Aman Chopra Podcast | Avimukteshwaranand Exposed | अविमुक्तेश्वरानंद | CM Yogi | CJP Student Protest
भगवा पहंकर लाल टूफी का काम कर रहे हैं आई प्रवक्ताओं की नौकरी खतरे में आ गया है आपकी विज़ाएँ पार्टी नहीं करते हैं इसलिए समाजवादी पार्टी का आप करते हैं गौशाला से दुरगंद आती हूँ उनको आप सनातनी मानेंगे समा मांग पुरी के शंकराचारे निष्चलानन सरस्वती जी ने कहा मैंने ना मुझे पूचा गया ना मैंने एंडोस किया क्या आपने पुरी के शंकराचारे जी को लेकर जूता दावा किया महराज जी इसी मन से गाली दी जारी है हमारे भगवानों को सनातम को और आप उनकी वखालत कर पत्थर बाजी 20 दिन के बाद हुई अगर पहले दिन होती तो हम उसको बिल्कुल गलत कहते हैं 20 दिन बाद सही है 20 दिन बाद सही है हम यह कह रहे हैं 20 दिन बाद सही है हम यह कह रहे हैं पत्थर नहीं कुछ भी चले हम सही मानेंगे पत्थर बाजी को सही बता कर मैं माराजी आप सही है लेकिन पत्तरवाजी को सही ठहराना गलत है माराजी मैं हाँ जोड़कर बोल रहा हूँ आप कैमेरे मत बंद करिये ना आप कैमेरे मत बंद करिये सानातन का अपवान कभूल है आत्मरक्षा में पुलिस दंडा चलाते है माराजी वो भी सही मेरा हाथ मना ये मेरा हाथ मरोड रहे हैं नहीं नहीं नहीं मेरे पर हमला कर रहे हैं वो कोई नहीं कर रहे हैं मेरा हाथ मरोड रहे हैं आप हमला करेंगे मेरे पर नहीं आप हमला करेंगे मेरे पर � भरत के पॉटकास्ट के एतियास में यब तक का सबसे धमाकेदार पॉटकास्ट होने जा रहा है।क्योंकि दिखी हमारे भरत वर्ष में दो मुद्धे सबसे जाधा चर्चा में रहते हैं।एक आ जाता है साब धर्म और राजनीती।लेकिन एक ऐसे संत, एक ऐसे महत्मा शंक राजनीती की बात या राजनीती का धर्म हर तरह से अपनी बात खुलकर रखते हैं गौ माता से राम मंदिर तक सनातन से लेकर हिंदू समाज तक और भारत माता से लेकर भारत की राजनीती तक तो पहले तो चरण सपर्श आपको अवी मुक्तेश्वर अनन सरस्वती जी महराज आपने एक धर्म युद्ध चेड़ा है गौमाता के लिए गौमाता को राश्रमाता का दर्जा दिया जाए उसके लिए 81 दिन की आपने यात्रा निकाली मैं जानना चाहूँगा देश जानना चाहेगा वो यात्रा का मकसद, वो यात्रा कैसी रही क्योंकि वो यात्रा संपून
और आपने जो संकल्प लिया उसके मकसद कि आप कितने निकट पहुँँचे, कितने समीप पहुँँचे महराजी धर्म युद्ध की गोशना हमको इसलिए करने पड़ी क्योंकि हम लोग भी देख रहे थे और दूसरे लोग भी कि धर्म और अधर्म का बड़ा घालमेल हो रहा उसमें स्पश्टता हो जाती है कि ये धर्म है और ये अधर्म है तो ये जैसे कहते है न कि दूद का दूद और पानी का पानी तो ये दूद का दूद और पानी का पानी होता है कि भाई हम युद्ध सुरू करेंगे तो जो धर्म मानने वाले होंगे वो एक तरफ हो जाएंगे उनके पास vigilance था, उनके पास ऐसे अनेक संस्थान है जिनसे वो इन बातों का पता कर सकते हैं किया होगा तभी तो कहा उन्होंने लेकिन केवल उन्होंने इतने कह दिया कि कालनेमी है हमारे समाज में लेकिन वो कौन कौन से कालनेमी है और उन किन किन कारणों से कालनेमी कहे जा स तो अब पता ही नहीं चल रहा था कि कौन कालनेमी, जो सच्चा है उसको लोग कालनेमी समझ रहे थे और जो असल में कालनेमी है उसको भी सच्चा समझ रहे थे तो हमने सोचा कि इनके वक्तवे को मिशकरस तक पहुंचा देना चाहिए तो हमने ये धर्मेद्व सुरू किया तापता चल जाये कि धर्म का पक्ष क्या है और अधर्म का पक्ष क्या है और ये जो गविष्ठी यात्रा हमने निकाली उस यात्रा के माध्यम से हमने जनता से सीधे समभात किये और दो बाते रख कल हमको आंक्रा निकाल करके दिखाया था अठारा लाख लोगों से लगबग हमारा सीधा समभाद इस 81 दिन की यातरा में गया।अठारा लाख।403 विधान सबा में हम गयें और हमारी 1000 से ज़्यादा सबायं हुई।उनमें अठारा लाख लोगों से हमारा समभाद हुआ।इ वो गाय को पशु मानने वाले लोग थे तो अब कम से कम इतना स्पष्ट हो गया कि ये विभाजन है अब इसी विभाजन के आधार पर आगे का विवहार सुनिश्चित किया जाएगा तो ये राजनितिक विछेर सुनिश्चित हो पाया इसलिए हम समस्ते हैं कि ये यातरा बह� असली हिंदू और नकली हिंदू से था असली हिंदू वो है जो गाय को माता कहता और नकली हिंदू वो है जो वो मुह से तो कह देता है लेकिन जब वेवहार का आवसर आता है तो वो गाय को माता नहीं बलकि पशु कह करके वेवहार करता है तो हमने ये जनता के सामने निरुप
भी किया और जनता ने इसका प्रतिसाद भी दिया और ये सुनिश्चिद हुआ कि कौन असली हिंदु है और कौन मतली हिंदु है दो सवाले महराज जी के संदर में पहला सवाल अलोच्या कहते हैं कि आपकी यातरा उस प्रदेश में है जि आपकी आत्रा बंगाल में नहीं बंगाल में शायद समभफता आपका आश्रम भी है तो आपकी यात्रा धार्मिक या राजनितिक महराज जी देखीं अमन जी सबसे पहली बात तो यह है कि लोग क्या कहते हैं वो अलग बात है लेकिन एक पत्रकार को प्रश्न पूछने से पहल किसी प्रुदेश को चोड़ा हो तो उसका नाम बता दीजिये हमने कोई प्रुदेश चोड़ा ही नहीं हम तो सब जगह गहुबाता का भज ले करके गए और सब जगह हमने वहाँ पर बात उठा दी सब से बात कर दी हमने किसी प्रुदेश को चोड़ा है आप बता दीजिये आ ये बहुत उतावलापन है आपका अगर इस तरह से आप हमारा आकलन करते हैं तो नहीं नहीं इतना उतावलापन क्यों है कि आप पूरा निषकर्षी निकाल के रख दे रहे हो कोई तो कहीं से कारी शुरू करता है हमने एक तो पहली बात ये आपने ये कहा कि आप तमिलनाडूजिस पुर्देश का नाम लीजिये हम उस पुर्देश में गयें गव माता की बात ले करके इसलिए पहली बात तो वही खंडित हो गया आपका अध्यान कपलोड मिल चल गया माफ करियेंगा लिकिन खंडित इस लिहाथ से संभवता नहीं होगी 81 दिनों की 403 विधानसभा की जो यहीं से पता चल जाता है कि आप केवल एक पोर्शन दिखा करके सारी बात आप सेट अप करना चाहते हो आप पोरशन मत दिखाये आप इन टोटल आकलन करिये हम तो यार हैं अपना परिच्छा देने के लिए जिस तरह से आप मुखर हैं यूपी को लेकर यूगी को लेकर आप वो भी हम बता देते हैं यूपी के लेटर के इसलिए मुखर हैं कि हमने पहले तो पूरे देश की यात्रा की हर प्रदेश में गए और हर प्रदेश के मुख्य मंत्री से, राज्यपाल से, वहाँ के लोगों से समभाद किया और वहाँ पे अपनी बात उठाई उसके बाद फिर क्या इसका प्रभाव जंता में पड़ सकता है और विहार में हम उसी समय गए जब छणा गोशित ही होने वाला था और वहाँ पर हमने सब पार्टीयों से कहा कि भाई गौमाता की रक्षा के लिए कौन खड़ी हैं जड़ा बताये हम लोग उसको वोट देना चाहेंगे कोई पाकी रख्षा करना चाहते हैं और इस बात को अगर आगे बढ़ाये जाये तो इसका एक अच्छा दबाव राजनितिक दलों पर भी पड़ सकता है और वातरवरन भी बदल सकता है तो हमन इन पांच प्रदेशों में सबसे जादा गाय की घटोतरी कहां हो रही हैं और आपको बताना हम चाहेंगे कि जो आंकडे निकल करके आये आप भी अध्यान कर लीजिये उसको उसपे काम करिये कि आंकडे जो निकल करके आये वो केवल पांच प्रदेश की बात नहीं है पूरे � बंगाल में तो 8 % गाय बढ़ रही है, जारखंड में तो 13 % गाय बढ़ रही है जो सरकार का आंकड़ा है यह हमारे घर का आंकड़ा नहीं है हमारे मठका नहीं है घट रही है घट रही है घट रही है घट रही है नहीं केरल में बढ़ रही है गायों की संक्या बंगाल में बढ आदेशे प्रदेश, आदेशे प्रदेश ऐसे हैं जहां घट रही हैं गायों की संक्या, उन घट रही हैं जहां इस तरह कोई प्रावधान नहीं है, कॉंग्रेश शासित केरल है या तमिलनाडू जहांकि सरकार तो सुप्रीम कुड चली गई उसके खिलाफ और उस फैसले को पलटवा दिया गया या करनाटक जहांकि मंतरी खुलयाम कहते हैं कि गाएं भी कटेगी वहां बढ़ रही हैं गायों की संख्या आप यह कह रहे हैं बर।जी यह सरकार का आकड़ा है हम नहीं कह रहकड़ा कानून कागज में हैं, हम मना नहीं कर रहे हैं पहले जो कानून 1955 में यहाँ पे गोबिंद बल्लब पत्र जी ने बनाया था उसी को 2019 में अधितनात जी ने कड़ा किया है हम मान रहे हैं कागज में बंद कानून का क्या फायदा गाय माता को कि मोके पर गाय माता लापता होती चली जा रही हैं और बड़ी तेजी से इनकी घटोतरी हो रही हैं लाखों की संख्या में गायें पिछले पांच वर्षों में घट गई हैं तो ऐसी परिस्थिती में जहां गाय की सरवाध कि जहांपे जदा हानी हो रही है वहां पे पहले काम करेंगे तो हमने उतर पुदेश चुना है कि आगे जी कि आप केरल भी जाएंगे तमिल लाड़ में यासी यात्रा नहीं चाहेंगे क्यों नहीं जाएंगे देखी है हमारा लक्ष क्या है हमारा लक्ष है कि हम बड़े गर्� हमारे संकल्प की सिध्धी के लिए हम भाजपा को सबसे अच्छा मान रहे थे कि ये भाजपा आई है ये गौ माता की रक्षा का बचन दे रही है इन्होंने पोस्टर बनाये थे नारे बनाये थे कि ये नरेंद्र मोदी को मतदान गौ माता को जीवन दान इन्होने तरह तरह के और कुछ करें चाहें ना करें कमसे कम गायका कर देंगे तो चलो एक काम तो होगा फिर दूसरा देखा जाएगा लेकिन बारह साल से नरेंदर मोधी जी केंदर में बैठें नौ साल से आधी तिनाथ योगी जी उतरपदेश में बैठें आज तक हमारी एक जो मूल भूतमांग है कि गाय को पशु ना कहा जाये माता करके पुकारा जाये वो भी पूरी नहीं हो पाई है और जो ये तो थेवरी की बात है और प्रेक्टिकल में गायों की जो दूलतशा है पू जो आप लोगों के सामने बोलता है कि मैं बारा लाग गायों की गव आश्रे केंडरों में अच्छी बेवस्ता कर रहे हैं 2000 करोड रुपया हमने निकाला है हमने सब जगह पे पूछा कि बताओ क्या हालत है तो लोग कहने लगे कि बहुत खराब हालत है और एक पतरकार ने कचरा खाने वाली गाई बच सकती है इसा मेरा भरोसा है लेकिन इनके गौव आश्रे केंडर में चली गई फिर उसका बचना मुश्किल है क्योंकि ना तो वहाँ चारा है ना तो वहाँ पानी है ना तो कोई देखरेक है और जैसे ही दूबली हो करके वो धीरे धीरे मर जाती है इसके लिए योगी नहीं तो कौन?
