All Content

Dharmendra Pradhan Resigns: Victory for Students or Political Damage Control? | NEET 2026 | CJP

Shubhankar Mishra 60 views
0:00

क्या बारा सालों की नरेंदर मुदी सरकार में धरमेंदर प्रधान का पहला इस्तीफा हेल्दी डेमोक्रिसी के लिए अच्छा है?भारत के लोकतंत में ऐसी जवाब देही क्या ये सुखद लग रही है?आपका पता नहीं लेकिन जब मैं इन बच्चों को देखता हूँ तो य बच्चे मतलब वो बच्चे जो 3 -4 साल से अपने मुद्धों को लेकर लगातार प्रोटेस कर रहे थे जिनकी पीठ को कितनी बार अलग -अलग राज्यों के पुलिस ने पाइदान बना लिया था।

0:35

उनकी लड़ाई शुरू हुई जंतर -मंतर पर उससे मुकाम मिला लेकिन सो� मजबूर कर दिया कि उनके मुद्धे पर वो कॉमेंट करें।

1:02

और उनके सामने दुनिया की सबसे बड़ी पॉलिटिकल पार्टी।वो सरकार जोसके सामने 13 महीनों तक किसान बैठे रहे लेकिन कुरसी नहीं हिला पाए।जंतर मंतर पर पहल्वान बेटियां बैठी रहे।ले वो बात नहीं करते हमने अपने वीडियो में कितनी बारावाज उठाया।

1:36

लेकिन आज देश के सक्षा मंत्री धर्मेन प्रधान ने स्थीफा दिया है।और इसलिए आज बिना लागलपेट के मैं कहूंगा कि ये जीत है हमारे देश के बच्चों की।ये जीत है भारत की डिमअपने बेटे को बार -बार फोन करके कहा की बेटा खेत बेच दिया है अच्छिस पढ़ाई करना ये जीत है सोनम वांगचुक की जो 26 दिनों तक बिना खाए अपने नहीं किसी और के बच्चों की लड़ते रहे ये उस पूरी पीड़ी की जीत ह और सबसे बड़ी बात ये इस देश के लोकतंतर की जीत है।अज सियासत में बारा साल बाद एक शब्द और लोटा है।जवाब देही।

2:39

और ये उसकी भी जीत है।

2:41

क्योंकि आप 24 घंटे पहले एक खबरे पढ़िये।ये चल रहा था कि धरमेंदर प्रदान किसी भी सूरत मे और हमारा ही वीडियो 72 घंडे में तिहास का हिस्सा हो गया।

3:06

लेकिन हम खुश हैं उसके लिए।क्योंकि इस देश में जवाब देही कि नए दौर की शुरुवात हुई और ये कमाल है।कमाल है।टमस्कार मैं हूँ शुबहांकर मिश्रा और आज एक बात दिल से कहनी है आप हाँ हमने भी हमारा काम किया सवाल पूछा और आप में से बहुत सारे लोगों ने हमारा साथ दिया इसलिए हम चाहते हैं कि आप हमारा साथ और दे और आज इस वीडियो को विस्तार से देखें आप समझें क्योंकि आज का Analysis बहुत अच्छा है और आपको आनंद आएगा आप �अब जहां तक बात है कि आज इस वीडियो में हम क्या करने वाले हैं तो आज कई सारे विशेयें से बात करेंगे पहला विशेये धरमेंद प्रधान की चिठ्ठी को डीकोड करेंगे क्या उन्होंने कहा है?क्या च्छपाया है?

4:16

दूसरा, मोधी सरकार ने क्यों ये स्तीफा लिया?

