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अमेरिका के हमले में मारे गए तीन भारतीय, हॉर्मुज़ की लड़ाई में किस पर है निशाना?

Ravish Kumar Official57 views
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नमस्कार मैं रवीश कुमार।होर्मूस पर कंट्रोल की लडाई अब भारतिय नाविकों के लिए चुनौती बनती जा रही है।अमेरिका ने तीन ऐसे जहाजों पर हमला किया है जिन पर सवार नाविकों के दल में बड़ी संख्या में भारतिय थे।क्या अमेरिका इस तरह क अमेरिका होरमुज से गुजरने वाले उन जहाजों को टार्गेट कर रहा है जिन पर इरान का तेल लदा हुआ है आठ जून को मैरी वैक्स जहाज पर हमला हुआ दस जून को सित्ते बेलो पर और एक ग्यारा जून को हेलफायर मिसाईल से जलवीर नाम के जहाज पर हमला हुआ चालक दल को चेतावनी दी गई फिर भी वह पार करने की कोशिश कर रहा था इसलिए हमला किया गया सेतेबेलो पर सवार तीन भारतिय मारे गए हैं लेकिन मैरीवैक्स और जलवीर पर जो हमला हुआ है उस पर भी बड़ी संख्या में भारतिय नाविक दल ही थे जिनें ओमान की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया. इन दो जहाजों के बचाए नाविकों की संख्या 40 से अधिक बताई जारी हैं. अमेरिका का Central Command हर हमले के बाद एक वीडियो तो जारी करता ही है और दिखाता है कि इनें रोकने की चेतावनी दी गई इसके बाद भी चाल Central Command का दावा है कि अभी तक आठ ऐसे जहाजों को टारगेट किया जा चुका है जो आदेश नहीं मान रहे थे।लेकिन तीन जहाजों पर बड़ी संख्या में तैनाद भारतीय चालक डल ने भारत के लोगों की चिंताएं बढ़ा दियें।Central Command किसे दिखाने के लिए इस तरह के

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वीडियो शेयर कर रहा है?इरान को दिखाने के लिए या भारत को?क्या अमेरिका को पता था कि इन जहाजों में किस देश के नाविक हैं और उसके बाद भी हमला किया गया?जिस जहाज पर 20 -20 भारतीय नाविक हों, अगर उस पर भी अमेरिका हमला करें, तब फिर ट्रम्प और मोडी की दोस्ती का क्या फायदा?अगर अमेरिका का हमला इसी तरह बे लगाम जारी रहा, तो कई सारे भारतीयों की जिंदगी खत्रे में पड़ सकती हैं. ट्रम्प ने कह बड़ी संख्या में भारतीय मर्चेंड नेवी के अलग अलग जहाजों पर काम करने की खबर हैं. अमेरिका के हमले से उनकी जिंदगी दाओं पर हैं. भारत को ऐसे में क्या करना चाहिए?क्या भारत अमेरिका को किसी तरह रोक सकता है?

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अमेरिका के प्रतिनिधी को बुलाकर च भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी क्या इस मामले को लेकर सारजनिक अपील कर सकते हैं?

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अपने वीडियो में हम अपड़ाक्ट करने के लिए अपड़ाक्ट करने के लिए अपड़ाक्ट करने के लिए अपड़ाक्ट करने के लिए अपड़ाक्ट करने के लिए अपड यह घटना 8 जून की है जब अमेरिका ने पलाव के जहन्डे वाले तेल के टैंकर मैरी वैक्स पर अटैक किया तब उस पर सवार्ग नाविकों ने फॉर्वर्ड सी मैन यूट्यूब

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India नाम की संस्ता को संदेश भेजा इसके पदादिकारी मनो जी आदव को सूचना मिली कि अमेरिका की नौसेना ने जहाज पर हमला किया है और जहाज डूब रहा है जहाज में छेद हो गया है ये जहाज अलग लग इन जहाजों पर काम करने वाले बड़ी संख्या में भारतिय हैं इसलिए भारत की परिशानी बढ़ गई है जिस जहाज पर अमेरिका ने हमला किया उसमें तीन भारतियों की मौत हुई है डेक चीफ इंजिनियर पत्नाला सुरेश डेक कडेट आदित्या शर्मा इंजिन फिटर शिवानन चौरस्या की मौत हुई है शिवानंचो रसिया यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले हैं, अपने परिवार में अकेले कमाने वाले हैं।हिमाचल प्रदेश के आधिते शर्मा भी अपने परिवार के इकलोते कमाने वाले थे।समाचार एजन्सी PTI ने आधिते शर्मा के दादा का बयान जारी किया ह उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सरकार सांसद अनुराग ठाकुर से अनुरोध किया है कि इसकी जांच की मांग करें।हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री सुक्विंदर सिंग् सुकु ने फेस्बुक पर लिखा है कि एम्टी सेट्यो बेलो पर हुए हमले में मेरे वि�विदेश मामलों को ढहन से कबर करने वाली पत्रकार सुहासनी हैदर ने लिखा है कि अमेरिकी नौ सेना ने ऐसे जहाजों पर हमला किया जिस पर भारती और नाविक सवार थे तीन लोगों की मौत हो चुकी है अमेरिका ने अभी तक अफसोस भी नहीं जताया सुहासनी हैदर का सवाल है कि क्या क्वाड, इंडो पसिफिक कोपरेशन, इंडियन ओशन रीजन के � अमेरिका के साथ कोई मामला होता है तब भारत की प्रतिक्रिया इतनी सहमी हुई क्यों होती है भारत के विदेश मंतरालने 10 जुन को एक बयान जारी किया उसी का पोस्टर है इस घटना की जानकारी दी गई और कहा कि ओमान में भारतिय दूतावास मामले को देख रहा है इस बय क्या अमेरिका और इरान का नाम लेने से भारत के सारे संबंद खराब हो जाएंगे?कूट नितिक संबंदों की इतनी खराब हालत है?

