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Did BJP Really Win Bengal Because Of SIR? | Do Poll Numbers Back TMC's Claims? | Akash Banerjee

The Deshbhakt5 views
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मान लीजे 2024 में बीजेपी 400 पार का आखडा पार कर लेती लेकिन उस समय अगर कोई आपको बता था कि 2026 में बीजेपी बंगाल में 200 सीट पार कर लेगी तो कोई यकीन ना करता. लेकिन परसों थक जो असंभव था वो संभव हो गया जब 4 माई को बीजेपी ने 294 सीटो वाला � 20 cabinet minister भी चुनाओ खार गए।लेकिन हार में भी मम्ता बैनर जी ने नया मोडचा खोल दिया है।ये दावा किया है कि चुनाओ में 100 सीटे BJP ने चोरी से जीती हैं।दूसरे विपक्षी नेटागड भी हरकत में आ जाते हैं, मम्ताबेनर्जी को सपोर्ट करने लगते हैं, राहूल गांधी ने भी कहा, बिल्कुल सही बात है, सो सीटो की तो वोट चोरी हुई है. अखिलेश ने कहा जो प्रयोग बीजीपी सरकार ने यूपी के कनोज में किया था सेंट्रल फोर्सेज का इस्तमाल करके अब वो पूरे मंगाल में किया जा रहा है।लेकिन इस पूरे चुनाओ में सबसे विवादासपक मुद्धा रहा है बंगाल में आनन्द फानन्द में सायार करवाना जिससे लाखो जेनुविन वोटर्स का नाम कड़ गया और सुप्रीम कोड्ड ने भी उनकी गोहार सुनने से मना कर दिया 27 लाख वोटर्स को अंडर अज कि अगर एसी हालत बनती है कि चुनाओ में विक्ट्री मारजन से वोटर डिलीशन की जो संख्या है काई गुना जादा हो जाती है उस सिच्वेशन पर वो कुछ करेंगे देविल अपलाय देर माइंड तो क्या इसका ये मतलब है किचामदानी में Supreme Court फिर से चुनाओ करवाईगी?

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क्योंकि winning margin तो वहाँ 3000 वोट्स का है, BJP के Dilip Singh वहाँ चुनाओ जीते हैं, लेकिन 7600 वोट की छटाई हुई थी इसी constituency में. या फिर ये दलिल दी जाएगी की 74 ,000 तो क्या मम्ता बैनर्जी इलेक्शन कमिशन को चुनौती दे सकती है कि ये इलेक्शन TMC हारी नहीं ये चुराई गई है उससे क्या मम्ता बैनर्जी इस्तीफा देने से मना कर सकती है और क्या मम्ता बैनर्जी सही में कह रही है जो बात उसमें लोजिक है कि आज जो बंगाल Bengal election ka debate kaafi emotional to hai, lekin agar aapko usse samajhna hai, satya ko jaana hai, to aankadon ka sahara lena hoga. Aankade ab humare saamne aa rahe hain, wo kya baya kar rahe hain?और दीदी की कोर विमिन वोटर का क्या हुआ?अगर बंगाल में जबरदस्ट मेंडेट को समझना है एसायार के इंपैक्ट को परखना है तो ये पूरा मैथ्स आपको जानना होगा क्योंकि बेंगाल के एलेक्शन में बीजेपी को एक फॉर्मूला जरूर मिल गया है कि कठिं� जैसे की हमने कल भी आपको बताया था अपने एपिसोड में ये कोई साधारन Assembly Election हमने नहीं देखा है. इस चुनाओं के जो नतीजे आए हैं हमारे देश के Regional Parties और 2029 लोकसभाड चुनाओं पर बहुत बड़े तरीके से ये प्रभावित करेंगे ये वाले Assembly Elections.अब BJP TMC को कांटी की टककर देने वाला था ये तो सबको मालूम था लेकिन 200 पार बंगाल एलेक्शन के रिजल्ट ने सबको चौका दिया. किसी भी एकजिट पॉल ने 206 का आंकडा वीजेपी को नहीं दिया था. फिर चार मैं को जोर का चटका लगता है TMC को. अब जैसे बंगाल एलेक्शन में हुआ वैसे ही रियल लाइफ में भी हो सकता है उसका भी कोई परिवार के फ्यूचर की तैयारी की हैं क्योंकि आपके घर में आप ही वो irreplaceable leader हो जो ना सिर्फ आज बलकि पूरे जीवन के लिए उनकी security और सुविधा की जिमिदारी निभाते हैं और ये जिमिदारी