4:19

ये बहुत important सवाल है और इस सवाल का जवाब पडोस के दो देशों से भी जुड़ा हुआ है वो भी हम आपको विस्तार समझाएंगे से कई माइने समझाएंगे तीसरा, इस स्ती� क्यूंकि हर सिक्के का दो पहलू होता है और दूसरा वाला पहलू रखना भी बहुत जरूरी है ये भी हम आपको समझाएंगे CGP का प्रोटेस्ट यहां पर खतम हो जाएगा या यहां से आगे जाएगा अगला मंतरी कौन बनेगा और क्या समस्या का समाधान हो गया धर्मेंत प अब शुरुबात करेंगे धरमेंद प्रधान के स्तीफेर से धरमेंद प्रधान के resignation को हम decode करें उस चिठ्ठी के अंदर घुसें उससे पहले एक interesting बात आपको दाते हैं जिस धरमेंद प्रधान की कुरसी पेपर लीक ने ली है क्या आप जानते हैं कि इसी इंसान की कहानी, politics आ भुवनेश्वर में सरकारी दफतर के सामने 1500 बच्चे आकर बैठ गए और उसी भीड में ये भी थे एबी वीपी से उस दिन लाठिया पढ़ी थेने खूब पढ़ी थी और वो तस्वीरे सोशल मीडिया पर भी शेर हो रहे हैंअगमी अडा नहीं चुपचाब जिम्मेधारी लेकर निकल गया आशकल कौन गाता है ठीक है मान लेते हैं मना नहीं कर रहा लेकिन एक सवाल यहाँ पर आता है कि जो लड़का पेपर लीके ख़िलाफ लाठी खाकर मंतरी बना उसी के रहते उसी उम्र में जिस उम्र में उसो ल वो भी वही मांग रहे थे ये भी वही मांग रहे थे वो 1997 ने बैठे थे या आज बैठे थे ये थोड़ी कड़वी बात है लेकिन खैर इस बात को धर्मेंद प्रदान को सोचना चाहिए था और सोचा होता तो शायद इस्तीफा ना देना पड़ता लेकिन अब इस्तीफा हु� अपनी तारीफ से शुरू होता यानी धरमेंदर प्रदान जो प्रोटेस्ट में बच्चे उन्हें गलतियां गिना रहे थे उन गलतियों को नहीं मानते वो अपनी तारीफ से शुरुवात करते हैं वो अपने 40 साल के ट्रेक रिकॉर्ट को बताते हैं वो पेपर लीक के बाद का अब यहां सोचने वाली बात है कि अगर सब कुछ धरमेंदर प्रदान ने अच्छा किया जैसा चिठ्ठी में लिखा है तो फिर इस्तीफा क्यों दिया क्योंकि दोनों ते एक साथ नहीं चल सकते दूसरी बात यह लगती है कि इस चिठ्ठी में जिम्मदारी नहीं ली गई है � तो धर्मेंज प्रदान जिनकी नौकरी गई है छोड़ते छोड़ते वो अपनी गलती नहीं मान रहे हैं किसी तीसरे पर उंगली उठा रहे हैं नाम नहीं लिखा है लेकिन इशारा किया है उसे आप किसी से भी जोड़ सकते हैं तीन नाम मैंने दिये और भी कोई नाम आपको �है तो आप उसे जोड सकते हैं एक और बात जो इस चिठ्ठी में है लिखा गया है कि पिछले दस दिन की घटनाओंने उन्हें तकलीव दी दस दिन यानी नतीजो चोथी बात जो सबसे बड़ी है पूरे कागज में कहीं भी उन्होंने apology का जखर नहीं किया है माफी कहीं नहीं माननी है जिस देश के 22 लाग बच्चों का साल हिल गया और पहली बार नहीं दूसरी बार था ये और बीते कई सालों में तो कई पेपर लीख होए हैं उन्होंने ए और एक बात आपको और याद दिला दें जो कोई नहीं बताएगा जब ये मामला शुरू हुआ था तब इनहीं सिख्षा मंतरी ने कैमरे के सामने इस बात तो कभूला था कि पेपर लीक का कोई सभूत नहीं है बाद में कहा रखशक भखशक बन गए और आज उसी मामले में कु उस दिन देश से क्या कहा गया था?खेर ये धर्मेंद प्रदानी कहानी है अब धर्मेंद प्रदान की स्थीफे से आगे बढ़कर बात करते हैं मोधी सरकार को चुकि मोधी सरकार का ये पहला स्थीफा है और इसलिए सवाल उठ रहा है कि ये स्थीफा क्यों हुआ?क्या सरकारतो आपको हिंदुस्तान के पड़ोस की जो देश हैं उन में बीटे कुछ सालों गहटनाओं को देखना पड़ेगा।