आप पहली सवाल का जवाब ले लो फिर दूसरा सवाल पूछो आपने पूछा कि किस पार्टी पर आपका भरोसा है हम वता रहे हैं आप उसको सुनना नहीं चाहते हो हमारे मन में सबसे ज़्यादा भावना भाजपा के लिए हो गई थी ले की ये बिल्कुल जूता बादा इन्होंने किया ये तो बिल्कुल और खराद निकल गये तो ऐसी परिस्तिती में हम स्वयम चल करके सभी देश की सभी बड़ी पार्टीयों के दर्बाजे पर गये दिल्ली में हर पार्टी का दर्बाजा हमने खट -खट आया है ऐसे नहीं बैठसे पूछा है कि आर्थी करते हुए, पूजा करते हुए, दुलारते हुए, पुछकारते हुए दिखते हो और जब डाटा निकल के आता है तो उल्टा निकल करके आता है इसलिए साप साप बत हमने पार्टियों पे भरोसा छोड़ दिया जब भाजपा नहीं कर पाई तो कौन दूसरी पार्टी करेंगे आप बताओ तो अब आपको किसी पर भरोसा नहीं है नहीं है ना ना बिल्कुल नहीं किसी नेता पे नहीं है किसी पार्टी पे नहीं है बिल्कुल साफ तो एसी परि राजनीती से आप कहते हैं, आपका कोई लेना देना नहीं, लेकिन बंगाल में उमीदवार उतारें, निर्दलिये के तौर पर, गौ भक्त, गौ सेवा, बेहार में माफ़ करियेंगा. तो अगर यहां पर भी इसी तरह की कोई प्रयास होता है, तो आपको नहीं लगता कि नुक हम हिंदुवों के गुरू हैं हम हिंदुवों के फायदे के लिए काम करेंगे लेकिन बतेगा नहीं हिंदु वोट अगर आप निर्दलीयों के द्वार उतारेंगे महाराज जी जो सनातनी हिंदु हम हैं हम सब के बारे में सर्वे भवन्त सुकिना की कामना रखते हैं लेकिन सर जो आप लोगों ने perception बना के धारणा बना के खड़ा कर दिया है कि भाजपा को दिया गया वोट सनातनी वोट है और बाकि कहीं अगर चला जाएगा तो वो सनातनी नहीं रहेगा बताईए ये कैसे सनातनी है भाजपाई ये 14 साल से वहां बैठे हैं 12 साल सेऔर 9 साल से यहां बैठे हैं और आज तक गाई को पशु कहा जा रहा हैं ये सनातनी हो सकते हैं हम खारिश करते हैं इनको कि ये सनातनी नहीं है ना इनकी पार्टी सनातन हितों की रक्षा करने वाली पार्� मैं कह रहा हूँ योगी नहीं तो कौन, विकल्प क्या?क्या अतले शादवी आपर आये, आप से मिले?
क्या उन्होंने कुछ आश्वसन दिया, गौमाता कुरे कर?
ऐसा है कि विकल्प हम देंगे, सनातनी विकल्प देंगे हम हम दूद के जले शाच भी फूंक फूंक के पीने � अखलेश यादव को सनातनी नहीं मानते हैं अखलेश यादव को सनातनी नहीं मानते हैं जहाँ तक आपका सवाल है अखलेश यादव के बारे में तोड़ा आप जल्दी करते हो किसी सवाल को हम छोड़ते नहीं है लेकिन आपको रहता है कि जल्दी से इसी पर बोल दें अखले सनात्वन धर्म के प्रतीकों का गोर अपमान किया गया बटकों की चोटी उखाड उखाड के उनको पीटा गया विरद संतों को साधवीयों को पुलिस के जोतों ने रहून दा और उसके बाद ना तो कोई जाच कमीटी बैठाई गी ना किसी अधिकारी पे कारवाई की गई बलइन सब परिस्तितियों को जनता ने देखा है इसलिए सनातनी अगर होते तो सनातन के प्रतीकों पे प्रहार ना करते किसी व्यक्ती पे प्रहार कर सकते हैं लेकिन प्रतीकों पे बतुक ने क्या बिगाडा है उतरपदेश की सरकार का तो ऐसी परिस्तिति में सनातनीयों के साथ क खड़ा हुआ सुनीतिल भराला नाम का एक भाजपाई नेता था उसने इसतीफा दे दिया कहा कि मैं इसको स्विकार नहीं करता हूं ये गलत है मेरी पार्टी ने किया मैं गलत मानता हूं इसके अलावा बताये कोई उधारन है तो सनातन प्रती को अपमान होगा और पूरी सन अपमान करने वालों के साथ खड़ी हो जाएगी और उस समय कोई विया करके उनके गाव पे मरहम लगाएगा तो किसी को अच्छा नहीं लगेगा दूसरी बात है आप अखिलेश यादव को योगी से बड़ा सनातनी मांते हैं अरे भाई हम ये कह रहे हैं कि सनातनीयों की पीड योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी से बड़े सनातनियों करते हैं योगी स तो जो पीट रहा था वो सनातनी हो नहीं सकता हो सकता है नहीं हो सकता है बोलो पहले इतना बताओ तब हम आगे बात करें नहीं तो हम बंद कर देंगे पहले ये बताओ सनातनीयों के उपर लाठी बारने वाला सनातनी हो सकता है नहीं हो सकता है नहीं हो सकता है ठीक हैहो सकता है नहीं हो सकता पहली बात तो ये सनातनी नहीं दूसरे जब सनातनीयों को लाठी मारी जा रही हो उस समय अगर उनके साथ कोई आके खड़ा होगा तो सनातनीयों को अच्छा लगेगा कि नहीं अच्छा लगेगा ठीक है इतनी बा अखिलेश के बारे में लेकिन आप जो पूछना चाहते हैं कि क्या सनातनी वोट अखिलेश को जाएंगे मैं नहीं पूछा महराज जी यही गुमा फिरा के यही पूछ रहे हो महराज जी इजाज़त से माफ़ी चाहूंगा मैं सवाल पूछना चाहते हैं मैं सीधा पूछूं� उनको आप सनातनी मानेंगे और उनसे आप गौमाता को लेकर उमीद करेंगे क्या?हमने क्या कहा?अखलेश यादव ने बयां दिया था 27 माँच 2025 उन्होंने कहा था कि BJP को दुरगंद पसंद है इसलिए गौशालायं बना रहे हैं हम इत्रपार्क बना रहे हैं तो महराज जी � अखिलेश के इस वक्तवे पर हमारा क्या वक्तवे था वो निकाल के दिखाओ नहीं पूछ नहीं रहे हैं हमने भी वक्तवे दिया था हमने भी अखिलेश यादो के इस वक्तवे पर अपना काउंटर वक्तवे दिया था बताईए क्या था वो वो वक्तवे क्या था वो बताई� हम जानते हैं अखिलेश यादो ने जब ये बक्तव विदिया तो हमने उसका काउंटर करते हुए अपना बक्तव विदिया आप उसको कोट करिये अगर अभी आपको याद नहीं है तो इस पोडकास्ट के बीच में लगा करके कोट करिये कि हमने क्या कहा था चीक है मैं लगवाहै हमने उनको सनातनी नहीं कहा आप हमको जबरदस्ती कह रहे हैं कि वो सनातनी है की नहीं है सनातनी है की नहीं है हमने यह कहा कि जिस समय सनातनीयों को पीटा जा रहा हो उस समय सनातनी के साथ जो खड़े होगा उसको क्या मन को अच्छा नहीं लगे� तो आपको लगता है उनको मतुराख के लिए करना चाहिए हमने उनको सनातनी कहा है तो आप उनको सनातनी नहीं मांते हैं आप नहीं मांते हैं कहा क्या नहीं कहा मतलब आप नहीं मांते हैं कहा क्या नहीं कहा नहीं कहा आप नहीं कहा आपने नहीं मांते हैं महाज वो हमारे पास आये एक बार बारह मार्च को आये एक बार अभी इसी यात्रा के बीच में आये लेकिन हमने उनको दो बार आने के बाद भी सनातनी नहीं कहा उसके बाद भी आप प्रस्ण पूछते हूँ आप क्या कहना चाहते हैं?
