BJP Goes All Out In Bengal | As Lakhs Of Names Deleted, Who Will Win - Didi Or EC? | Akash Banerjee
बंगाल में आज फेज वन में 152 सीड्स पर चुनाओ हुए पिछले चुनाओ में इन ही 152 सीड्स पर भारती जंता पार्टी ने 69 सीड्स जीती थी और इस बार उनका मकसद साफ है अइसा खैला खेलो की दीदी का सूपडा साफ हो जाए बीजेपी पिछले चार दशकों से इस म इसके लिए बंगाल जीतना काफी इंपोर्टेंट है और ऐसा उसे लग रहा है कि इस बार ये सपना जो है ये पूरा हो सकता है एसा मैं नहीं कह रहा हूँ. एसा सट्टा बजार कह रही है, अनुमान लगा रही है, जहां बीजेपी का पढला अभी थोड़ा सा भारी दिख रहा है. और ये इसलिए नहीं है क्योंकि उनके पास सड़ेनली कोई लोगप्रिय नेता आ गया हो, जो दीदी से लोहा ले पाए जब मनीपूर जल रहा था तब केंदर सरकार ने CA PF की 290 कमपणीज वहाँ भेजी थी 30 ,000 वहां सिपाही भेजे गए थे कि बंगाल में चुनाओ फ्री और फेर वो करवा के लिए हैबिना किसी उतपात के करवा के रहेंगे यहां तक राज्य में कोई रात में मोटर साइकल पर भी अब नहीं चल सकता है चुनाओ के समय और धेर सारे जो टी पिर मिलेंगे राय गुल्सन तो फूल खिलेंगे जो फूल खिलेंगे कुछ लोग इसे बंगाल में दीदी का सरेंडर मान रहे हैं और कुछ लोग कह रहे हैं कि दीदी तो सिर्फ चेतावनी दे रही है।लेकिन भाई कुछ भी हो बात है कि बंगाल में चुनाओ क्या इस बार मुद्धों पर लड़ा जा रहा है या एक जूट पर लड़ा जा रहा जो अब इशू बन चुका है फ्री बीज का जो एलान हो रहे हैं चुनाओं से पहले क्या बंगाल के पास इतना पैसा है ये पैसा कहां से आएगा इतने सारे फ्री बीज देने के लिए पत्रकारों को भी रेवडी देने की बात चल रही है एलेक्शन कमिशन किस हद तक जा चु पार्टी विशेष को बेनिफिट कर रही है।बंगाल की एकानॉमी का सत्य क्या है मम्ता बैनर्जी के राज में?और क्यों बीजेपी को जो पार्टी अपने आपको मूल रूप से वेजिटेरियन दिखाती है वो मास मछली खाने में आजकल बंगाल में काफी बिजी हो चुकी और जहाँ डेमोकरिसीजादा election commission की autocracy की चर्चे हो रहे हैं आज बंगाल में फेज वन चुनाओं तो हो गए समाप्त हो गया 80 प्रतिशट से भी जादा मतदान हुए हैं इनिशल जो आकडे हमारे पास आ रहे हैं यह आकडा और भी बड़ सकता है जब फाइनल फिगर्ज आएंगे अब वहाँ बीजेपी के लीडर्स पर एटैक की खबरे लेकिन इस सब की बीच में बीजेपी कह रहा है कि ये जो भारी मतदान हुआ है इसका मतलब है कि पोरी बोर्टोन बदलाव आ रहा है बंगाल में दूसरों कहना है कि ये सायार के खिलाफ वोट है और लोग डर डर कर वोट कर रहे हैं क्योंकि अगर वोट ना करेंगे तो उनका लेकिन सच जो भी हो वोट जिस वजए से गिर रहा हो इस बात पर डिबेट नहीं है कि ऐसा चुनाओ भारत के इतिहास में शायद ही कभी देखा गया हो क्योंकि इस चुनाओ में असल मुद्धों पर तो बात ही नहीं हुई है चुनाओ इलेक्शन कमिशन में क्या कर रहा है क्य उसके उपर स्टेट पुलिस सो अलग क्या कपिलसिबल ओवर रियाक्ट कर रहे हैं या सच में ये एक अनकॉंस्टिटूशनल गडबंधन बन चुका है TMC को हराने के लिए?
