद कर यकीन कर लेता है किसी छवी को ही अंति संसद में इडियट असंसदिय शब्दों की सूची में हैं वहाँ सांसदों को एतराज हुआ यह बात समझ में आती है लेकिन आमिर खान की फिल्म थ्री इडियट क्या भारतीयों का अपमान कर रही थी लगता है संबित पात्रा ने घलट गेंड कैच कर ली बहरहाल राहूल गा खुले दिल और दिमाग से सोच पाना असंभव होता जा रहा है।जो RSS की अपनी कलपनाएं हैं, उनहीं को सच की तरह पढ़ाया जाने लगा है।

24:55

वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, वे नहीं करते हैं, व शात्र की परिबाशा के जरीए राहूल गांधी बता रहे हैं कि जंतर मंतर पर जो चात्र आये उन्होंने संग के कंट्रोल को संग की ताकत का विरोध किया चात्र समझ गया शक्ती इन में नहीं है उनके भीतर डर है और चात्र उस डर से आजाद हो गए संबित पात्रा लगता है ठीक से नहीं समझ पाये और यह एक बहुत अस्प्रे� अगर अगर वो बाड़े के लिए बाड़े के लिए बाड़े के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिए बादे के लिएवो बीजेपी के लिए कृरिज नहीं कर रहा था।वो बीजेपी के लिए कृरिज नहीं कर रहा था।वो बीजेपी के लिए कृरिज नहीं कर रहा था।और ये वो बीजेपी के लिए कृरिज नहीं कर रहा था मूल बात है कि राहूल गांधी बार बार अमिश शा से इस्तीफा मांग रहे हैं क्या अमिश शा राहूल गांधी का जवाब देंगे इतने दिन हो गए अमिश्या जैसे कद्दावर नेता को या मजबूत माने जाने वाले नेता को अब तक तो जवाब दे देना चाहिए था।

28:29

राहुल गांधी ऐसा क्या पूछ रहे हैं कि अमिश्या अभी तक जवाब नहीं दे पा रहे।सवाल बस इतना है।नमस्कार मैं रवीश कुमार।

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