मैं गौमाता पर एक सवाल पूछूंगा आ� जिनको गौशाला से दुर्गंद आती हैं उनसे तो आपको उमीद होईगी ही नहीं मेरे को लग रहा है हमने कब कहा कि हमको इनसे उमीद है अगर कभी कहा हो तो आप हमसे प्रश्न पूछीए लेकिन हमने कहा ही नहीं है और आप लोगों के दिमाग में सडन पैदा हो चुकी है इसलिए आप इस तरह का प्रश नाम से पूछ लाएं कैंसरस प्रश।हमने कहा हमने मतदाताओं को जिसमें सभाजबादी पार्टी के लोग भी बहुत संख्या में सामिल थे हमारी आत्रा के समय में जहां जहां सबा होती थी उनके गंचे से उनकी तो�हमने कहा कि संकल्प करो कि हम उसी को ओट देंगे जो गौमाता के लिए स्पश्टता के साथ खड़ा होगा संकल्प लिया उन्होंने हां लिया संकल्प लिया गौमाता को लेकर उन्होंने आश्वासन लिया हमारे सामने जो जंता आयी थी सबने संकल्प लिया अखिलेश याद� हमने कहा बईया ऐसा है कि आप आये हो आपने कुम्ब के समय में सनातनीयों के पक्ष में खड़े हो करके हमारे लोगों को अच्छा लगाया इसके लिए आपको धन्यवाद है और आप अच्छे काम करो उसके लिए हमारा आशिर्वाद है विक्तिगत आशिर्वाद है जहां तक तो आपने जब महराजी अच्छी बात आपने स्पश्ट की आपने उनसे मथुरा पर स्पश्टता मांगी ये योगी आदित्यनाद भी मांग रहे हैं मैं आपसे कहा हूँ क्योंकि योगी आदित्यनाद सुनो तो सुनो तो अच्छा जीज़े आप पूरा कम्प्लीट करो आप कि आपने गौमाता को लेकर स्पश्ट राय मांगे अखिलेश आदव को मतुरा पर भी राय स्पश्ट करनी चाहिए महराज जी ये मेरा सवाल है ऐसा है कि मतुरा पर स्पश्ट राय अखिलेश से हम बाद में मांगेंगे पहले तुम्हारे आदितनात से हम मांगते हैं नौ सालतो लोगों का ध्यान डाइवर्ट करने के लिए आप वहाँ कार सेवा सुरू करवा रहे हो।क्या जंता इतना राजनीती अब नहीं समस्ती है।
कार सेवा तो सही है।
नहीं नहीं आप बताओ।कार सेवा गलत नहीं है।लेकिन जिस टाइमिंग की बात है, टाइमिंग देख हम जाएंगे अधितनात क्या करेंगे गिरब्टार करेंगे तो मुलायम सिंग वो भी बन जाएंगे अगर अभी हम कुछ कर दें तो वो क्या करेंगे देखिये 9 साल से जो व्यक्ति मुख्य मंत्री पे गर्दी पे बैठा हो और वो आज तक मतुरा के बारे में कुछ ना किया हो वो अखिलेश यादव से सवाल पूछता है माराजी मेरी सहमती है मैं तो कह रहा हूँ आप कह रहे ना योगी सनातनी नहीं है मैं उनको छोड़ देत अभी पहली बार हमारी संगत में आने के बाद समाजवादी पार्टी के साथ सनातन सब्द जुड़ा है अभी बहुत सुरुवात जैसे लकडी के नीचे आग जलाई जाये तो धीरे धीरे वो काली होने सुरु होती है फिरलाल होती है अभी पहली बार समाजवादीयों ने सनात मतुरा में कार सेवा की बात है वो विल्कुल श्रद्धा भावना से नहीं है वो केवल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है एक जुधा प्रयास है मराज जी ये तो आप कह सकते हैं कि अखले शादव सनातनी स्टार्टिंग मोड में है तो उनको मतुरा पर रा�आखिलेश अग्याकारी है और उसने हमसे कहा भी कि जो आपकी आग्या होगी किया जाएगा तो इतना तो हमको अभी तक प्रतीती हो गया है इतना हमको अभी तक प्रतीती हुई है कि वो आग्याकारी तो है अगर हम आग्या कर देंगे तो वो अपना रुक स्पश्ट कर देगा लेकिन हम इनके कहने से हम उनको कह देंगे कि तुम स्पश्ट करो क्यों कहें आपको नहीं लगता उनको कहना चाहिए नहीं नहीं आधितना शिवलिंक के प्रकट होने की बात आ गई, लोग सुप्रीम कोड चले गए, सुप्रीम कोड ने कहा एडिक्वेट प्रोटेक्शन किया जाएं, सुप्रीम कोड का आदेश है, आज भी लागू है, एडिक्वेट प्रोटेक्शन, तो एडिक्वेट प्रोटेक्शन क्या होता है, कि किसी मूर्ती का संदक्षन उसकी पूजा है हमारे सास्त्रों में साफ लिक्या हुआ है कि किसी मूर्ती का संदक्षन उसमें नियमित रूप से की जाने वाली पूजा है तो हमने कहा कि बाई जब सुप्रीम कोट कह रहा है साफ साफ कह रहा है एडिक्वेट प्रोटेक्शन दपूजा करने जाएंगे पूजा की थाल ले करके निकले यही आधितनात है जिसने हमारे मठ को चारों तरफ से घेर लिया और हम एक स्वाट घंटे तक बिना जल का एक बूंद पिये बिना अन्न खाये बिना कुछ स्विकार किये एक स्वाट घंटे तक बैठे रहे साड़े समझ रहे हैं यही आदितिनाथ है जिसके कारण आज विशुनात जी में पूजा नहीं हो पा रही हैं सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में होने के बाद भी हम विशुनात जी में पूजा अगर आज नहीं कर पा रहे हैं तो इसी कलंकी आदितिनाथ के कारण नहीं कर प वहां जब सुप्रीम कोड़ का अधेश है तो पहले मतुरा क्यों जाना है पहले काशी जाकर के रुद्रा विशेक कर?काशी पर बात कर आ करिये काशी पर बात कर आ करिये आपने में जोगी अधितिनात को कलंकी कहा कहा कहा जो कहें जो हमको प्रतीत होगा हम कहेंगे अगर भार तो फिर हमको निकलवा दीज़े देश निकला करवा दीज़े हम तयार हैं लेकिन जब तक हम हैं हमको जो प्रतिति होगी हम बोलेंगे आपकी जाज़ाथ से मैं काशी पर आ जाता हूँ आई आई स्वागत है जो कहे ग्यान वापी में शिवलिंग मिलना साजिश है सही है नहीं किसी ब्यक्तवे पर हमारी राह पूछ रहा है।
आप बसी बहा दीज़ी हैं।सुप्रेम पोर्ट ने वर्डिक दिदी हुई है।अंतरी महाधेश किया हुआ है।
महाराज जी मेरा सवाल इतना कठीन नहीं है।वो साधेश का लाब आप नहीं ले पार है।मैं सीधा सवाल �
सनातनी नहीं है ना महराज जी भाई ये वक्तवे देने वाला सनातनी नहीं है ये अखिलेश यादव का वक्तवे है वो हम कह रहे हैं तो ऐसे मैं आपको दस वक्तवे दिखा सकते हूँ अखिलेश यादव के अरे भाई दस नहीं है आप पासो दिखा दो सैकनों मंदिर और उनकी मुर्तियां तोड़े जाते हुए इसी आधितनाग के द्वारा देखा है ये कलंक की है ये कलंक की है कारसेवकों पर गोली चलते नहीं देखा ये कलंक की है कारसेवकों पर गोली चलते नहीं देखा ये कलंक की है कारसेवकों पर गोली चलते नहीं दे� कार सेवकों के उपर गोली चलाने वाले को निर्मार समिती का अध्यक्ष बना चरके बैठाते हो तुम्हारी जीव में इतना का कहाँ से आती है तुम्हारी जीव में इतना कहां से आती है तुम्हारी जीव में इतना कहां से आती है तुम्हारी जीव में इतना कहां से आती है त अधितनातियोगी को ले करके हैं बात्मा को ले करके हैं ये तीरों को ले करके हैं आप लोग केवल मुलायम सिंग्यादाव को दोशी ठेराते हो और आप दोशीयों को पुरस्कृत करने माराज दोशीयों को पुरस्कृत करने वालों को भी तो उसमें साथ नहीं करो मुलायम सि हम जो कही नहीं रहे हैं हम कह रहे हैं कि मुलायम सिंग् यादव दोशी है दोनों इनको भी उसमें शामिल करो आप कहते हैं मुलायम सिंग् यादव दोशी है कि नहीं अरे हम दोशी कह रहे हैं तभी तो कह रहे हैं कि इनको भी शामिल करो उसमें आप इस चीज को क्यों गुमाजब हम कह रहे हैं कि मुलायम सिंग् यादो ने तार सेवको के गोली चलाई गलत था उनको क्यों पदबु भीवशन दिया गया जिसने उनको परस्कृत किया वो भी उनी का साती है जिस अधिकारी के दोरा ये आदेश निरगत किये गया हस्ताक्षर किया गया उस अधिकारी को � तो ये तीनों को तो साथ में बोलो आप एक को बोलते हो दो को छोड़ते हो ये आपकी गल्टी है अब ये आपकी कनिंगनेस है महराजी नहीं थी कि मेरा काम है जैसे प्रभुराम को कबजा धारी बताने वाले कार सेव को पर गूली चलाने वाले राम मंदिर को बेकार बताने � लेकिन सचाई ये है कि ये सब आपके सवाल तब लागू होते हैं जब हम मुलायम सिंगे आदव को कहते हैं कि वो सच्चा सनातनी है वो कार सेवकों के उपर गोली चलाने का दोशी नहीं है तब ये सब बात प्रासंगीक थी जब हम कही रहे हैं कि वो उनका गलत निरणे था तो आप उसमें अच्छा बात करते हो ये आपकी मतलब कम ही है हमारी द्रिश्टी जो है हमारी द्रिश्टी पॉलिटिकल द्रिश्टी नहीं है हमारी द्रिश्टी में जिसनें गलत किया वो चाहे किसी पार्टी का हो गलत है तो इसलिए हम कहते हैं कि बलायम सिंग गलत और मुलायम सिंग् को पदमा भूशाम देने वाला गलत और वहाँ पर जो है ऐसे अधिकारी को मुख़िया बना करके बैठाने वाला भी उतना ही गलत तीनों को एक जैसी सजा दी जानी चाहिए और महराज जी जो ग्यानवापी में शिवलिंग को साजेश बता है वो भी गल
सनातनी हाया ना?