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अगर भारत बुला कर विरोध कर सकता है तो अपने बयान में भी अमेरिका का नाम ले सकता है और पूछ सकता है कि विरोध के बाद भी अमेर टकराओ कम करने का अनुरोध किया है मगर इससे तो बात खत नहीं हुई ना अमेरिका का हमला रुका राष्पती ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी कि वे भारत के लंबे समय तक प्रधानमंत्री के पद पर रहने वाले व्यक्ती बन गए तो इसके जबाब में �मोधी ने शुक्रिया आदा किया ऐसा ही किया जाता है लेकिन क्या ये उमीद की जा सकती है कि प्रधानमंत्री मोधी तीन भारतियों के बारे में उसी ट्वीट में जानकारी दें ट्रम्ट से बात करें आगरह करें कि ऐसे जहाजों पर हम अगर भारत के हमले से अमेरिका के किसी नागरी की जान गई होती तो क्या अमेरिका भारत के राजदूत को बुलाकर निजी तौर पर नराज़गी जाहिर करता या ट्रम सार्जनिक तौर पर प्रधान मंतरी मोदी को टैक कर देते और कहते कि उन्होंने भारत के प्रधान मंतर अगर आप एक ही घटना को लेकर ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के वेहवार को लेकर सोचें तो जवाब मिल जाएगा भारत में अमेरिका के दूतावास ने भी इस पर खेद नहीं जताया कोई ट्वीट नहीं किया जबकि प्रधानमंत्री मोदी को इस बात के लिए बधा यह बात थोड़ी चुपती है कि हम भारत के भीतर और दुनिया के बाहर अपने नागरिकों की मौत को लेकर इतने सहम क्यों जाते हैं।अगर पाकिस्तान का हाथ होता तो सारा देश चीफ इंजिनियर पटनाला सुरेश, डेक कड़ेट आदित्या शर्मा, इंजिन फिटर शि� काइदे से यही घटना अमेरिका के नागरिकों के साथ हुई होती तो अमेरिका का मीडिया दिन रात एक कर देता शहर के लोग शरधाजली दिने उमड पड़ते और सरकार को भी कुछ करना पड़ जाता कुल मिलाकर पूरे देश को पता चल जाता कि युद्ध की सनक में बे कस�लोग आते जमा होते और युद्ध की निन्दा भी करते।जिस तरह से हमले बढ़ने लगे हैं, भारतीयों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाय जाने की जरूरत है।अमेरिका ने दस जुन की रात इरान के उत्तर में तेहरान, दक्षिन में केशम, मिनाब, बंदर अबबास और सिरिक पर हमला किया ये सभी होरमुत से सटे इलाके हैं सिरिक के बामनी जिले के दो बड़े जलाशेयों को भी नौ जुन की रात निशाना बनाया गया इस कारण पा सिरिक में जिस समय हमला हुआ उस समय तापमान 45 -50 डिग्री सल्सियस चला गया था इरान ने पानी की सपलाई ठीक कर ली है मगर कई घंटे तक सपलाई ठप रहने से लोगों को तकलीफ तो हुई होगी इससे पहले 7 मार्च को इरान के विदेशमत्री अबास आराकची ने आर आठ अप्रैल के सीज़ फायर के बाद पहली बार अमेरिका ने लगातार दो दिन इरान पर बड़े पैमाने पर बंबारी की है. ट्रम इस से भी बड़ी बंबारी करने का बयान देने लगे हैं. अमेरिका का कहना है कि इरान ने होरूज में उसके आपाचे हलिकॉप्टर को टा अथारा से इकीज सैनिक ठीकानों पर हमला किया है जॉर्डन, कुबायट, बेहरीन में अमेरिका के सैनिक ठीकानों पर हमला हुआ ट्रॉम्प ने इरान को चेतावनी दिया है कि आगे और भी हमला करेंगे जबाब में इरान के राष्ट्रपती मसूद पिजशकियान ने कहा है क

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अब किसी को याद भी नहीं कि 24 वर्वरी 2022 को रूस ने यूक्रेंड पर हमला किया था और अब इसके 4 साल से अधिक समय हो चुके हैं युद्ध आज भी जारी है ट्रम्प डील की बात करते हैं फिर उसके बाद बम की बात करने लग जाते हैं 28 परवरी के बाद 100 दिन से जादा का समय बीच चुका है आज तक इरान ने किसी बाद पर समझवता तो नहीं किया अपने आप को दुनिया का बेस्ट नेगोशेटर बताने वाले ट्रम इरान के सामने पस्थ हो चुके हैं उनकी एक नहीं चल पा रही अमेरिका का मीडिया लिख ट्रम्प क्या बोल रहे हैं कई बार लगता है उन्हें भी पता नहीं और इस तरह के विशलेशन अमेरिका के मीडिया में चल रहे हैं सौ दिनों से एक ही बात दोहरा रहे हैं इरान की नौ सेना खत्म हो गई वायू सेना खत्म हो गई इसके बाद भी इरान खाड़ी के देशों

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