अधूरी ना रह जाए इसकी तैयारी करनी भी आपकी responsibility बनती है आज मामूली सी बिमारी होने पर भी हस्पताल में एडबिट होना पड़ता है जहां एक दिन का हॉस्पिटल का खर्चा भी लाखों तक पहुँच सकता है और अन्फोर्चिनेटली कोई अनहोनी हो गई तो आपका परिवार दरदर भटकने पर मजबूर भी हो सकता है यही कार� अगर आप भी अपने परिवार का future secure करना चाहते हैं तो description में दिये गए link को click कीजिए और आज ही health और term insurance लीजिये online purchase करोगे तो 15 -25 % तक का discount भी आपको मिल सकता है तो जिंदगी के छटको से बचिये be fully insured अब देखिए इस बात का कोई क्लियर सबूत तो है नहीं कि एलेक्शन कमिशन ने जानबूच कर सोच समझ करे कैसा SIR बनाया जिससे बीजेपी को आड़ ओर्टेज मिले. लेकिन जिनको क्रोनॉलेजी समझ में आती हैं, वो तो साफ साफ देख चुके हैं कि जो हुआ वो सनहीं हुआ जो हुआ वो ट्रांस्पेरेंट तरीके से नहीं हुआ और अगर इसी तरीके से एलेक्शन कमिशन का बरताव रहा तो डेमोक्रसी इंडेक्स में हम China के बगल में अपने आपको पाएंगे. SIR का impact हुआ नहीं हुआ?अगर हुआ तो कितना हुआ?

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इसको जानने से पहले मैं एक बात क्लियर कर देता हूँ. कि जिस timeline में बिना safeguards के जिस आनन्फानन्द में SIR को करवाया गया वो Democracy के नाम पर धबा था. अब इस बात के भी � कहा कम, किस को देख कर ज़ादा किया गया, SIR को करवाने वाला जो एलगुरिथम भी था, वो कैसे कॉमिडी शो था, ये भी साबिद हो चुका है, जिसके वजे से भतेरे गलत नाम भी कट गए।जैसे की फरक्का से महताब शेख, ये तो चुनाओ में Congress Candidate थे, लेकिन SIR � जीत भी गए लेकिन 27 लाख और लोग उनकी गुहार सुप्रीम कोट ने नहीं सुनी लेकिन जितनी बरबरता से SIR को बंगाल में, तामिल नाडू में, केरला में लगाया गया उसी election commission ने आसाम में ऐसा कोई mass deletion नहीं किया अब यह हो सकता है coincidence है कि ये सिर्फ एकल Bengal me ye khabar bhi aayi ki Election Commission ne 7 lakh nai voters ko electoral roles me shamil kiya chunav se kuch din pehle aur ye kiya gaya form 6 application dwara. Lekin EC ne inn nai voters ki koi details release nahi ki age, gender, first time voter hai ya nahi, kuch nahi.

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अगर इसके लिस्ट के लिए पूब्लिश कर रही है, अगर इसके लिए आपने एडेशन नहीं कर सकते हैं।और नहीं करता है कि इसके लिस्ट के लिए पूब्लिश कर रही हैं।

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नहीं करता है कि इसके लिस्ट के लिए एडेशन नहीं क तो इस बात पर डिबेट नहीं है कि playing field बिलकुल fair था, बिलकुल transparent था बंगाल में मेरे खाल से इस पर तो कोई भी दावा नहीं कर सकता है playing field fair नहीं था, transparent नहीं था सवाल यह आता है कि इस unfair, untransparent field में कितना impact पड़ा, BJP को कितनी बढ़होतरी मिली अब BJP की जो 206 seats का जो victory है क्य Water deletion इसे सीट आपको इतने नहीं मिलेंगे जो 206 का आंकडा आपको समझा दे. तो SIR के बगएर उसके एलावा भी कुछ था. लेकिन ये बात भी सच है कि SIR के जरीए Water deletion उन constituencies पर ध्यान दिया गया था जहां Muslim population ज़ादा है. इससे BJP को benefit जरूर मिला है. Murshidabad, Uttar Dinajpur, Malda, Nodia, Purbhavardhwan, South 24 Pargana. Syed SIR का सबसे चिंता जनक एंगल यही है।