एसा है कि सनातन धर्म के विरुद देश का कोई भी नेता हो जब हम नरेंदर मोधी और आदितनाथ योगी तक को नहीं छोड़ रहे हैं तो हम किस नेता का पक्ष लेंगे बताओ इस तरह का सवाल पूछ करक और सबसे बड़े देश के प्रदेश के मुख्य मंत्री के बारे में जब अपनी स्पस्ट राय दे रहे हैं तो अब कौन बचता है?अच्छा मैं आप से पूछता हूँ अखिलेश आदव स्टालिन के साथ फोटो डाल कर बोलते हैं कि हमेशाद मुश्किल वक्त में जो साथ द अपने अखिलेश पर सवाल आप भागवत जी पर चले जाते हैं महराज जी सुनो तो जब मोहन भागवत ये कहते हैं कि हिंदू बच्चे 50 साल के लिए अपने देवी देवता भूल जाएं तो उनको आप शामिल नहीं करते हैं अखिलेश के साथ नहीं मैं बोल रहूं आप उन अगर किसी नेता को भारत में राजिया के लिएहै तो सनातनीयों को साथ ले करके चलना होगा सनातन धर्म के विपरेट कारे करने माला फुक्रा दिया जाएगा सनातनीयों की जागरती इसपस्ट हो रही है कोई नहीं कोई नहीं ना योगी ना खिलेश जो हमारे लिए खड़ा होगा हम उसको अपना मानेंगे और नहीं तो हमारा सगा भाई भी हो तो हम उसको धक्का मारने के लिए समय तयार कड़े हैं।क्योंकि इसमें होता ही है महराज जी माफ़ करियें मैं बार बार इसलिए सवाल पूछता हूँ क्योंकि आजकल राष्वे स हम अपनी बात कह रहे हैं आप अपनी बात कह रहे हैं मेरा अगला सवाल हनुमान गड़ी में नमास को लिख रहा है मेरा अगला सवाल उस पर भी आपने योगे अधित्यनात से स्थीफा मांग रहा है नहीं स्थीफा की बात यह है कि जूट नहीं बोलना चाहिए किसी भी देख सीडियों में नमाच कराया गलत है जूत है तो हमने कहा जूत बोलना ठीक नहीं है इसमें क्या गलत है परिशर में हुई थी सीडियों पर नहीं हुई थी परिशर में हुई थी भी ठीक है तो सीडियों पर क्यों कहा बात तो स्पेसिपिक है न परिशर में हुई थी नहीं नहीं और फिर आदी बात बताते हो परिशर में नमाज हुई थी एक जो संथ हैं सागरिया पटी के मां ज्यानदास जी महाराज के हाँ किन परिस्थितियों में हुई थी जब राम जन्म भूमी के लिए दोनों पक्षों में पाचीत चल रही थी और इधार ये तई हुआ था कि ज्याके हाँ नमाज पढ़ी जाएगी और बाबु टेलर के मस्चित में हन्मान चालीशा पढ़ी जाएगी और दोनों हुआ तो केवल नमाज की बात आधी बताते हो हन्मान चालीशा जो मस्चित में पढ़ी गई उसकी बात क्यों नहीं बताते उसको क्यों छुपाते हो ये दोनों सिक्वेंस में था ये इधर करेंगे वो उधर करेंगे तो ये तो आदी तनात नहीं बोलता है आदी बात बता करके और उसमें भी जूट मिला करके जूट मिला के क्यों बोलते हैं महराज जी सवाल ये नहीं है पढ़ी गई नहीं पढ़ी गई कहां पढ़ी गई सवाल ये है सवाल अखले शादा से होता है जवाब आप देते हैं यह सवाल समाजवादी पार्टी से था जवाब आपका आया अच्छा हम अकलेश यादव के हाँ क्या -क्या सवाल हो रहा है उसको यहाँ से सुन रहे हैं तो उनसे पूछा गया था आपने जवाब दिया हमसे आप सवाल पूछ रहे हो तब हम जवाब दे रहे हैं अकलेश या� तब हम जबाब दे रहा हैं अखलेश यादव के हाँ क्या पूछ रहा है हमें क्या पता अखलेश यादव ने भी डिनाई नहीं किया और इतना बचा पार्टी नहीं करती चितना समाजवादी पार्टी का आप करते हैं कभी कभी ऐसा आरोप आपर लगते हैं आप आरोप लगा तो कहते हैं आपके लिए जो सोचल मीडिया पर कहा जा सापाचारे अभी मुक्तेश्वरा नन आपको बुरा लगता है महाराची बुरा लगने की बात यह है कि जब कोई सभ्य वेक्ती परमाण पुरस्थर कोई बात कहें तो हम उसका बुरा भला माने हाथी चला बजार कुट्सपाचारे कहो, भाज़पाईयों के पास तीन तंगे हैं जब इनके अनुसार का कोई नहीं होता है तो या तो उसको सपाई का अंग्रेशी कहते हैं या तो अर्बन नक्षली कहते हैं और ये आश्वरदो आश्वरदो ही कहते हैं तो इन तीन मेंसे सबसे पहला वाला तं� योगी संत कहने वाले जब भाजपा राजनिती कर रहे हैं और कमल का फूल ले के घूम रहे हैं सादु हो करके भी पैजामा शाप लोगों से अपने कंदे पे हाथ रखवा करके गर्ब समझ रहे हैं उसके लिए कोई उनके पास कोई बात नहीं है अगर गवमाता की बात कर रहे अभिमुक्तिशरुद्दीन हो गए नहीं आप शंकराचारे महाराची से हो गए ये सब हो गए लेकिन सचाई ही है हमारे देखो हमारे अंतरात्मा में जिस दिन हमको धिकार आएगा न उसी दिन हमारा मुह जो है कुमलाएगा हमारे मन से अभी तक हमारे स्वेम के लिए हमको ग और उसी के बाद सुदेश की जंटाने उनको ठीकाने लगा दिया।
आपने माफ कर दिया अखले शाल?
