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बांग्लादेशी घुसपैठियों को भगाने का Master Plan Ready? | @RJRaunac

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दोस्तों देश से घुस्पैटीयों को भगाने के लिए भारत ने एक बड़ा मास्टर प्लान रेडी कर लिया है कल देश के गृरी मंत्री अमिच चा ने एक सोचल मीडिया पोस्ट कर देखे बताया है कि भारत के आगी की प्लानिंग क्या है और लगातार बदलती हुई देश क केंद्री ग्रेमंत्री अमिच्चा ने 26 माई को अवयद गुस्पैट को रोकने और उससे होने वाले नुकसान से निपटने के लिए एक बेहध बड़ी अनॉंस्मेंट की है।वोने देश में अन्नैचुल डेमोग्राफिक चेंज और इल्लीगल इमिग्रेशन की जांच के लि अब इस हाई लेवल कमिटी के मेंबर्स कौन हैं ये भी जानते हैं।यह समिदी प्रधानमंतिरी नरेंदर मोदी दोरा 15 अगस 2025 को की गई हाई पावर डेमोग्राफी मिशन की गोशना के थेथ बनाई गई है।इसमें सुप्रीम कोड के रेटायट जस्टिस प्रकाश प्रभा पूरा अनलिसिस करके अपनी रिपोर्ट और इसका time bound solution सरकार को सौंपेगी।अगर जरुवत पड़ी तो इसका कारेकाल 6 महीने और बढ़ाया जा सकता है।अब इस कमिटी का काम क्या होगा?

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ये कोई नॉर्मल जान्शदल नहीं है बलकि इसका काम देश की सुरक्षा और संप्रभुता को बनाये रखना है जो इस कमिटी की घोशना से सीधे जुड़े हैं।अमिच्चा ने संकल्प दोहराया कि जैसे देश को नक्सलवाद की 50 साल पुरानी समस्या से पूरी तरह मुक्त कराया गया है वैसे ही अब देश को घुस्� इसके तएथ घुस्पैटियों, मवेशी तसकरों और ड्रोन से होने वाली हातियारों की सप्लाई को रोकने के लिए आधुनीक ड्रोन, रडार और स्मार्ट कैमरे तैनाद किये जाएंगे।बेसर की जिम्मेदारी अब सिर्फ सीमा पर खड़े रहने तक सीमित नहीं होगी।� सुरक्षाग्रिड को और मजबूत किया जा सके।दोस्तों भारत में अवयद गुस्पैट के आंकडे केवल numbers नहीं है बलकि ये देश के internal security infrastructure सामाजीक ताने बाने और resources पर बढ़ते दबाव की एक एसी गंभीर तस्वीर पेश करते हैं जो सुरक्षा एजन्सियों और थिंकर्स को बाकी सिंता में डाल देती हैं ये सीधे देश बांगलादिशी नागरीकों की संख्या लगबग एक करोड बीस लाखां की गयी थी।कई इंडिपेडिन्ड फिंक टैंक और सीमा सुरक्षा विशेशक्यों का मानना है कि ये संख्या अभी देड़ करोड से दो करोड की बीच हो सकती है।

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हालांकि सर्टीक नंबर्स होना मु� असम के 34 में से 9 से अधिक जिले मुस्लिम बहुल हो चुके हाली में मई 2026 में पशिम बंगाल और असम में घुस्पैटियों की पहचान के लिए डिटेक्ट डिलीट और डिपोर्ट यानी पहचानों हटाओं और वापस भेजों की नीती के तहट मालदा जैसे जिलों में होल्डcentres बनाने पड़े।बांगलादेश की घुस्पैटियों की पश्य मंगाल के North 24 परगणा में इकठे होकर जाते हुई बड़ी तस्वीरें वाइरल हुई हैं।खुद वहाँ की CM शुवें कितने बांगलादेशी तो खुद केमरे पर एक उबूल कर रहे हैं कि वो पानट साल पहले इस देश में आये थे लेकिन अब उनके यहाँ आते ही सरकार ने उनको भगाना शुरू कर दिया।साथी दोस्तों पाकिस्तान से आए गुस्पैट ये भी सबसे आगे हैं।पाकिस्तान से होने वाली गुस्पैट बांगलात देश जैसी नहीं है।

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यहाँ लोग रोज़गार के लिए नहीं बल्कि एक खास साजीश के तहट आते हैं।इस सीमा पर फैंसिंग और बारी सेना की हर साल तीन सो से अधिक ड्रोन गुस्पेट दर्ज की जा रही हैं।जोकि ड्रग्स, जाली नोट और चीनी हतियार भारती सीमा में घिरा रहे हैं।कम संक्या होने के बावजूद ये देश की सुरक्षा के लिए सबसे घातक है।क्योंकि इसका सीधा संबंध आतंकवाद, स्ल इसके लाबा देश में नेपाल का बॉर्डर भी हमको देखना है भारत और नेपाल के बीच 1751 किलोमेटर लंभी ओपन बॉर्डर है जहां किसी वीजा या पासपोर्ट की ज़रूत नहीं होती मूल रूप से नेपाली नागरिकों का भारत आना अवयद घुस्पैट की कैटेग नेपाल के रास्ते भारत में अवयद रूप से घुस्ते हुए पकड़ा गया है।बिना किसी दस्तावेस के कोई भी विदेशी नागरिक नेपाल के रास्ते भीहार या यूपी की सीमा से भारत के किसी भीशेर में दाखिल हो सकता है।