9:41

क्योंकि साल 2022 में श्रिलंका के नौजवान सड़क पो उतरे थे और राश्पती गोडबाया राजपक्षे को देश उड़का जाना पड़ा।2024 में पिछले साल नेपाल में भी जेनजी के प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री कुरसी ली थी तो तीन देशों में सेम कहानी जा चुकी थी तीनो देश में वहाँ एक बात और भी कॉमन थी कि वहाँ कोई लीडर नहीं था और यही चीज हर सरकार को डराती है लीडर हो तो सरकार के प जंतर मंतर पर सरकार को यही दिक्कत है क्योंकि जंतर मंतर पर अबिशेक, दहिया या XYZ जो थे ये ना भी रहें तो भी प्रोटेस्ट चलता है और आपने देखा सोनम वांगचुक गय प्रोटेस्ट रुका नहीं इसलिए आंधूलन जीवी वाला दस साल पुराना वाला नुस पहल्वानों कह सकते हैं गिंती के हैं बच्चों को आप क्या कहें ये हर राज में हैं हर जाती में हैं हर पार्टी के वोटर में हैं IT सेल चलाने वालों के घर में भी बच्चा तयारी कर रहा हैं दूसरी वज़ा किसान अंधूलन के वक दिवार इतनी मोटी थी कि 13 महिने की ठोकया तो इसने एक दो बार वोट दिया है दो बार भी गई एक बार वोट दिया होगा या अगली बार से पहली बार वोट देगा और politics में perception बहुत बड़ी चीज़ होती है इस बार ये perception बन गया था कि मोधी सहाब सुनते नहीं हैं मोधी सहाब स्तीफा नहीं लेते हैं उनको लेक सारी बात भी मानी और इस्तीफा भी दिलवाया और बाकी भारत पूरी तरह से हमारे पडोस के देशों की तरह नहीं रहा है जैसे बंगलादेश, श्रिरलंका, नेपाल उन तीनों के जो हेड व स्टेट थे उनसे मोदी जी थोड़े जादा स्मार्ट है उनने जुकना कब है, क� और रही सही कसर धर्में प्रदान के स्थीफे से एक और कहानी भारत और बाकी देशों में पर है भारत के पडोस में जो देश थे वहाँ पर रोजगार पैसा ठप हो चुका था वहाँ सरकारे ताकत खो रही थी कमजोर हो रही थी देश के हालात कमजोर हो रही थी तो हिंदुस क्योंकि फायदा नुखसान तो दोनों होता हर चीज का हर सिक्के के दो पहलू होते हैं।तो मेरे असाप से धर्मेंद प्रदान के स्तीफे का सबसे बड़ा फायदा हिंदुस्तान के लोकतंतर को हुआ है।

13:22

और ये मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि धर्मेंद प्रदान के स्त

13:30

देही भारत की डेमोकरिसी में बारा सालों में हम ये मान चुके थे कि कुरसी अलग चीज हैं जिम्मिदारी अलग चीज हैं आप याद कीजे हिंदुस आज पहली बार जवाब उस आदमी तक पोँचा जो फैसला लेने वाली कुर्सी पर बैठा था।

14:02

और इसलिए हिंदुस्तान की डेमोक्रिसी के लिए बहुत बड़ा दिल है।

14:05

क्योंकि लोकतंतर में इससे बड़ी कोई बात नहीं होती कि कुर्सी वाले को भी याद रहे कि उसक मजबूत से मजबूत सरकार को जुका सकते हैं और इस बार क्योंकि सरडक पर बच्चा बैठा था तो बच्चे ने जिद करके ये काम करवा लिया तो ये बहुत बड़ी चीज़ है ये अलग -अलग संगटनों को जिनके साथ नायंसाफी होती है भविश्व में उन्हें बहु तो देखो पेपर लीक पर सखत कानून का मसौधा नई कैबिनेट से पास हुआ जिसमें दस साल की सजा दस करूर तक की जुर्माने की बात कही गई फास्ट ट्रेक कोड का एलान किया गया वांगचुक को भरूसा दिया गया अंचन तोड़े सरकार को इससे क्या फायद हो है फाएक नए शहर, एक नए गाउं और लाखों ने लोगों को जोड़ता है।और ये हो रहा था।ये हो रहा था।मतलब BJP के पैरों तले जमीन खिसक रही थी।वो CJP जिसको मजाक मे उसे सरकार ने रोख लिया ये सरकार का एक बहुत बड़ा फायदा हो।

