Decode: Cockroach Janta Party का पूरा सच | Sudhir Chaudhary | Abhijeet Dipke Founder | CJP Instagram
आपने देखा होगा कि आजकल सोशल मीडिया का राजनीती में, कूटनीती में कितना इस्तेमाल हो रहा है।लेकिन आज हम सोशल मीडिया पर चल रहे एक नए स्टंट को आपके सामने एकस्पोज करना चाहते हैं।पिछले हफते, चीफ्स जस्टिस ओफ इंडिया ने एक टि� लेकिन कुछ लोगों को चीफ जस्टिस ओफ इंडिया की स्टिपनी से एक नई पार्टी बनाने का आईडिया मिल गया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर एक नई पार्टी लॉंच की गई।और इस पार्टी का नाम है कॉकरोच जनता पार्टी।और दावा किया गया की ये पा अब इस नई पार्टी को बनाने वाले जो लोग हैं, उनका कहना है कि देश का कोई भी बेरोजगार युवा, इस पार्टी के सोशल मीडिया हेंडल को फॉलो करके इस पार्टी को जॉइन कर सकता है।कॉकरोज जनता पार्टी का दावा है कि सोशल मीडिया पर उसके फॉलोव बीजेपी के लगभग 14 करोड कारे करता हैं और ये सोशल मीडिया पर नहीं है ये जमीन पर हैं और इस समय भारत के 22 राजयों में बीजेपी या फिर NDA गडबंदन की सरकार हैं जिस आदमी ने ये कौकरोज जनता पार्टी लॉंच की है उसका नाम है अभिजीत दीपके ये अके नाम पर एक सोशल मीडिया क्रांती चला रहे हैं यह आम आदमी पार्टी के एक पुराने केम्पेनर रहे हैं आम आदमी पार्टी के साथ इनका लंबा संबंद रहा है उनके कौकरोज जनता पाटी ने अपने घोषना पतर में लिखा है कि उनकी पाटी में शामिल होने की शर्त हैं ऐसे लोग जो बेरोज़गार हों, ऐसे युवा जो बेरोज़गार होने के साथ साथ आलसी भी हों और जिनने ओनलाइन रहने की लथ हो और जो सोशल मीडिया पर एक प सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कौकरोच जनता पार्टी का अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है।अब बड़ी बात यह है कि सोशल मीडिया पर इसकी बड़ी चर्चा चल रही है इस कौकरोच पार्टी की और कहा जा रहा है कि देखे कितनी तेजी से जो लो क्या सोशल मीडिया पर सिर्व फॉलोवर्स की संख्या ही किसी की लोगप्रियता का सबसे बड़ा सभूत हम मान सकते हैं?
इंस्ट्रेग्राम पर राहूल गांधी के लगबग एक करोड अटीस लाख फॉलोवर्स हैं. लेकिन बिग बॉस जैसे रियालिटी शो में कॉंटेस्टफॉलोर्स ज्यादा हैं।इसी तरह राहूल गांधी की बेहन प्रेंका गांधी वाडरा के इंस्ट्रेग्राम पर लगभग 23 लाग फॉलोर्स हैं।लेकिन इंस्ट्रेग्राम पर अजीबो गरीब करतब जबकि एक और गायक, नेहा ककड के साड़े साथ करोड से जादा फॉलोर्स हैं।तो क्या हम ये मानें कि नेहा ककड अरिजीत सिंग्स से भी बड़ी सिंगर हैं।यहां मेरी मनशा नेहा ककड का अपमान करने की बिल्कुल नहीं है।
नेहा ककड भी अच्छी सिंगर है।वो भ हमारे देश में चुनाव जीतने के लिए सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोवर्स नहीं बलकि एक मजबूत नेता के नितरत में ताकतवर संगठन और जमीन पर कारे करताउं की जरौत होती है।एक टीवी एक्टर है एजाज खान जिनके इंस्टेग्राम पर 56 लाख फॉलोवर्स है अब बहुत निराश हो चुके हैं।