उसका स्ट्रेटीजिक रूप से Minority Heavy, Closely Contested Constituencies में इस्तमाल करना।जैसे फोर इक्साम्पल, जोंगीपूर में, BJP का Winning Margin 10 ,500 के आजपास, Voter Redeletion जो हुआ, that was 36 ,000. Kauran Digi mein BJP ka winning margin 20 ,000 voter, deletion 31 ,000. Lekin SIR ke badaulat agar BJP ko kuch seats mili bhi, tab bhi itne bade sweep ko ye explain nahi kar sakta hai. Kyuki TMC ki haar bhi bahut jagah waisi hui hai. Aur aankhde ye bayan karte hain. Isko samajhte hain. 2011, 2016, 2021 me TMC aur allies ne 227 seats 211 और 216 असमली कंस्टूर्टअगर आप स्ट्रॉंग होल्ड जनना चाहते हैं, तो तीनो बार जब TMC जीती है, तो 124 ऐसी constituencies थी जहां TMC और उनके allies बार बार जीते हैं. लेकिन 2026 में TMC और उनके एलाइज इन 124 में से 78 स्ट्रॉंग होल्ड्स खो देते हैं भारी लॉस होता है और अपने स्ट्रॉंग होल्ड्स से बाहर के एरियाज में सिर्फ 34 सीड़ जीत पाती हैं मने एकस्पैंड नहीं कर पाती हैं अपना इंफ्लूएंस अब इसी पैमाने पर हम BJP को लेते हैं 2019, 2021 और 2024 लोकसभा को हम लेते हैं Assembly लेवल पर तो पार्टी यहां जीतती है 121, 77 and 19 Assembly Constituencies इनका Stronghold अगर आप देखें जहां तीनों चुनाओं जीते गए हैं 54 का आकड़ा आता है अब आप आ जाते हैं इस चुनाओं में 2026 में BJP इन सारे Stronghold जीत जाती है तो अपनी जो पकड है वो और भी एकस्पैंड करती है. ग्राउंड रिपोर्ट्स और आंकडे दोनों ये दिखाते हैं कि BJP ने 5 .5 मिलियन के आसपास से जादा वोट्स मने वोट्स में इजाफा किया और TMC ने सिर्फ 1 .7 मिलियन वोट्स की बढ़होतरी दर्ज क जहां सबसे जादा deletions हुई हैं तो by logic तो BJP को सबसे जादा यहां जीतना चाहिए था लेकिन सबसे जादा deletion के seats में आकड़े दिखा रहे हैं कि 13 seats TMC ने जीते, 1 Congress ने जीता, BJP ने 6 seats जीती. तो SIR एक कारण हो सकता है, कुछ seats में कारण हो सकता है, उसको करवाने के पीछे मनउसे करवाने का तरीका गलत हो सकता है लेकिन उसका impact ये बताता है कि बंगाल में कुछ और भी हुआ था 27 लाक वोटर के वोट्स को अपना हक तो मिलना होगा उसकी लड़ाई जारी रहनी होगी लेकिन ये जानना भी ज़रूरी है कि बंगाल में और क्या बदला जो आंकडे बय जो देखना चाहते हैं, वो इसे देखेंगे।उन constituencies में, जहां minority population 30 प्रतिशट से जादा है, वहाँ TMC की पकड टिडिशनली जादा मानी जाती है।

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इस बार भी ऐसे assembly constituencies में, TMC ने 56 seeds जीती।लेकिन दिल्चस्प बात यह है कि BJP ने भी ऐसे 18 minority heavy constituencies में जीत हासिल की है।जैस और गौर करने की बात ये भी है कि यहां कई जगों पर बीजेपी का जो विनिंग मारजन है डिलीटेड वोटर्स की संख्यास से कम थी लेकिन TMC का खराब पर्फॉर्मेंस से साइर से जस्टिफाइड नहीं हो सकता है क्योंकि 32 ऐसी कंस्टिवन्सीज भी हैं जहां मुस्लिम ए 2021 में TMC ने 32 की 32 ऐसे seeds जीती थीं इस बार सिर्फ 23 seeds जीत पाई मनें Muslim vote खुद split होकर Left, Indian Secular Front और Congress के बीच में बट गई voting pattern ये दिखा रही है कैसे BJP ने Congress और Left के Hindu votes को अपने पास कर लिया और कैसे TMC के Muslim votes Congress और Left के पास चले गए कैसे बीजेपी, एंटी बीजेपी वोट का फ्रागमेंटेशन हुआ, लेफ्ट, आयसेफ और कॉंग्रिस के वजे से तो टी ऐमसी को वोटर के लिए है?