16:01

Imagine करो अगर गलती से कहीं एक दो बच्चों की डेथ हो जाती है कई प्रोटेस में लोग खुद को आग लगा लेते हैं कई बार ऐसा होता है कई हमने प्रोटेस में देखा है जिस intensity के साथ पूरा देश इस लेकिन एक बड़ा मुद्धा जो सरकार के खिलाव जा रहा था उसे फिलाल काफी हथ तक कंट्रोल कर लिया आगे क्या perception मनता है वो देखने वाली बात होगी दूसरा फारस सरकार का ये है कि सरकार के पास आज से एक नई line आ गई है सरकार आज से कह सकती है कि हम जनता की सुनते ह मतलब ये वाला perception जो है कि वो तानाशा है उसको BJP तोडने कोशिश करेंगे नौजवान वोटरों के सामने ये लाइन मजबूत हो सकती है क्योंकि उनहीं से समवाद है अगली बार के वोटर वही है इसलिए इसके पीछे कस्ती कागस खड़ा है उपर से देर सवेद धर्मेंद �जाने वाले थी।ये सब जानते थे।कि अगला मंतरी मंडल का बदलाव होता उसमें धर्मेंद प्रदानी कुर्सी जाती कईयों की शफल होती।लेकिन इस बार क्योंकि जिनजी ने सरकार हटवा राज्डिती में जो सच्चमुश हुआ वो आधी कहानी होती है आधी कहानी तो पीछे की होती है मतलब एक आदमी नौकरी छोड़ता है उसे दो तरस कह सकते है ना भाईया की निकाल दिया गया या उसने खुद जाना बेहतर समझा एक घटना के दो अलग -अलग कहानी होती है � अब सरकार जुकी तो ये सच है इसमें कोई दोराय नहीं है सरकार जुकी है मोधी सरकार को बारा साल के तियास में पहली बार जुकाय गया है लेकिन जुकी किस के सामने राहुल गांधी के सामने अखले शादों के सामने अर्विंद के जुरिवाल के सामने बच्चों के सामने � क्योंकि सामने जो लोग थे उनका चेहरा नहीं था, पाल्टी नहीं था, जंडा नहीं था सरकार ने धर्मेन प्रदानिक कुरसी दिये है लेकिन क्रेड़िट देश के बच्चों को दे दिया है और शायद आपको आने वाले समय में टीवी में खास तौर पर ये बताय जाये कये मास्टर स्ट्रोक था।

19:15

नुकसान कितना हुआ हुआ हम आप देख रहे हैं कि हमने जुका लिया।12 साल में पहली बार मोधी जुक गयें।लॉक्ट।लेकिन उनका भी एक परसेप्शन आएगा।

19:28

अपनी ब� हार से निकल कर सम्वेधना मदल जाती है।

19:40

आज देखिए, आज मुदी जी के जो फॉलोवर हैं, उनकी टोन में आपको बदलाव नजर आ रहा होगा।वो जादा चड रहे होंगे सोशल मेडिया पर।वो कह रहे होंगे, मुदी जी अब तयारी कर लीजेगा और जितना लोग � धरमेंद्र प्रदान के स्थीफे से जो नरेंदर मोदी को सबसे बड़ा फायदा हुआ है वो है तानाशा शब्द पर लिए।चारों तरफ ये चल रहा था बीटे कुछ सालों से कि मोधी जी तानाशा हैं।गद्धाफी, हिटलर, स्टालिन इनकी रेस में लोगोंने देखने जिसका ट्रक रिकॉर्ड रहा है कि वो जुखता नहीं है।

"99% accuracy and it switches languages, even though you choose one before you transcribe. Upload → Transcribe → Download and repeat!"

Ruben, Netherlands

Want to transcribe your own content?