2021 के चुनाओं में BJP 38 % वोटशेर लेकर आती है जिसमें उसे 77 सीड्स मिलती हैं विच वास एन अचीव्मेंट बाई दे वे और TMC को 48 % वhoti hai. Lekin agar ghaur karein to aapko yeh dekhega ki BJP ke 36 seats aise the jaha wo haarti to hai Bengal me. Lekin losing margin sirf 5 % tha aur 85 seats me margin of loss keval 15 % tha. Iska matlab hai ki BJP sochti hai ki uske paas ek bahut badi opportunity hai. Agar kuch votes idhar se udhar ho jayen to wo satta uske haath me aa sakti hai Bengal me. अब आप इसे चानक के नीती कह लीजीए लेकिन SIR के प्रोसेस के जरीए अब तक्रीवन 27 लाख वोटर का नाम कट गया है और कुछ लोग कह रहे हैं इतनी स्ट्रेटीजिकली कटा है कि जहां वोटर मारजन बहुत कम था वहां ये संतल कर देता है एकवेट कर देता है वो वो� एक कड़वा सच और है जो बंगाल के चुनाओं में सामने आ चुका है. वोटिंग के पहले चरण में 27 लाख लोगों के वोट काट दिये गए, उनके नाम काट दिये गए. उनमे से 138 लोगों का केस, जो ट्राइब्यूनल है, इसके बारे में हमने आपको डीटेल में एपिसो� तो ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर इसी को आप एवरेज मान कर चलो तो जो लोग सुनुवाई में आय थे अगर उनकी समय से सुनुवाई होती अगर Constitution ने और Supreme Court ने उनके साथ छल नहीं किया होता तो ये सारे लोग करीबन 27 में से साथ 25 लाग लोग अपना वोट अ� जिनके पूर्वजों ने वोट दिया था, जिनके पास सारे पेपर्स हैं, जो इसको चैलेंज कर रहे हैं, लेकिन उनका नाम काट दिया जाता है, सोची उनके लिए कितना ह्यूमिलियेटिंग होगा.27 लाख नाम काट दिये गए उसमें से 138 की सुनवाई होती है वो हार लगाने के बाद इलेक्शन से ठीक पहले 136 का नाम वापस भी आ जाता है वोटिंग लिस्ट में लेकिन इस तमाशे के बीच में सुपरीम कोट ने कुछ नहीं किया लोगों का जो हक है उसे कुछलने दे दि कोट ने ऐसी गल्ती पहले भी की है इतिहास में जब एमरजन्सी के दोरान सुप्रीम कोट ने राइट टू लाइफ तक को सस्पेंड माना सेंटर के सामने एमरजन्सी के दोरान भी सुप्रीम कोट जुख गही थी बहुत साल लग गए थे अपनी गल्ती को समझने के लिए मा� लेकिन इलेक्शन कमिशन अभी रुखने बाली नहीं थी।उनका नया फर्मान इसके बाद और भी आता है कि शाम 6 बजे से लेकर सुबहे 6 बजे तक बूरे चुनाओ के इलाकों में कोई भी मोटरसाइकल नहीं चलाएगा सिवाई जिसको मेडिकल एमरजन्सी हो या फैमिली फ इतने सारे CAPF जवान होने के बावजूद बाइक चलाने वालों पर भी रुकावट है और कार चलाने वाले वो इतने सब्भे होनार लोग हैं उन पर कोई रोक टोक नहीं होगी अब एसा रूल क्यों बनाया गया ये तो ग्यानेश जी ही आपको बता सकते हैं लेकिन अब ये ब� तीमसी ने बाकाईदा वीडियो जारी करके इलेक्शन कमिशन को एकस्पोस करने का दावा किया है एसा प्लॉट ट्विस तो अधित्य धार अपनी पिछर में नहीं हिला सकता है टीमसी के हिसाब से उनका आरोप है कि जो पुलीस उब्सर्वर इलेक्शन कमिशन अफ इंडिके Bengal में जो अपोइंट किया गया था जिसका काम है राज्य में Free and Fair Election करवाना