लगाया था की नहीं लगाया?बिल्कुल लगाया, बिल्कुल लगाया. वो माफी नहीं किया, पहले दंड दिया, उनको हमने दंड दिया, वो गधी से उतरे तब उनको एहअगली बार उनको कह दीजेगा कार सेवको पर गोली चलानी के लिए भी माफ़ी मांग ले वो मेरे खाल से जो आप जो जो वो चाते हैं सनातनी इरी ब्रेंडिंग महराज जी तो वो मेरे खाल से उसमें बहतर हो सकेगा शायद बात ये है कि आपके कहने से अगर हम किसी को सलाध देने के लिए तो पिर हम आपके नोकर हो जाएंगे नहीं नहीं महराज जी आप शंकर � माराज जी उद्धाब पास करते हैं माराज जी मैं सवाल पूछते हूँ माराज जी मैंने कहा कि उनको माफ़ी माफ़ी चाहिए क्योंकि वो आपके निकट हैं क्योंकि वो आपके निकट हैं माराज जी क्योंकि वो आपके निकट हैं हमारे में विवेक हैं कि हम किसको क्या कहें मराज जी उद्धव जी को लेकर एक सवाल था उद्धव जी को लेकर जो आपने एक बार कहा था कि उनके साथ विश्वास गात हुआ आपने कहा था कि आपका दर्ध तब तक कम नहीं होगा जब तक वो दुबारा सीयम नहीं बनते यह उनका बयान है तो वो दर्ध कम हुआ हमने कहा ऐसा है कि आप इंदी गठवंदन में चले गए हैं, इंदी गठवंदन वालोय नेथाओं से आप मिलते जुलते रहते हैं, आप उनसे गाई की बात करियें, कि गाई के बारे मेंउनके क्या विशार हैं और वो आपसी बातचीत करियें हमको बतायें कि क्या बादा है उनको गाई को राष्टमाता गोशित करने में और उसको एक दर्जा देने में सम्मान जनक दर्जा देने म पहली बात तो उन्होंने सेवा पूछनी नहीं चाहिए थी और अगर पूछी थी तो उसको निवाना चाहिए था कम से कम यही फोन करके कह देते कि हमारी बात नहीं हो पाई महराज जी तब भी हम मानते कि चलो रिपोर्टिंग तो किया ताम भले नहीं किया एक बात दूसरी ब उनको हमारे पास बेजा चार पांच लोगों के साथ उन्होंने आकर के कहा कि महराज जी आपने कहतो दिया कि हमने दोखा दिया लेकिन हमारा पक्ष सुने बिने कह दिया आपको दोनों पक्ष सुनना चाहिये था हमने कहा हमने नहीं सुना और कह दिया क्योंकि हमको लगा तो हम एकनाथ आ करके कहें, चाहे तो आप उनकी करब से कहो जाओ फॉन से पूछो वो बाहर जाकि फॉन से पूछ कि आये उन्होंने कहा कि मुझे उन्होंने अधिकत कर दिया है कि मैं उनका पक्षा आपके सामने रखूं तो हमने कहा कि ठीक है रखो तो फिर उन्होंने अमारे सामन महराजी के बात ठीक है, हम जबाब नहीं दे पाएंगे।हब हम ये कह रहे हैं कि ये कलंक लेके मैं जीना नहीं शाहता।इसलिए महराजी हमको प्रायस्यत बताएं।
तो आपको हम बताना चाहेंगे कि शंकराचारी का पद इसलिए है कि अगर कोई दोशी पापी हो जाए तो प्रायश्चित पूछे तो उसको प्रायश्चित बताकर के शुद्ध कर लें बताईए 100 एकड जमीन दे दें, 500 एकड जमीन दे दें, 1000 गायों का, 5000 गायों का, 10 ,000 गायों का क्या बेवस्ता करने हैं आप बताईए हमने कहा ये सब करने से नहीं होगा तुम इस समय मुखे मंतरी हो तुम गौव माता को राज्य माता गोशित करो ये तुमारी सेवा है तो उन दिर्डता के साथ कहा कि मैं करूँगा मैं सिवा जी का भक्त हूँ शिवा जी ने गौमाता को सबसे बड़ा सम्मान दिया था मैं ये दूँगा और भाजपा के लोग उसके समर्थन में थे वो छोटी पार्टी का मुख्यमंत्री था कोई तयार नहीं था लेकिन उसने कहा कि सर और जो राजे माता का प्रोटोकॉल बनना था जो गवु माता का प्रोटोकॉल बनना था वो आज तक नहीं बन पाया हम कहते हैं कि भाजपा किसी कारण से अटाये वो उनका आपसी मामला है हम उसमें दोशी नहीं कह सकते हैं हम कह रहे हैं कि वो उनका आपसी मामला था कौन �तक फर्णवीश जी वो प्रोटोकॉल नहीं बना पायें दो बार हम चिठ्ठी लुख चुकें लेकिन वो इसका बारे में तयार नहीं है माराज जी आप बिलकोल ठीक कह मूल जाना देश तो बीजेपी और उद्धव के पक्ष में था उन्होंने बीजेपी को छोड़के ये कॉंग्रेस और एंसीपी के साथ सरकार बनाई तो विश्वास घात तो बीजेपी के साथ हुआ मूल जनादेश महराज़ में बीजेपी और उद्धाव ठाकरे के पक्ष में आया था वो उद्धाव ठाकरे अलग हुए थे तो विश्वासगात बीजेपी के साथ हुआ था महराज जी ऐसा है कि उनके साथ विश्वासगात की बात हम कर रहा हैं आप सरकार की बात कर रहा हैं ह उद्धाव ठाकरे के साथ उनकी पार्टी के लोग ने विश्वास गात किये हैं हम यह बात कह रहे हैं हम उद्धाव ठाकरे से मिले थे महराश्ट की सरकार से नहीं मिले थे कि हम जो प्रस्णाप उठा रहे हैं हम उठाएं हम उद्धाव ठाकरे से मिले थे महराज जैसे होत व्यक्ति शंकराचारे का दर्द किसी के CM बनने या ना बनने से अगर बड़े या गटे तो ये आशारे चकित नहीं करता नहीं नहीं करता देखिए कौन मुख्यमंतरी बनता है कौन नहीं बनता है इससे हमें कोई लेना देना ही नहीं है आपने कहा था सुनो तो आपने कहा था हमने कहा था कि हिंदू धर्म में विश्वास गात को स्थान नहीं है इसलिए आपके साथ जो विश्वास गात हुआ है वो हिंदू धर्म के अनुरूपात नहीं हैनहीं महराजी, आपने दर्म पर कीके हुए हैं।आपने ये भी कहा था, आप दिनाई कर दीज़िए कि आपका दड़ तब तक कम नहीं होगा जटक वो दुबरा सीम नहीं बन अगर आपने त्याग पत्र ना दिया होता तो आपको रिस्टोर कर दिया जाता है हमारी शंक्राश्यार जी की बात उसको सुप्रीम कोर्ट ने डिक्टो किया सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनके साथ अन्याय हुआ अगर इन्होंने इस्तीफा ना दिया होता तो हम इनको रिस्� क्योंकि पॉक्सो कोट के आदेश पर F .I .R हुई पॉलिस विवेचना में यौन शोषन की पुष्टी हुई 164 के तयत बयान हुआ, ADG के सामने बयान हुआ, Medical Report में भी ऑन शुर्षन की पुष्टी हुई तो महराज जी, शंकराचारे जी, किसी शंकराचारे जो की सनातन की सबसे बड़ी पदवी है अगर उस पर इस तरह के गंबीर आरूप लगते हैं तो क्या आपको जवाब न महराज जी ग्रहन भी लगता है ये पॉक्सो ग्रहन की तरह हैं सूरे ग्रहन आप सूरे हैं लेकिन ये ग्रहन हैं शायद देखिए ग्रहन जो लगता है उस ग्रहन में थोड़ी देर के लिए सूरे पे संकट आ जाता है हमारी वालएक खण के लिए भी संकत नहीं आया क्योंकि ये ग्रहन नहीं था ये जो है पूरी तरह से एक बादल सामने आ करके सुरज को ढखने की कोशिश कर रहा था तो मुकदमा चल रहा है और वहाँ पर नि हर जी केस में फसाये गए हैं, सुप्रीम कोर्ट के वकिल ने अध्यान करते हैं।
लेकिन महाराजी मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टी हुई है।
"99% accuracy and it switches languages, even though you choose one before you transcribe. Upload → Transcribe → Download and repeat!"
— Ruben, Netherlands
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Get started freeसुप्रीम कोर्ट?सुप्रीम कोर्ट?नहीं, मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टी हुई है महाराजी. नहीं, किस शीज की प क्योंकि आपर आरोप है उन्होंने आपका नाम लिगा है हमारा सीमन मिला है नहीं तो burden of proof आपर होगा पॉक्सो में burden of proof वो minor है आपको साभित करना होगा महराज़ी उनको नहीं साभित करेंगे न इतना जल्डबाजी में क्यों है आप कर दो अभी साभित कर दो अपनी नायाले अगर आप लोग बोलोगे तो हम चुप हो जाते हैं आप ही लोग बात कर लो इनसे कोई नहीं बोलेगा ऐसा है कि ये जो F .I .R. आपके हाथ में है इस F .I .R. के बारे में हम आपको बताना चाहते हैं पाकसो एक्ट है एक उस पाकसो एक्ट में ये कहा गया है कि किसी भी माइनर क्यों नहीं की बताओ?
क्यों नहीं की?
क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?
क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?
क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?क्यों नहीं की?
क्यों नहीं की?क्यों नहींहुई?सवाल सबसे बड़ा शुरू हो जाता है कि क्यों नहीं हुई?बताईए दूसरी बात ये है कोड़ ने कहा है कि मुकदमे के बारे में जादा ना कहो अभी हम उसके बारे में जादा नहीं कह सकते हैं लेकिन हम आपको F .I .R. जो आप हाँत में लेके लहरा रहे हो उसके बारे में हम आपको बत देते हैं यह F .I .R. अपने आप में गलत है क्योंकि पुलिस के दोरा ये उस ताकि हम साक्ष मिठा नहीं सके लेकिन ये सब तो कुछ किया ही नहीं है मराज जी अगर चार शीट होगी तो आपकी जो बेल एंटिसिपेटरी बेल करवा दो नहीं होगी आपको लग रहा है चार शीट करवा दो आपको लग रहा है नहीं होगी नहीं चार शीट तो लगेगी � माने एक अपरादीन है जो हिस्ट्री शीटर है उसने एक कलपित कहानी बनाई तो पुलिस भी कलपित कहानी ही चारचीट मिला देगी ये तो हम नहीं मांते हैं अप निर्दोष हैं पर मैं एक बात है कि स्याम व्यक्ती पर अगर आप पॉक सो लगे कोट के ओर्डर पर पॉक्सो हो, 164 के था बयान हो, ADG के सामने बयान हो, पुलिस विवेचना में याउन शोष्रण की पुष्टी हो जाए, मेडिकल रिपोर्ट में याउन शोष्रण की पुष्टी हो जाए महराज जी उसकी तो तुरंद गिरफतारी का परावधान है और चैन हाई कोर्ट में हमने यमानत के लिए आविदन किया हाई कोर्ट ने उसपे भास सुनी विस्तार से सुनी एक गंटा से जादा देड़ गंटा के करीब सुनीआगे जब मुकद्मा जल्दी से जल्दी चले लेकिन जल्दी भी नहीं चल रहा है अमारी तो यहीं कहना है कि बच्चों के साथ जिसने भी किया उनको नियाय मिलना चाहिए बात यह है कि किया कि नहीं किया अभी तो यहीं सनता है वो तो मेडिकल रिपोर्ट में कुछ अब वो हम नहीं जानते हैं क्या मेडिकल रिपोर्ट है क्या नहीं है अब अभी हमारे सामने थोड़े आ गई।
जिसने भी किया नियाय मिलना चाहिए।
आपके सामने अगर मेडिकल रिपोर्ट आ गई, पाकसो का मुकदमा कोड़ में चल रहा है और मेडिकल रिपोर्ट कौन कह सकता?मेरे पास है ही नहीं।आप बताईए।मेरे पास है ही नहीं।आप देनाई कर दीजें।मैं आप से सवाल पूछता हूँ कि अभी पॉक्सो का मामला है, कोड़ में एक मुकदमा है, तो मेडिकल रिपोर्ट आपको पैसे पता है।
मुझे पास नहीं है मेडिकल खबर है अरे खबर खबर कहां से आ गए इसका मतलब है कि आपके पास है वो रिपोर आपके पास रिपोर है इसे से पता चलता है कि ये मुकदमा नहीं है ये प्रिया ट्रायल है शंकराचारी के विरुद क्योंकि शंकराचारी गवमाता की रखशा की बात कह रहा है अरे तो भा इसका मतलब है कि नयायाले के कागज बत्तर मेडिया को दिखाये जा रहे हैं
है थीके महराज़ी थीके महराज़ी इसी से पता चल लेंगे 164 के बयान में माता पिता भी साथ में नहीं होते हैं और हमन चोपडा पतरकार को पता चल जाता है कि उसकी क्या रिपोर्ट है तीके रिपोर्ट में नहीं है इसका मतलब है कि ये संगराचार के लिए मेडिया ट्रायल पोर्ट मेरे पास नहीं है लेकिन ये चारों फेल्क से हैं आपकी इस बोलने से हम ये उधारणा निकालते हैं कि अंदर की सब बातें पबलिक हो चुकी है वो आपकी स्वतंतरता है महराजी शंकराचारे की पदवी को लेकर भी बहुत विवाद है अलग अलग दावे हैं उसमे क्या तीनों शंकराचारों ने आपको समर्थन दिया है?