के लिए आवाज उठानी पड़ेगी लेकिन आकड़े ये भी दिखाते हैं कि TMC की खुद की जो Assured Minority Vote Base थी उसको भी देखना पड़ेगा. मुस्लिम वोट मम्ता को क्यों नहीं गया?बट क्यों गया?इसके भी कई कारण है. एक तो SIR को लेकर भी घुसा है. Election Commission और BJP पर ही नहीं. TMC पर भी घुसा है क्योंकि TMC उन्हें समय से बचा नहीं पाई. No. 2, Governance Failure भी कहीं न कहीं है. इसका ए No. 3 TMC बाच तो Muslim welfare की बहुत कर चुकी है लेकिन डेटा दिखाता है कि एक development deprivation है. Muslim dominated areas में कोई industrialization, कोई job creation पंधरा सालों से देखा नहीं गया है. कही न कही TMC ने सोचा कि Muslim loyalty उसके लिए unconditional है, ये तो हमारे साथ ही हैं. इस election ने साबिद कर दिया ऐसा नहीं है. जैसे जैसे वोटर डेटा बाहर आ रहा है ये बात भी साफ हो रही है कि बीजेपी ने पिछले कुछ महीनों से बंगाल में कितनी बारीकी से काम किया था, फोकस तरीके से काम किया था. शेडूल कास डेटा को अगर आप ध्यान से देखें तो आपको देखेंगा अगर आप इसको विपरीत कर दो उन सीट में जहां शेडूल कास्ट की पॉपिलेशन दस प्रतिशट से कम है वहां बीजेपी का विंड रेट गिर जाता है 56 % हो जाता है टी एम सी का बढ़ जाता है 33 % हो जाता है दर्शाता है और बीजेपी को रूरल और सेमी रूरल इलाकों में जो शेडूल कास्ट का सपोर्ट है वो बहतरीन तरीके से मिला और ये TMC के लिए घातक साबित हो सकता है अर्बन बेस तो जा ही रहा है

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रूरल बेस भी हाथ से चले जाएगा अगर शेडूल का सारे BJP के पास चले गए Aur urban constituencies me BJP pehle se hi achha karte aaya hai. Is baar to unhone holy urban constituency me BJP ne 76 .5 % seeds jeet li, TMC sirf 23 .5 % jeet paayi. Aur mostly rural constituencies me BJP ne 67 % seeds jeeti, TMC ne 30%. Ye rural base ek baar sirf TMC ka hua kar paata tha, urban base BJP ka tha. Lekin kahin na kahin urban base bhi. जो हिंदुत्व पॉलिटिक्स के खिलाफ था वो भी TMC का साथ चोड रहा है और इस पोस्ट मॉर्टम में सबसे घातक चैप्टर जो TMC के लिए रहा है वो है उसका विमिन वोटर बेस पंधरा सालों से उसे बेडरॉक माना जाता था कि ये विमिन वोटर तो और कहीं नहीं जा प्रती मा मम्ता मैनर्जी दे रही थी अपने वोमिन कंस्टुन्सी को कन्याश्री फाइनेंचल सपोर्ट फोर गरल्स एडुकेशन अगेंस्ट अरली मैरेज ये सारी स्कीम्स कहा जाता था कि मम्ता मैनर्जी का एक तरफ से कवच है एक emotional connect है बंगाल की महिलाओं के साथ इलेक्� तो टिल्ट हुआ है जो विमिन वोटर है in favour of the BJP यह बहुत बड़ी बात है देखिए जो स्टेट में active women participation है voting में 3 .16 करोर women voters compared to 3 .28 men voters यहाँ अगर women voter में 5 % का swing माना गया तो काफी seismic मान सकते हैं earthquake आ जाएगा बंगाल की election में और जो हमने देख रहा हैelection result में अब ये जो विमिन वोटर हैं इन्होंने मम्ता बैनर्जी का साथ क्यों छोडा?