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जिससे इसकी निगराणी करना बेहत चैलेंजिंग हो जाता है।बारत सरकार अपने नागरीगों को राहत देने और उनका जीवन स्थर सुधारने के लिए हर साल लाकों करोड रुपए की सबसिडियो और कल्यांकारी योजनाय चला दें।अवयद गुस्पैटी है भारत में आने के बाद सबसे पहले लोकल दलालों की मदद से जाली पहचान नजाने कितना होता था।इसके बाद वे मुफ्त या बेहत सस्ते राशन जैसे PM, गरीब, कल्यान, अन्योजना, मुफ्त इलाज जैसे आयिश्मान भारत और मुफ्त बिजली पानी जैसे योजनाओं का लाब उठाने लगते हैं।ये पैसा और संसाधन भारत के घरीब नागर लोकल भारती मजदूरों की तुलिणा में आदी कीमत पर काम करना शुरू करते हैं।इसके कारण लोकल भारती मजदूरों के लिए रोजगार की अपट्शेंटीस खत्म होती जाती हैं।

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या उन्हें भी अपनी मजदूरी बहुत कम करनी पड़ती हैं।इससे देश के निचल इसके कारण शेहरों में सीवेज़ वेवस्ता, साफ पाणी की सप्लाई, सरकारी अस्पतालों और वेस्ट मैनेज्वेंट पक्षमता से अतिक बोज पढ़ता है।सरकारों को इन अनाथुराई जुग्गियों और बस्तियों के मैनेज्वेंट बीमारियों को फैलने से रोकने �ये बस्तियां अक्सर नकली नोटों के कारोबार, मवेशी, तसकरी, ड्रग्स और मानव तसकरी जैसे इलीगल गतिरिदियों का केंदर बन जाते हैं।पाकिस्तान और बांगलातेश की सीमाओ से होने वाली इस तस्करी से भारत के लीगल उद्दियों कों जैसे डेरी और टेक्स्टाइल को भारी फिनाश्यल नुकसान होता है इस पैरलल क्राइम सिंडिकेट और गुस्पैट को रोकने के लिए भारत सरकार को अपने बॉर्डर फ दोस्तों अवयद गुस्पैट भारत के लिए सिर्फ इंटेरनल सेक्यॉरिडी और एकानॉमी का मुद्धा नहीं है बलकि ये नई दिल्ली की फारेंट पॉलिसी और वैश्विक साख के लिए भी एक बहुत बड़ी और पेचीदा डिपलोमाटिक चुनावती है।अपने पड इनोंने इस रिष्टे को और बिगार दिया है भारत जब भी लाखों अवयद बांगलादेशियों को वापस भेजने के लिए डिपोटेशन की बात करता है तो धाका अधिकारिक तोर पर ये मानने से इंकार कर देता है कि ये उसके नागरिक हैं बांगलादेश का रुख हमेश भारत जब भी गुस्पैट या नागरिक्ता कानूनों जैसे CA, NRC या मौजुदा 2026 की डेमोग्राफी कमिटी को लेकर कड़ा रुख अपनाता है, तो चाइना इसका डिपलोमाटिक फायदा उठाने की कोशिश करता है।

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चीन इन देशों को भारत के खिलाब बिग बिड़ा हैयानी बड़े भाई की दादगीरी का शिकार बता कर अपने पाले में करने की कोशिश करता है।भारत की खुली नेपाल सीमा का इस्त Human Rights Organizations, Amnesty International या Human Rights Watch और पश्यमी देश भारत पर प्रेशर बनाने लगते हैं।वैश्विक मंचो पर ग्लोबल, प्लैटफॉर्म्स पर जैसे संयुपतर राष्ट में भारत की छवी को एक कठोर राष्ट के रूप में पेश करने की कोशिश की जाती है।भारत को लगातार इसलिए दोस्तों ये सारी चीज़ें जो हमने इस वीडियो में डिसकस की हैं ये बताती हैं कि भारत के लिए अपनी धरती से घुस्पैठीयों को भगाने की तयारी करना या कोई स्टेप लेना इतना आसान नहीं है लेकिन भारत ने तय कर लिया है तो भारत कर के रहेगा देख अपने अगल बगल किसी ऐसे इंसान को या ऐसी फैमिली को देखते हैं तो उसके बारे में ज़रूर रिपोर्ट करें और आप किसी लाके में ऐसी चीज़ें ज़ादा देखते हैं या एक्सपीरिएंस किया आपने उसके बारे में कॉमेंट सेक्शन में भी ज़रूर लिखेगा जेहिंद

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