Get started free
20:50

बारा साल में अगर आप मसले उठाओ।शुश्मा सुराज से शुरू हुआ था।सुरेश में वो खुद इस्तिफा देने गए थे।कहीं नहीं जुखा।परसप्शिन की लड़ाई में से एक हुआ।अब आएग

21:06

ऐसा कैसा तानाशा?आज रात को अगर मोदी जी आकर एक बार और कह दे, हेलो फ्रेंड्स मैंने तुम्हारे लिये कर दिया आई यू हैपी?यखीन मानो जितना आदमी गाली दे रहा था वही बढ़ियां बढ़ियां प्यारा प्यारा मीम मना किप कर देगा पिछला वाला रील सरकार से बात मनवा सकते हो हो सकता है कुछ समय बाद CJP वाला ही आये यही आएगा एक और मसला लेके क्योंकि खुन तो इनको भी लगा है कि वहे हम जीद गए आज दिखा आपने येस येस और political backing भी इनकी थी which is again true ये तो बात बच्चों के थी इसलिए पूरा देश आया political backing तो बिना चेहरे के ये सरकार का लुकसान होगा कि अगर एक बार जुख गए दूसरी बार जुखेंगे पहली बार जुखाना मुश्किल होता ना दूसरी बार तो धारण होता है पिछली बार तो जुखे थे आप जंता के लिए करेंगे आप और यही सरकार का सबसे बड़ी कमाईवो अतियार सरकार के हाथ से गया क्योंकि जिस दिवार में पहली दरार दिखती है उस दिन हर आदमी को पता चल जाता है दिवार तोड़ी जा सकती है दूसरे नुखसां घर के अंदर का है सबसे गहरा सबसे ज़ादा विचैनी विपक्ष से ज़ादा मोधी की कैबिनेट के � और तुम्हारे हिस्से गाली मोधी जी तक जा रही हैं तो मोधी जी तुमको भी नाब देंगे हा?सोचे नाब तो ये एक इंट्रेस्टिंग चीज है मतलब अगर दिक्कत होगी तो करेंगे तो आई एकस्पेट की इंडियन डेमोकरसी में ये फायदा हो की अब ज़ादा मंतर इसलिए बार बार मैं कह रहा हूँ पहली बार जुखना असान होता, दूसरी बार मुश्किल।तो सरकार के point of view से नुखसान भी है, फायदा भी है और सबसे बड़ा नुखसान वक्त का है।

24:36

आप ये सुच्छी कि अगर यही स्तीफा 20 जुलाई लाठी चार्च से पहले आता तकीमत वक्त की होती है जो चीज़ सही वक्त पर दी जाये वो हैसान बन जाती है और जो देर से दी जाये वो हार बन जाती है तो आज अगर कोई मोधी जी कोई हारने की बात भी कह रहा है तो वो भी गलत नहीं है पूरी तरा सही है वो उसने हराया है सरकार की बजबूरी थ तो क्या संसत के अंदर ये काम देश के विपक्ष के सांसत नहीं कर सकते थे।मैं ये नहीं कह रहा कि विपक्ष के सांसतों ने आवाज नहीं उठाए।उठाए ये कुछ सांसतों।बस जिस तरह से पूरे देश के बच्चे संगठित हो गए और सरकार की नाक में दम कर दिया पेपर लीग जैसे मुद्दे को बीते 3 -4 साल से जो बच्चे मार खा रहे थे इतनी प्रमुक्ता से नहीं उठाय था क्योंकि अगर उठाय होता तो जो काम बच्चों ने सडक पर लाठी खाकर करवाया वो काम संसद में हो जा बच्चों को सडक पर सोना ही नहीं पड़ता सक्षा मंतराले आराम वाला मंतराले अब तक माना जारा था।जहां नीती बनती थी भाशड होते थे और अब सिख्षा मंतराले सबसे खतरनाक मंतराले होगा क्योंकि अगली गल्ती कीमत फिर कुर्सी है तो एक पैमानात तैं हो गया ना पहली बार इस्तीफा दिक और 2018 से अब तक 270 से जादा बड़ी परिक्षाय कर बाई हैं।

27:29

जिसमें 6 करोण सतिक बच्चों ने फार्म भरें।अब आप बताइए इतनी बड़ी एजनसी में पक्की नौकरी वाले कितने होंगे?5000?500?