नहीं, ये बताईए सुप्रीम कोड के जज्ज को लोवर कोड मानेता देती है?नहीं तो फिर विद्वत परिशेद कैसे शंकराचारी को मानेता देदेगी?
तो आपने दवा किया था कि तीनों शंकराचारों ने मानेता मेरे पास ये है निष्चनालन सरस्वती जी उन्होंने सुप्रीम कोट में एफिडेविट दिया वो एफिडेविट आपके सामथ में है बहुत बड़ी है अब इसको पढ़ते हूँ उस एफिडेविट में लिखा गया है It is stated that the applicant herein was never approached by anyone until now for an endorsementof Swami Abhimukteshwaranand Saraswati ji and hence the question of applicant endorsing the same does not arise. वो कहरें मैंने आपका endorsement पुरी के शंकराचारे निष्चलाननद सरस्वती जी ने नहीं किया।
नहीं वो एक कहरें है पुरी बात बोलिये।वो एक कहरें है कि क्योंकि मुझसे उन्होंने मांगा ही नहीं इसलिए मैंने नहीं किया।आपन इसमें कहा गया है इसमें क्या कहा गया है ये तो order है न ये तो epidemic है न मैं दुबारा से भड़ देता हूँ महराज जी आपकी जाज़त से आप पूरा वाके पढ़िये सोता भी ध्यान से सुन है मैं पूरा पढ़ लूँ महराज जी एम्पिसाइज करिये आगे सुनिएगा hence the question of applicant endorsing the same does not arise ये भी सुल्लीजी है तो इसका हिंदी अनवाध बताओ पहले मैं बता देता हूँ मुझसे कभी एपरोच नहीं किया गया इस लिहाज से ये सवाल ही नहीं उठता है कि मैंने उनको एंडोस किया तो अब इसमें कहां बिरोध है हमारा इसमें हमारा बिरोध कहां ह सुनो वो कह रहे हैं मैंने endorse नहीं किया सुनो तो भाई वो क्या कह रहे हैं पहले उसपे बात हो जाए फिर दूसरे पर भी होती है पहले उन्होंने कहा कि हमको approach ही नहीं किया इसलिए हमने endorse करने का सवाल ही नहीं है तो आपने कैसे कह दिया कि उन्होंने endorse किया यही ना सुनो इतऔर उसमें दो जज़ अगर एक तरफ हो गए और एक जज़ अगर विरुद्ध भी फैसला देता है तब भी कौन सा फैसला माना जाएगा Majority जो Majority फैसला है तो जब तीन संकराचयारियों को हमें endorse करना था दो ने कर दिया तो हम तीशरे के पास गए ही नहीं आपने का तीनों न हम पहले एक portion बता रहा हैं फिर वो portion भी बताएंगे आप क्यों गबराते हैं आपके किसी portion को हमना किया है नो comment कहा तो फिर आप क्यों गबरा जाते हैं हमने कहा हमारे सामने परिस्थिती ये थी कि तीन शंक्राचारी के द्वारा मानिता मिलती है तो दो शंक्राचारीयोंने क्योंकि पुरी के शंक्राचारी जी के बहुत सारे जो शिष्यें हैं उनके ट्वीटर हेंडल और जो फेश्बुक के अकांट वगरा होते हैं उनमें तरह तरह की बातें उस समय कही जा रही थी तो हमें ठीक नहीं लगा कि हमें एपरोच करें तो हमें एपरोच नहीं किया क्यो तो कौन हमारे उपर प्रशन उठा सकता है ये बताईए कोई उठा सकता है पहले इसका जवाब तो दे रहा हूँ अब एक सवाल का जवाब बाकी है पीछ में पूछना चाहाँ पूछ लो स्वामित महराज जी जब मैंने इस बाचित की शुरुवात की तो आपने मुझे on record कहा पूरी के शंकराचारे निष्चलानन सरस्वती जी ने कहा मैंने ना मुझे पूचा गया ना मैंने एंडोस किया तो क्या आपने पूचा गयाजी को लेकर धूता दावा किया महाराज जी ऐसा है कि आपको हम जो वस्तु स्थिती है वो बताना चाहते हैं ऐसा हुआ था कि हमारे गुरुजी का शरीर पूरा हो गया और हम लोग � तो हम लोगोंने टेलिफोन से भीरभार के समय में उनको अपने वकील को कहा कि आप ये बताईये कोर्ट को तो हमारे वकील ने क्या बताया कि दो शंकराचायरियों के प्रतंधी जुआरका के शंकराचायर जी और सिंगेरी के शंकराचायर जी दोना आपके साथ और उसी समय आ� उनका नाम वकील ने सुना होगा क्योंकि सब लोग तो बीडियो में जादा देख रहे थे उस समय तो उन्होंने ये कह दिया कि तीन शंक्राचारी का वो है समझ रहे हैं आपने पूरी को लेकर दावा नहीं करते हैं हम जूता दावा नहीं करते हैं तो उन्होंने कर दिया इ कि ये जो कहा गया है कि पुरी के शंक्राचायर जी ने भी endorse किया ये सही नहीं है भ्रम हो गया कांची के महाराज की बात को हमारे वकील ने गलत समझ लिया इसके कारण उनका नाम कोल दिया है तो वो भूल हुई थी वो भूल हो गई उसका स्पश्टी करण हम लोगों ने तीन �बाद ही सुप्रीम कोट में दाखिल कर दिया रेकॉर्ड का वो पार्थ है तो फिर तीनों शंकराचारे की एंडोस्मेंट नहीं है आपको तो तीनों शंकराचारे की एंडोस्मेंट या समर्थन नहीं है आपको पुरी के शंकराचार जी से हमने मांगा नहीं उन्होंने दिया नहीं विरोध नहीं है उनका कोई अच्छा विरोध नहीं है लेकिन एंडोस्मेंट भी नहीं है और हमको जरूरत नहीं है क्योंकि बहुमत से हमारा फैसला हो चिका है अभी कल की खबर है राम मंदिर समीती आदित नात नाम का जो व्यक्ति है ये विधान सभा में खड़ा हो के बोलता है कि यूही कोई भी अपने को शंक्राश्यार नहीं बोल सकता बोला की नहीं बोला जिन वासुदेवानन जी को लोवर कोड़ ने, अपिलेंट कोड़ ने, हाई कोड़ ने और सुप्रीम कोड़ ने सन्यासी भी मानने से इंकार कर दिया है उसको ये लोग शंकराशारे बना के गुमा रहा हैं पत्ताभिशेक पर तो आपके भी रोक लगी हैं हमारे पत्ताभिश जब अभिशेक हो चुका उसके बाद रोक का मतलब क्या है?