चुनाओ करवाना वो 20 एप्रेल को सागरिका होटेल में BJP के Candidate के साथ Secret Meeting करता दिखा हुआ है और अगर ये बात सच है अगर ये Allegation सच है तो Free and Fair Election तो � Election Commission यहां भी नहीं रुखती है एक list बनाती है जिसमें 800 से भी जादा लोगों को बंगाल में trouble makers के रूप में देखा जाता है और उन्हें arrest करने के लिए एक फर्मान जारी कर दिया जाता है और जैसा कि आप समझी गए होंगे यहां जादा तर नाम किसी और पार्टी के नहीं TMC थोड़ा थामबा ये भारत के ही नागरिक हैं वोटिंग इनका भी एक बेसिक राइट है इस तरीके से आप लोगों को बिना कोई एलिगेशन एरेस्ट या डीटेइन नहीं कर सकते हो लेकिन मंगलवार यानी 21 की रात तक कोलकाता पुलीस की जो डिटेक्टिव विंग है वो इलेक्शन कमिशन के आधार पर इस ओरडर के आधार पर बारा ट्रबल मेकर्स को गिरफ़तार कर भी चुकी थी इसी के साथ साथ इलेक्शन कमिशन दे एक और फर्मान जारी किया जिसमे और सारे पुलीस टेशन से सर्टिफिकेट भी मांगा गया कि चुनाव से पहले वो ये सुनिष्चित करें कि उनके एरिया में कोई भी आउट्साइडर नहीं है कोई मेहमान कोई टूरिस नहीं आ सकता है चुनाव शुरू होने से पहले तामिल नाडु केरला और इन सारे राज483 उफिसर का ट्रांसवर ओरडर दिया उन चार राजियो को मिला कर भी आप जितना आकड़ा बना सकते हो उससे 20 गुना जादा ट्रांसवर ओरडर बंगाल में आते हैं अच्छी बात है।
चुराव तो फ्री और फेर होना चाहिए।ये बात हम भी कहते हैं।लेकिन जहां बात आती हैं मौधी जी की तो इलेक्शन कमिशन को मोतिया बिंध हो जाता है।Model Code of Conduct के दोरान मौधी जी आकर National Television पर लोगों को संदेश देते हैं।लेकिन वो ए -पुलि Modiji Bengal ki mahilaon aur Bengal ke voters ko lubhane ki koshish kar rahe hain. Unhe jhoota dilasa de rahe hain. Congress ke saath muthbhed kar rahe hain television par. Lekin Election Commission ke muh par tab thala lag jaata hain. Tab koi action nahi hota. Ab batayiye itna sab kuch dekhne ke baad, karne ke baad aur आखें बंद करने के बाद भी अगर अभी मम्ता बैनर्जी बंगाल जीज़ जाती हैं चुनाओं में तो मेरा भरूसा एलेक्शन कमिशन से एकदम उड़ जाएगा. बाइड़े वे बंगाल एक आईसा प्रदेश है जो सबकी धोती खोल देता है. अब बीजेपी को देखलो है वो सत्ता के सामने डगमगा जाती है।उत्तरप्रदेश में गौमाता के नाम पर डंगा बजचता है।
दिल्ली में स्टेट डिनर भी जब होता है, विरेशी लोग भी आते हैं, राष्टपती आते हैं, सिर्फ वेजिटेरियन खाना परोसा जाता है।बीजेपी के नेता लो�वेजिटेरियन स्टॉल्स के खिलाफ समय समय पर मुहीम चलाते हैं बिहार में स्कूल और मंदिरों के आसपास भी मास मचली आप अब उन्हें बैन करने की कोशिश हो रही है क्योंकि इसे खाने से बच्चे वाइलेंट हो जाते हैं मैं नहीं कहता हू कुछ तो काम कर रही है पार्टी चलिए संस्कृति आप बचा रहे हैं जैसे बजरंग डल वैलेंटाइंज डे के समय संस्कृति बचाती है हिफाजत करती है देश की महीलाओं की देश की इजद की लेकिन मंगाल में