27:40

सरकार ने जो राज्यस्सभाब में बताया वो है 24 और जितनी नौकरिया और पक्की नौकरी वाले इस विभाग में सिर्फ 24 आदमी. पेपर लीक पे अगर आपको हैरानी होती है, तो क्यों ना हो?जब पेपर बाहर जाता है, तो जिम्मेदार कौन ठैरेगा?ठेके वाला, आउटसोर्स वाला, या वो 24 आदमी है?इसलिए भी धर्मेन प्रदानी कृर कहाँ टूटी थी चेन?चोबीस लोगों वाली सेजन्सी को कब तक असली एजन्सी बनाये जाएगा?इस सब सवाल बहुत इंपोर्टेंट है

28:50

और भरोसा लाना बढ़ा इंपोर्टेंट क्योंकि बच्चे को भरोसा नहीं है हर बच्चे के मन में डर है कि बाई पता नहीं अगला पीपर फिल लीक हो जाए तो जो भी अगला मंतरी आएगा ट्विटर वाला जमाना गया ना भाई अब तो इंस्टाग्राम का जमाना है खेर एक important सवाल धर्मेंद प्रदान के स्थीफे के बाद बच्चे घर जाएंगे रटे रहेंगे और ये बड़ा important सवाल है इसका आथा जवाब CJP वालों ने दिया है क्योंकि जैसे ही मांग पूरी वो जितने गाली गलोच वाले हैं मा बहन करने वाले इंडियन आर्पी को गाली देने वाले भगवान राम को गाली देने वाले मतलब कईयों से तो मेरा भी दिल बड़ा दुखा था यार ऐसा लगता है कि मतलब बिना गाली दिये बात ही नहीं कर सकते और गाली भी वो जो उनक तो सरकार मुआवजा और मुकद्मा लेने वाली बात तो मान चुके हैक्योंकि इसी पर सोनम वांगचुक ने भी बात कही थी अब आगे चौथी वाली मांग पुलिस माफी मांगे पता नहीं मतलब पुलिस एक विवस्था है मंतरी का स्तीफा समझ में आता है पुलिस का माफी आंदोलन की भी असली परिक्षा यही शुरू होती है क्योंकि आंदोलन तब तक नहीं तूटता जब तक सक्ती होती है आंदोलन तब तूटता है जब उससे काफी कुछ मिल जाता है क्योंकि जीत के बाद भीड भिखरती है आर के बाद नहीं अब देखने लाइक बात होगी कि कि अगली बार भी एक मंतरी फेंग देना काफी और बाखी तीनों मांगे थंडी पड़ जाएंगे. NTA के धाँचे का सवाल भी शायट चला चाएगा, देखना लाइग रहेगा. क्योंकि किसान आंदोलन 13 महीने चला, कानुन वापस हुए, तंबो खड़ गए और MSP की गेरें� क्योंकि मंतरी का सीफा हुआ है, NTM बदलाव नहीं हुआ है और यही असली अमतिहान हैऔर फिर सवाली क्या ये बच्चे कैमरा हटने के बाद फिर लड़ पाएंगे क्योंकि हर अंधोलन का सबसे मुश्किल दिन वो नहीं होता राठी चलती बार बार मैं कह रहा हूँ सबसे म� अगर सजा सिर्फ माफिया पर है और सिस्टम पर एक लाइन नहीं, तो समझेगा कानून बना है लेकिन पूरा यलाश नहीं हुआ. दो हफते बाद की तारीख है जब पता चलेगा कि मंतुराले को पूरा नया मंतुरी मिलता है या किसी और मंतुरी को साथ में ये भी मंतुराले दे दियाता है दूसरी सूरत का मतलब यही है कि सरकार इसे सिर्फ आग गुज़ाना मान रही है सुधार में तीसरी तारीख तीन मह संबलपुर से सांसत वो अभी हैं और खुद लिखा है कि आगे काम करते रहेंगे।6 महीने बाद अगर वो किसी दूसरे मंत्राले या बड़े पत पर दिखते हैं तो जवाबदेही तबादला हो जाएगी वो जवाबदेही नहीं रहेजाएगी।क्योंकि अगर सचमुच किन बीते कुछ दिनों में जंतर मंतर के प्रोटेस और चात्रों के आवाज उठाने में हमने दो specific वीडियो प्रधानमंतरी मोदी को ले करें बनाए थे जिसमें हमने कहा था कि प्रधानमंतरी मोदी लोगों से समवाद नहीं करते हैं वो सिर्फ पुरुसकार देते वक ट्वीट करबात नहीं करते हैं और दूसरा ये सरकार जवाब देही नहीं तैंकरती हैं बहुत साहे लोग भी मान रहे थे कि वीडियो से क्या फायदा मतलब प्रधानमंत्री जो सुनेंगे नहीं इस्तिफा तो होगा नहीं लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री ने देश से समवाद क बड़ी संख्या में देश के लोगों ने देखा, समझा और I am sure प्रदान्मंत्री जी ने भी feedback लिया होगा एक अच्छे लोकतंतर में समवात बहुत जरूरी है और ये समवात किसी माध्यम से ना हो सीधे हो तो ये और जादा सरदार होता और प्रदान्मंत्री जी ने हमारी ये लोकतंतर में जितना समवात जरूरी है उतना ही जरूरी है जवाब देही ते रखना और जवाब देही आज धरमेंद्र प्रधान के स्थीफे से निकल कर आती है तो ये अपने आप में बड़ी शांदार चीज है और मुझे लगता है ये सब आप लोगों की वजासे हो पाया करने वाले लगातार कॉमेंट कर रहे थे आपने तमां सेलिबिटीज को फूर्स किया कि आप भी इस विशे पर बात करें और आपने ये बताया कि लोकतंतर में अगर आप डेमोक्रेटिक तरीके से सही तरीके से आवस उठाते हैं तो हो सकता है थोड़ी देर हो जाए लेकिन फ एक नए दोर के शुरुवात की और प्रदान मंत्री जी आप को भी हम कहना चाहेंगे की धन्यवाद आपने हमारे सुझावों को सुना और अच्छी बात ये कि आपने अपने आपको भी बदला ये बदलाव अच्छा है अगर आप यूँ ही बदलते रहेंगे अपने मन के साथ