तो सुप्रीम कोड में रोक लगा ये महाराजी निकिस बाद में रोक लगा ये जो चीज हो चुकी है उसपे रोक लगा ये और केवल हम पे नहीं लगा ये उन्होंने कहा है कि कोई भी नहीं कराएगा तो इसलिए हम हमारे वीपक्ष में नहीं है इसलिए हम उसको अभी तक बेकंट नहीं कराया है लेकिन हम लोगों ने डाल दिया है और काशी विद्वत परिशत से मानेता है सुनो काशी विद्वत परिशत कौन होती है शंक्राचारी को मानेता काशी विद्वत परिशत देगीवही तो हमने पहले कहा था आपको अच्छा नहीं अच्छा सुनिये परिशत कौन होती है मानेता देने के लिए शंक्राचारी को कैसे मानेता देगी मुझे नहीं आप बताएंगे उनके उपर मानहानी के notice का दावा बना दिया है और अभी आदा गंते बाद हम उनको मानहानी की notice पूरे ट्रस्ट को दे रहे हैं क्योंकि उन्होंने उनको शंकराचार्य माल लिया शंकराचार्य कहे करके उनको जो पुकारा है ये उन्होंने नयायालय की अवमानना की है उसके � तो महराजी मतलब उस लहास से तो इनको शंकराचारे मान लिया गया है, राम मंदे ट्रस्ट में भी, सुप्रीम कोड ने भी पठाभिशेक पर रोक लगाई हुई है, वासु देवानन सरस्वती जी को राम मंदे समीती में, नौ संतों की समीती में शामिल कर दिया गया है, तो � हम चार साल से शंक्राश्यारी के रूप में कारे कर रहे हैं।सुप्रीम कोड के पेट में कोई दर्द नहीं है।बाकि सब के पेट में बड़ा दर्द है।कई लोगों के पेट में।अगर हम सुप्रीम कोड की अवमान्ना कर रहे हैं तो सुप्रीम कोड सक्षम है, आप से ज कि सुप्रीम कोड़ सक्षम नहीं है आपकी जदूरत है उसको कि हमारे उपर रोक लगे आपके माध्यम से सुप्रीम कोड़ स्वेम सक्षम है अगर हम उसकी हुकुम अदूली कर रहे हैं अगर हम अवमानना कर रहे हैं मैं तो उनके पक्ष में बोल रहा हूँ महराज जी
आपके पक्ष की उनको ज़रूरत नहीं वो सक्षम है नहीं पक्ष तो लेना चाहिए वो सक्षम है अगर हम उनकी अवमानना कर रहे होते तो मारे उ� और तीनों शंकराचार्यों का समर्थन अनिवार्य होता है क्या मैं गलत हूँ?बस इतना बता दीजिए इससे है कि हमारे यहां किसी का समर्थन अनिवार्य नहीं है यह गुरुशिष्य परंपरा है शंकराचार्य जी ने किस से पूछा था?शंकराचार जी ने चार पीठ बना तो संक्राचायार जी ने किस विद्धोत परिशत से पूचा था कि मैं इस चेले को बनाओं की ना बनाओं।वो गुरु थे, उनको अधिकार था, उन्होंने जिसको योगि समझा बैठा दिया. तो हमारे चारों संक्राचायार पीठों में ये नियम है. लेकिन अगर कहीं पर क तो चार शंकराचारे पीठ हैं एक के बारे में सबाल होगा तो तीन ब्रदर मथ होते हैं तो ब्रदर मथ जो है उसको क्लियर करते हैं के नहीं ये सही है या गलत है तो वहां से क्लियर होते हैं तो ब्रदर मथ में हमने बता दिया कि तीन मथ ब्रदर मथ थे दो में से हमारे पक् दो का है तीनों का नहीं है जो अनिवारिता है जो आपी बता रहे हैं महाराज जी नहीं मैं पूछ रहा हूँ यह वेक्ती है यह पहले से आग्रह ले करके आया हुआ है नहीं महाराज जी आपने बोला मैं तो पूछ रहा हूँ अब हम बता रहे हैंकि बहुमत का जो तीन संक्राचारी हैं उनमें से बहुमत का निर्णाय हमारे पक्ष में हो चुका है तो बहुमत अनिवार्य होता है या सरसमती अनिवार्य होता है इसने वो स्विकार कर लिया है की एक बार निर्णे हो जाने के बाद दुबारा प्रशना नहीं उठता है उसके बाद भी कह रहा है की तीनों का नहीं है माराजी बहुमत अनिवार्य होता है या सरसमती होता है बहुमत अनिवार्य होता है बहुमत अनिवार्य होता है और वो हो चुका है तीनों की अनिवार्य तो अब आप इस पर आप मान हानी का मामला करेंगे वासू देवानन सरस्वती जी पर क्योंकि उनको शंकराचारे मान करते हैं क्योंकि उन्होंने जो समयती बनाई है उसमें शामिल कर लिया गया वासू देवानन सरस्वती जी को भी एक सवाल है अगर सुपरीम कोट ने आप ऐसा है कि आप ये समझते हो कि सुप्रीम कोड जो है वो सर्वादिकार संपन बोड़ी है ये गलत है ये बिल्कुल आपकी धारणा मिठ्या है इसको सुधार लीजिये जिंदगी बर के लिए सुधार लीजिये सुप्रीम कोड जो है वो सर्वादिकार संपन संस्था नहीं है स� अगर कोई संसत से कानून बन गया है तो वो कानून के संदर्ब में कर सकती है या देश में कोई विपलाव हो रहा है तो उसके पास संभवता धारा 148 के अंतरगत ये अधिकार है कि वो कोई रेमेडी दे सकता है लेकिन हमारे जैसे मामले जो हैं इन मामलों में उसको कोई अधिजो प्रमान दोनों पक्षों के द्वारा रखे जाएंगे उनमें से जो उचित प्रमान होगा उसकी डिकलेरेशन सुप्रीम कोड करेगी सुप्रीम कोड के पास अधिकार नहीं है कि वो किसी को चाहे संक्राशार बना दे किसी को चाहे संक्राशार पत से अठा दे ये अधिकार दो लोग लड़ रहे हैं सुप्रीम कोड के फैसले का मतलब यह है कि इनका पक्ष सही है इतना वो कहेगी और अगर वासुदेवानन जी का पक्ष सही बोला गया तो अगर उनका पक्ष सही होगा तभी तो बोलेगे नहीं यह बताईए अगर उनका पक्ष सही होगा तब ना सही यह मत करो गड़ी मत दिखाओ नहीं तो कहेंगे कि भाग गये नहीं नहीं महराज़ी मैं भागूंगा आप बड़े हैं पूछ लो आज मौका दिया नहीं महराज़ी हमको कोई जल्दी नहीं है सुनो भाईया सुप्रीम कोड जो है वो अपने मन से कुछ फैसला नहीं कर सकता ज वो वासुदेवानन जी फुल्फिल नहीं करते हैं ये बात नीची की चार कोर्ट ने कह दिया है तो मन की सांतोना ही तो है अच्छा एक बात बताईँ वासुदेवानन जी जो सरकार है उसके प्रीय वेक्ती है अभी आपने देखा कि उनको प्रस्ट में सामिल किया गया तो इत
क्यों नहीं हो गया?क्यों वो टाल रहे हैं?अगर उनका पक्षा... सुनो भाईया आमन जी अगर उनके पक्षा में थोड़ा भी दम होता तो वो डिले टेक्टिस्ट ना अपनाते हैं वो केवल सुप्रीम कोर्ट में डिले टेक्टिस्ट अपना करके अपना सम तो सुप्रीम कोड़ का फैसल आपके विरुद होगा तो स्विकार होगा।जो चीज पहले से ही स्वीकरित है उसको पूछना।नहीं आप क्यों कर सकते हैं?सुप्रीम कोड़ का फैसल आपके विरुद होगा तो स्विकार होगा।
जो चीज पहले से सेटल्ड है उसको क्यों � चारे होने के परयाप सबूत और आप कोड़ को संतुष्ट नहीं कर पाए।सुनो तो भाईया, रात को एक बजे माग मेले में हमारे दिवार पर notice चिपकाया था अधितनात में और उसमें लिखा था कि 24 गंटे में सिद्ध करियें कि आप कैसे शंक्राचार हैं और हमें 12 गंट अगर सुप्रीम कोड का फैसला हमारे पक्ष में ना होता तो क्या उतरपदेश की सरकार जिस तेवर से आयी थी हमको छोड़ देती आपके पक्ष में अभी नहीं है सुप्रीम कोड अगर सुप्रीम कोड का फैसला हमारे पक्ष में ना होता तो क्या उतरपदेश की सरकार जिस � ऐसा है कि जब बड़ा एक दुर्गुण हो जाता हैतो बाकी सब चीजें शिफ जाती हैं ये बड़ा दुर्गुण हो गया कि गाई माता को पशु कहने लगे और सनातन धर्म के प्रतीकों पे प्रहार करने लगे के बारे में हमने अभी इतना चिंतन किया नहीं ये तो अधितनात अपने आपको सादु महात्मा कहते थे इसलिए इनके बारे में ज़्यादा हमने सोचा अभी अकलेश जी हमारे चिंतन के केंदर में नहीं आया क्योंकि वो अब आपकी शरण में हैं सनातनी री ब्रैंडिंग क ये जो RSS संस्ता है न ये गुरू नहीं मानती है ये कोई भी किसी से दिक्षा लिये हुए लोग नहीं है ये डंडा को गुरू मानते हैं बताये ये डंडा के चेले दंडा चेले ये गुर्गों के पास आएंगे आप इतना खुलकर सनातन विरोधियों के खिलाब नहीं बोलते हैं मराजी इतना खुलकर आप विरोधियों के सनातन शत्रों के खिलाब नहीं बोलते हैं हम तत्य बोलते हैं कि नहीं हम कोई बात तत्य से भी बोलते हैं तो मैं आ� बोलो नाम बताओ तो फिर हमने राहूल गांधी को हिंदु धर्म से निकाल दिया क्योंकि उसने संसत्रदन में खड़े हो करके मनु समती की आलोचना की गलत सब्द कहा हमने जबाब मागा जबाब नहीं दिया रिमाइंडर दिया रिमाइंडर दिया निकाल दिया सुनोऔर एक भाजपाई संत ने हमारे इसकृत का समर्थन नहीं किया इसका मतलब है कि वो ज़्यादा कांग्रेस के नज़दी के हैं हम सबसे बड़ी टी आर्पी हैं हम तो सनातन धर्म के साथ खड़े हैं किसी के परवाह नहीं कर रहा हैं लेकिन ये लोग फिर भी कांग्रेस के सा� हिंदु धर्म से निकाल जाने के बाद भी इनको खुशी नहीं वही अच्छा भारत माता को लेकर भी एक आखरी बयान था पस उस पर एक सवाराख से आपने कहा था भारत माता उसका वरणन भी नहीं है वो भी गलत है नहीं बताओ एक सिंग खड़ा है उसके सामने एक स्तृर हमारे असली देवता क्या कम हो गया हैं कि नकली देवता लाके हमारे हिंद्वों के सामने खड़ा करते हैं जमान भारतमाता की जय और वो सब होता वो सब ठीक नहीं है भाई भारतमाता की जय अलग बात है और ये भारतमाता का जो स्वरुप मना के खड़ा कर दिये गया है ये � गवा माता को भी राष्व माता का दर्जा शास्त्रों में वरनन नहीं है?
है, बिल्कुल है. राष्व माता?विश्व माता, विश्व माता का वरनन है. राष्व माता?
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Get started freeविश्व में राष्व आता है की नहीं?
जी जी, बिल्कुल आता है, राष्व माता. तो फिर?