बीजेपी के सुर्ताल कुछ बदले हुए नजर आ रहे हैं अनुराख ठाकूर बंगाल में मंगलवार को माधे पर टिलक लगाकर भगवा गंचा पहनकर कैमेरा के सामने मचली खाते हुए दिख रहे हैं और यही नहीं यहां तो हेमन्ता दाने ममता बैनर जी को मचली चेलेंज भी दे डाला मैं दीदी को बोलता हूँ दीदी आप एक दि दोनों मास खाने का competition करूगा आप भी खाये जाओ, रो इलिस, आप भी खाते जाओ, मैं भी खाते जाओंगा. लास्त में मैं आप से एक केदी जादा ही मास खा जाओंगा. अरे मिया ऐडियॉलॉजी गई तेल लेने, सीट ज़्यादा जरूरी है, सत्ता ज़्यादा जरूरी है. एक राज में कोई बच्�इसी रेट पर अगर बीजेपी चलती रही तो बहुत जल्द केरला में हिमन्तदा बीफ चेलेंज भी दे देंगे विपक्षी पार्टी को वैसे नौर्टीस्ट में जैसे मेगाले में वहाँ बीजेपी की नेटा कह चुके हैं बीजेपी मन कह चुके हैं दबा कर खाओ आप बी सवाल ये नहीं है कि कौन क्या खाता है सवाल ये है कि ये पार्टी सच में कल्चर को प्रोटेक्ट कर रही है इस पार्टी का कोई आईडियोलॉजिकल स्टैंड है या सिरफ सीड जीतने के लिए जैसा देश जैसा स्टेट वैसा भेस बाइड़ वे बात मचली पर खतम नहीं हो अच्छा आप भी समझ गए होगे मैं आप फिर की ले रहा हूँ में मुद्धा था इन्फिल्टरेशन बंगाल में बांगलादीशी घुस्पेटियों को बाहर निकाल फेकना जो काम बीजेपी केंदर सरकार में पिछले 12 साल में नहीं कर पाई वो ही काम बीजेपी स्टेट में गुस्पेठियों से मुक्त बनाने का चुनाव है Modi ji nein kaha hai toh kuch soch ke hi kaha hoga. Toh aayiye thoda se dekhte hain, samjhte hain ki BJP ka ye jo ghusbaithiyon ko leh kar ye jo bayaan baaji hain, isme kitni sachai hai, data kya kehati hain. वापस खदेड़नी के जो जबिदारी है वो तो केंद्र सरकार की है2016 में Union Minister Kiren Rijiju ने Parliament को बताया कि भारत में उस समय 2 करोर बांगलादेशी इलीगल तरीके से रह रहे हैं. क्या बोलते वे ने तरह हैं?ये खबर जानने के बाद या आकड़े जानने के बाद Nationalist BJP क्या करती?
Nationalist BJP का काम 51, नहीं नहीं 51 लाइज नहीं, 51 ,000 भी नहीं, नहीं नहीं 51 ,100 भी नहीं, 51. क्या बत कर रहे हैं?जब एंटी नेशनल यूपिये की सरकार सत्ता में थी तब 13 ,000, 10 ,000, 5000 बांगलत देशियों को हर साल डिपोर्ट किया जाता था सिस्टम खराब था लेकिन कम से कम 50 -55 लोग तो एक साल में बाहर नहीं जा रहे थे यूपिये ने अपने कारेकाल में करीबन 90 ,000 बांगलत देशियो अगर आप डेटा अनालिसिस देखोगे तो बीजेपी को इस गुस्बैट को रोकने और बांगलादेशियों को घर वापस भेजने में कोई खास इंट्रेस्ट नहीं है क्योंकि इलेक्टोरल मुद्दा उनके हाथ से फिसल जाएगा अरे वोड़ बैंक का पूरा कैलिकुलेशन चुनावी जंसभा में एक आप उनको दुश्मन बनाओगे, चुनाव में पोलराइजेशन करवा पाओगे, बोलोगे की अरे तुमारी नौकरी इन्होंने ले ली है, इकानौमी इनके वजय से ठप बैठी हुई है, और ये जो बॉर्डर का जो इशु है, ये जो इमिग्रे� बंगाल या भारत के लिए स्पेशल नहीं आप USA में देख लीजिए अस वरसेस देम का मुद्धा इंटरनेशनली कितने बढ़िया