इसलिए कभी वो नौर्वे की पत्रकार का साहरा लेते हैं।कभी सोशल मीडिया पर इस तरह के स्टंट्स का साहरा लेते हैं कि एक नई पाटी बना दी।कौकरोच पाटी।इस उम्मीद में कि शायद कभी कोई चमतकार हो जाये और हम भा
की बहुत कमी है जो ये प्रियूग किया गया है इसमें गंभीरता की बहुत कमी दिखती है दूसरा इसकी मन्शा में ही बेमानी है और तीसरा ये किसी न किसी राजनितिक पार्टी के इशारों पर की गई एक पहल है इसलिए भारत के जो युवा है असल में इसके लिए चुनाव में वोट भी डालेंगे।बीस्वी सदी के सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली लेखकों में से एक थे फ्रांस काफका।उन्होंने वर्ष 1915 में दा मैटा मॉर्फोसिस नाम से एक कहानी लिखी थी।
जिसमें एक इंसान रातों रात कोकरो� 2026 के इस दिजितल युग में, कौकरोच जनता पार्टी के फॉलोर्स अब स्मार्टफोन, इंटरनेट और मीम कल्चर से लेस हैं।यही इनके हत्यार हैं।कौकरोच जनता पार्टी सिर्फ एक मीम नहीं है बलकि उस डिजितल मानसिक्ता का प्रतीक है जिसमें युवा यह कह र हो सकता है वो जमीन पर कोई असली बदलाव ना ला पाएं।लेकिन उनके पास स्मार्टफोन, इंटरनेट और वाइरल रील्स बनाने की ताकत है।इसलिए कम से कम वो समाज में असंतोष तो फैला ही सकते हैं।समाज में निराशा तो फैला ही सकते हैं।
और अपनी निराशा
और इस तरह से इन युवाओं को डिजिजिटल क्रांती कारी होने का एहसास मिल सकता है।आज कई लोगों के लिए आंधोलन का मतलब संघर्ष नहीं है।सडखों पर उतरना नहीं है।मेहनत और परीश्रम नहीं है।बल्कि Content Creation ही उनके लिए एक संघर्ष बन चुका है।और इस स्मार्टफोन के बाहर इन सोशल मीडिया एप्स के बाहर एक और दुनिया है और वो दुनिया इस डिजिटल दुनिया से बहुत अलग है उस दुनिया में परिश्रम करना पड़ता है उस दुनिया में मेनत करनी पड़ती है पुरुशार्थ करना पड़ता है उस दुनिया म को जोएन करने के लिए पहले ही उन्होंने कह दिया कि आपको बेरोज़गार होना ज़रूरी है और आपका आलसी होना भी ज़रूरी है तो आज मैं उन सारे लोगों से पुछता हूँ जो इसे जोएन कर रहे हैं या जो इसे फॉलो कर रहे हैं कि क्या आप भी अपने आपको आल पृत्वी से डाइनसौर विलुक्त हो चुके हैं।
लेकिन कॉकरोच इसके बाद भी बच गए।इसलिए इन्हें सर्वाइवर्स कहा जाता है।कॉकरोच इस समय दुनिया में एंटाक्टिका महादूग को छोड़कर लगभाग हर जगा मजूद हैं।हो सकता है दो चार आप ये जमनी से आया नहीं है।
रिसर्च के मताबग आज से लगभग 1200 वर्ष पहले इसकी शुरुवाद भारत या मायनमार से ही हुई थी इस जर्मन कौकरोच की और फिर ये प्रजाती पूरी दुनिया में फैल गई।हम जानते हैं कि इस ख़ब हमें भी टारगेट किया जाएगा।
लेकिन हम सर्व यह कहना चाहते हैं कि भारत के युवा और जेन -जी कॉकरोच नहीं हैं।भारत के युवा और जेन -जी आलसी नहीं हैं।वो प्रतिभाशाली हैं।
और उन्हें जरूर इस बात पर आपत्ति होगी कि कोई व्यक्ति देश
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