क्योंकि उस तो शास्त्र की बात अगर कोई अपने शब्दों में भी कहेगा तो वो मान ही जाये।
क्योंकि उसको तो अब क्रिमिनलाइज किया जा रहा है महाराजी उस पर एक कमेंट जो वन्दे मात्रम को राष्ट गान जनगण मन का दरजा दिया जा रहा है और जो वन्दे मात्रम का अ�उसको criminalize किया जा रहा है, सजा का परावधान, दंडनिय अपराधमाना जा रहा है, वो सही है नहीं है।
इसा है कि सरकार अगर किसी चीज को राष्ट्रिय गोशित करती है तो उसके बाद उसका नागरीक अपमान नहीं कर सकता है।गोशना करते समय जो विरोध करना चाहो कर ल उसके बाद आपको उसका समान करना ही होगा ना करने का कोई सवाल नहीं है और जो उसके लिए सजा कैकी जाएगी वो भोगना ही होगा तु बन्दे मात्रम को लिए करते हैं।इसको विरोध करना है अपनी अपना पक्ष रख दो सरकार उसपे विचार करेगी � वो कोई आंदोलन नहीं है, आंदोलन करने वाले तो पीछे हट चुके हैं अब तो उनकी सचायी भी सामने आ चुकी है वो स्वताहा जनता का अकरोश है यह जनता का अकरोश है वो निकल रहा है जनता परसन नहीं है सरकार के कायमकार से अच्छा और वहां तो बड़ी हिंसा अंदोलन कारियों द्वारा रजक्था की जा रही है मारा जा रहा है पीटा जा रहा है पुलिस वाले 118 पुलिस वाले जखनी हुए महराज जी उसमें 5 IPS जखनी हुए और जो 20 -25 हमारे बच्चे आत्मात्या करके मर गए नहीं वो तो पत् ट्रक में पत्थर बरके क्यों ले गए वहाँ?ये अभी साबित नहीं हुआ महराजी ये साबित नहीं हुआ ये आरोप है महराजी साबित नहीं हुआ अच्छा तो आप बताईए कि जब वहाँ पुलिस लगी हुई थी तो ट्रक बरके पत्थर क्या ये अंधूलन कारी ले के �पत्थर चला तो अंदोलन करी रहे थे महाराजी वो तस्वीर भी आपने देखी हुँ पत्थर का ट्रक पहुंचने क्यों देती है क्यों जाने देती है इसका मतलब कहीने कहीं मनसा है मिलाजुला मामला है हो सकता है कि पुलिस के ही लोग जंता बन करके खड़े हों और अंदोल इतने दिन से मांग की गई ये हुआ वो हुआ उसके बाद फिर एक व्यक्ति आंसन पर बैठा फिर बीस दिन उसके बीत गए और आप बिनाय न माना तो जलती जड गए तीन दिन बीत गए बीस दिन बीत बीस दिन के बाद उग्र हुये हैं लोग बीस दिन तो शांती के साथ ब जैसा आप कहें महराजी आप बड़े हैं बिल्कुल जैसा आप कहें महराजी आप बड़े हैं बिल्कुल जैसा आप कहें महराजी आप बड़े हैं बिल्कुल जैसा आप कहें महराजी आप बड़े हैं बिल्कुल जैसा आप कहें महराजी आप बड़े हैं बिल्कुल जैसा आप आपकी जैसे लोग वहां होंगेचला रहे हैं उनके बारे में बोलो पेलेट गन चला रहे हैं उनके बारे में बोलो पुलिस पत्थर खाने के लिए नहीं है ना महराज जी अरे भाई ठीक है मैं माफ़ी चाहूँगा लेकिन एक सवाद मैं आप से पुछूं आपको बुरा लगे महराज जी विल्कुल आमन चोपडा जी विल्कुल ठीक कहते हो प्रभुराम का अपमान उसी मन्से सीता का पत आपसे जबाब देही तो मांग रहे थे तो आपको सनातन का अपमान कभूल है आपकी जबाब देही कहा है आपको सनातन का अपमान कभूल है अरे कौन करेगा सनातन का अपमान मुझ तोड़ेगे कर रहे हैं महराजी कर के देखो वहाँ कर रहे हैं महराजी कर के देखो मैं नही क्यों नहीं तोड़ेंगे?
करके तो दिखाए?अरे तो भाई हम कह रहे हैं न?यहांसे तो हम बोली के कर सकते हैं हम क्या कह रहे हैं?हम क्या बोल रहे हैं?हम यही तो बोल रहे हैं कि सनातन का जो अपमान करेगा उसका हम मुझ तोड़ेंगे बोल तो रहे हैं और क्या बोलें?जब आप देह नहीं हैं सरकार, इस वाथ का भिरोध हम भी कर रहा हैं हम विल्कुल होना चाहिए तो नहीं होना चाहिए आपने विद्यार्थियों के उपर सेहनिकों को फिगर पे हाथ रखवा करके खड़ा कर दिया है ये क्या कोई सामाने दृशे है कि हमारे देश की मिले
एक लाइन बोल दीजे पत्थर बाजी भी गलत है बत्तरबाजी 20 दिन के बाद हुई अगर पहले दिन होती तो हम उसको बिल्कुल गलत कहते हैं 20 दिन बाद सही है 20 दिन बाद सही है हम यह कह रहे हैं 20 दिन बाद बत्तरबाजी सही है एक सीमा के बाद उगर होना ही पड़ेगा एक सीमा तक ही शांती धारन की जा सकती है देश की तो इस शाहिन बाग हमने देखा है इसे नाम पर दंगा है विल्कुल दंगे जैसे हलात हुए महराज जी पथर चले चात्रों के साथ हुए महराज जी लेकिन चात्रों के आकरोस को आप दंगा कह रहे हो चात्रों का अपवान कर रहे हो अपवान कर रहे है हाई जेक कभ हुआ ह हाइजेक तो आप कर रहे हो अंधोलन को अब यह सब फूट चुका है मामला आप बताईए कि हम यहाँ पर कल सभा करने वाले थे अक्षविनी सभा 2 ,18 ,700 हमारे सैनिक जो गवमाता की रक्षा के लिए समर्पित हुए हैं वो आकर के खड़े होने वाले थे हम उनको संकल्प करान और जंतर मंतर में इतनी बड़े भीडी कठा करने की अनुमती उसको दे दिया जो अभी ठीक से जाना भी नहीं गया CJP पार्टी वाले को क्यों दे दी इसका मतलब कि आप अंदर से मिले हुए हो और ये सब फैला रहे हो लेकिन पत्थरवाजी को सही बता कर मैं माफ़ करेगा �हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं हम दे रहे हैं मैं सवाद पूछ रहा हूँ भाई मैं सवाद पूछ रहा हूँ अ ठीक है तो उनका भी तो उसा वो क्या नहीं कर सकते हैं मैं सवाद पूछ रहा हूँ भाई चुप हो जाओ भाई पत्थर बाती को जैसे सरा कर आप जो है ये � ये जनता का अकरोश है ये जनता का अकरोश है ये जनता का अकरोश है ये जनता का अकरोश है भाई पत्थरभाजी को सही ठैराना महराजी एक 20 दिन के बाद 20 दिन के बाद 20 दिन के बाद हिंसा को बड़ावा दे रहे हैं हिंसा को बड़ावा देना होगा 20 दिन से हम मर रहे हैं सुनवाई नहीं है, हम आत्मात्या करने को मिवस हैं, सुनवाई नहीं है और अगर आत्मात्या करने को मिवस हैं, सुनवाई नहीं है और अगर आत्मात्या करने को मिवस हैं, सुनवाई नहीं है और अगर आत्मात्या करने को मिवस हैं, सुनवाई नहीं है और अगर आत्मात्य पत्तर बादी को सही ठहराना गलत हैपत्तरवाजी को घला ठहराना गलत है सुनो पुलिस के द्वारा हमारी चोटी सी बेटी के पीछे लकड़ी गुसाना ये कितना सही है बताओ ये कहा पे कौन सा लकड़ी गुसाना बताओ ये नहीं देख पाओगे आप ये नहीं देख पाओगे यही है इनका दोगलापन यही है इनका दोगलापन कि युवा दृश ये पुलिस का ट्वीट है मैंने सामने खुला है महाराज जी पुलिस का ट्वीट आपके लिए वरोसे बन रहा है ये सामने खुला है मैं पुलिस ने ये देखिये आप पुलिस ने बोला गलत है महाराज जी ठीक है भाईया हमारा ये कहना है महाराज जी घलत fake news है हम इतना कहकर आत्मरक्षा में पुलिस डंड़ा चलाती है महराजी वो भी सही आत्मरक्षा में पुलिस डंड़ा चलाती है वो भी सही आत्मरक्षा में पुलिस भी डंड़ा चला सकते है महराजी पुलिस को आत्मरक्षा नहीं करनी होती हैपुलीस के पास गन होता है पुलीस को आत्मरक्षा क्यों करनी है उसके पास तो अतियार है लाया कौन पुलीस पत्तर लाया कौन चलाया जिसने गलत पत्तर लाया कौन पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस लाई पत्तर पुलीस � कि आज का पोटकास्ट भोग धंगामेदार होगा और आपने उसको बना दिया बहुत बड़ी है मगर पत्थरवाजी को सही ठहराना वो गलत बाकि आप जो कहते हैं 30 दिन तक शांती से बैट रहने के बाद पत्थर नहीं कुछ भी चले हम सही मानेंगे पता दे रहे हैं क्या चीज?पुलिस लाठी मारे वो भी सही है फिर पुलिस पत्थर करने के लिए नहीं है पुलिस जो करे वो तो पुलिस की बात है इसमें हम क्या करेंगे लेकिन अगर जनताब 20 दिन तक आपके सपास बैठी है उसके बाद भी आप नहीं सुनते हो और वो उगर होती है तो हम मैं तो इंट्रिव्यू करने आएँ।
आप क्यों मेरे पर ऐसे देते हैं।सवाल पूछने का मेरा अधिकार है।सवाल पूछने का अधिकार है।आप पैलेट गन चला रहा हैं।आप से जवाब दे सकते हैं।
पैलेट गन चला रहा हैं।
कीलें लगी हैं डंडो में।कीलें
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