36:29

साथ लोगों के मन की बात को भी सुनेंगे, समझेंगे, अमल करेंगे, तो ये देश के साथ साथ आपकी पार्टी के लिए भी अच्छे दिन ला सकते हैं।बाकिस कहानी के समापन पर अगर हम अभी भी उस सिस्टम में बैठा है जिसे किसे ने छुआ नहीं है और जिसका जखर हमने इस वीडियो में किया है मंतरी गए हैं विभाग वही है जहां से पीपर लीख होता है उसको ठीक करना भी बहुत जरूरी है पर फिर भी आज का दिन बड़ा है आज लोकतंतर जीता है ये एक मंत्री की कुर्सी से गया है सुधार से नहीं हमें ये समचना है कुर्सीयां खाली हैं पेपर सुरक्षित नहीं हुआ है अगली परिक्षा फिर उसी एजन्सी के हाथ में है जोसमें पक्की नौकरी वाले केवल 24 लोग हैं जो करोणों लोगों का भविष्टे करेंगें इसल CJP वाले चाहे तो वही उठा ले मतलब अभी ये चीजें फिक्स हो सकती हैं बाकि मैं खुश हूँ क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े लोगतांत्रिक देश में लोगूं की आवास सुनी गई है और इसलिए ये दिन एतिहासिक है बाकि जाते आते आप बताये कि धरमेंद परहा है मैं आपे comments पढ़ता हूँ आप भी हमारी ताकत बनते रहे हैं हमारे साथ सवाल पूछते रहे हैं हम बार -बार कहते आये हैं कि सवाल जिंदा है तो लोकतंदर जिंदा है और बारिखे महराज �

Get ultra fast and accurate AI transcription with Cockatoo

Get started free →

Cockatoo