तरीके से चलता है ट्रम्प आज प्रेजिडेंट बन गए यही अस वरसेस देम का मुद्धा बनकर यूरोप में भी आप देख लीजिये वहादेश, उनका भविश्य खत्रे में है ये सब सुनाकर अपने आपको रक्षक बना दो और फिर वोट बटोर लो सवाल यह है कि बंगाल की जनता इस बात को समझेगी या वो भी इस ट्रैप में फ़स जाएगी ये तो हमें कुछ दिनों में पता चल जाएगा आज अरे मोदी जी घातक है तो पिर अमिच्चा जी भाषण पर ये सब क्यों बता रहे हैं कि बंगाल की सरकार में अगर एक बार बन जाये बीजेपी के तो सभी बेरोजगार युवाओं को तीन हजार रुपया मिलेगा पंधरा हजार रुपय मिलेंगे नौकरी के तयारी करने वा बीजेपी का तड़का अगर आप किसी रेवडी को दे दोगे तो क्या वो रेवडी कल्चर में शामिल नहीं होता है।वो ही रेवडी कल्चर जिसका बीजेपी का तड़का है।काफी विरोध करती आई है वहीं मम्ता दीदी भी 1500 रुपई से 1700 रुपई महिलाओं को हर महिने देती है अपने स्कीम के अंडर बेरोज़गार युवाओं को 1500 रुपई देती है हर महिने किसानों को भी 4 से 10 ,000 रुपई सालाना दिया जाता है लेकिन एक बड़ा सवाल यहां त वेस्ट बेंगॉल का डेट टू जी एस डी पी रेशियो अभी 40 परसेंट के आसपास है पूरे भारत में सिर्फ पंजाब का डेट टू जी एस डी पी यानी ग्रॉस स्टेट डूमेस्टिक प्रॉड़क्ट बंगाल से जादा है विचिस 46 तो बंगाल की जो माली हालत है वोपूरे राज्य की कमाई 2 ,66 ,000 करोर रुपए है और खर्ष होता है 3 ,40 ,000 करोर करोर रुपए जिसके लिए सरकार को बार बार लोन लेना पड़ता है करजा तो भरना ही पड़ेगा ऐसे नहीं तो तैसे भले ही development आप ना करो बंगाल सरकार 60 -70 % अपना बजेट का पैसा सिर्फ salary, pension और debt मने interest और welfare scheme में ही खर्च कर देता है दोनों पाटी के manifesto में करजे इस कर� बेफसूल हो रहे खर्चों को कम करने की कोई स्कीम कोई प्लैनिंग नहीं है इंडस्ट्रियल रेविन्यू को कैसे फिर से बढ़ाया जाये बंगाल में इंडस्ट्रीस वापस कैसे लाया जाये कोई प्लैन नहीं है बस लोगों का ध्रुविकरन करो फ्रीबीस का एलान करो और � बुद्धा development होना चाहिए ना कि सिर्फ freebies और मास मचली लेकर debate लेकिन भारत की राजनीती अब ऐसे दोर पर चली गई है जहां बिना जुमले के बिना freebies के बिना नफरत के कोई चुनाओ नहीं जीता जा सकता है freebies देने के लिए सरकार development में पैसा नहीं लगाएगी और तब भी अंग्रेजी में एक कहावत है What Bengal thinks today, India thinks tomorrow लेकिन उसी का एक पुलिटिकल रूपांतर भी है कि बंगाल में जो आज हो रहा है What is happening in Bengal today will happen all over India tomorrow जिस तरीके से इलेक्शन कमिशन इस चुनाओ को लड़ा हा है जिस तरीके से इलेक्शन कमिशन में आपोजिशन पार्टी बन गया
इसलिए बंगाल का चुनाओ काफी इंपोर्टेंट है कि क्या इलेक्शन कमिशन के कदम यहीं रोके जा सकते हैं उनने कॉल आउट किया जा सकता है यह यह फॉर्मूला उनके लिए सक्सेस्वल साबित होगा और फिर हमारे और आप के साथ भी यह लैब एकस्पेरिमेंट होगा
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