इन अन्रूली एलेमेंट्स को टीम्सी दुवारा इसको अपविजिशन ने काफी हद तक वैपनाईज किया एक इमोशनल कनेक्ट बनाया और जो विक्टम है उनकी मा को रतना देबनात को जो कैंडिडेट बनाया जो कैंडिडेट जीत भी जाती है उससे ये बात साफ हो गया थ प्रतीमा विमिन को प्रामिस किया है अंडर दी अन्पूर्णा स्कीम ये मम्ता बैनर्जी का जो स्कीम है उसका डबल है फ्री ब्रस ट्रैवल फौर विमिन 33 % रेजर्वेशन इन विमिन जॉब डेडिकेटेट दुर्गा सुरक्षा पुलीस स्कौड तो बीजेपी की जो विमि और इसी पर हम आते हैं कि एक बहुत बड़ी जो भूल की मम्ता बैनर्जी ने वो ये है कि लोगों को इंकम, employment, economy के बारे में बात करना था और मम्ता बैनर्जी ने anti BJP, anti election commission जो campaign लगाया उससे कहीं न कहीं connect शायद नहीं बैठ पाया लोगों को jobs चाहिए थी, economy के बारे में बातआज नहीं तो कल तो देना पड़ेगा लेकिन फिलहार डेटा तो यही दिखा रही है कि इस इंपरफेक्ट सिस्टम पे भी वोटर डिलीशन से टी एम्सी को उतना डैमेज नहीं हुआ जितना दूसरे कारणों से हुआ है अगर वोटर डिलीशन में कारण होता तो जहां वोटर TMC कई जगों पर भारी वोटर डिलीशन के बाद भी अपनी सीट जीत लेती है Mamata Banerjee और TMC को अपने failures को भी देखना पड़ेगा. Mamata Banerjee ने कुछ हद तक तो ये जो विक्ट्री है ये BJP को प्लैटर पर दिया है जिस तरीके से करफ़शन साल व साल शारदा स्कैम नारदा स्कैम टीचर्स रिकूट्मेंट स्कैम स्कैंडिल आफ़टर स्कैंडिल एकस्टोर्शन बेस्ट पुलिटिकल सिस्टम जो बन गया था इतने सालों से काम करेंगे वो तो आपके खिलाफ हो ही जाएंगे. Industrialization का जो problem है, Bengal under TMC, इतने सारे jobs promise किये गए, हुआ कुछ नहीं. और उसके बाद जैसा मैंने आपको बताया, campaign strategy कहीं न कहीं तो एक emotional connect इस बार बन नहीं पाया, जिस तरीके से मम्ता बैनर जी ने SIR को election का बु�की वो कहीं न कहीं बैकफायर किया बीजेपी ने एक जादा उसके बाद आर्जी कॉर, एक्स्टॉर्शन, विमिन सेफ्टी ये तो मुद्धा डेफिनेटली बना।प्लैटिनम, गोल्ड, सिल्वर, ब्रॉंज, स्ट्रेटिजी पर आपने एक एक बूत को आपने आइडेंटिफाई किया 45 ,000 बूत को 100 सीटो पर आपने आइडेंटिफाई किया जहां 5 % का आपका वोट डिफरेंस था इसको क्लासिफाई किया गया अर्बिन एरियाज में उनमें प्रमुक लगाए गए, एंजियोस के साथ बात किया गया, ग्रूप्स को अइडेंटिफाई किया गया, उनके साथ काम किया गया तो कहीं न कहीं एक डीटेल्ड स्ट्रेटेजी अपनाए गई कल्चरल री कलिबरेशन किया गया अपने आपका जो अउट्साइडर इमेज था जो मम्ता बैनर जी ने काफी कोशिश की थी उसको किस तरीके से काटा गया डेसिमेट किया गया अंत में यही बोलूंगा कि हमें मालूम है सिस्टम रिग्ध है मीडिया बिका हुआ है किस तरीके से इलेक्शन कमिशन को इस्तमाल क

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कॉलेज टाइम पर हम जब डिबेट करते थे तो बहुत बार ऐसा होता था कि जो रिजाल्ट्स होते थे वो रिग्ड होते थे प्रोफेसर उसी कॉलेज से होते थे जहां हम डिबेट करने जाते थे तब एक सीनियर ने एक बहुत अच्छा एडवाइस दिया था कि इसको जीतने उसी तरीके से आज opposition को भी काम करना होगा. बहुत सालों से सुनते आया हूँ कि मीडिया बिका हुआ है, EVM खराब है, सिस्टम गडबड है. आज आपको ऐसा एक mass movement करना पड़ेगा जहां आपको absolute support मिले लोगों का, absolute unity हो opposition की, absolute 24 hours आप काम करोगे. अभी तो इंडिया ब्लॉक म� हमारे देश में कभी कोई फाइट फेर नहीं रहा है. जब हम अंग्रेजियो से भी लड़े थे तब फेर नहीं रहा था. जब जनसंग ने कोशिश की थी तब भी फेर नहीं था. जब बीजेपी ने भी कोशिश की थी, जो एमरजिनसी के खिलाफ लड़े थे. ओपपुजिश एक और बात सरकार में जो भी आए मुश्किल के गड़ी में परिवार और एक अच्छा इंशौरेंस ही आपके काम आएगा इसलिए सही इंशौरेंस से आप कैशलिस् कवर भी पा सकते हैं हॉस्पिटल बिल्स में लाखों रुपए भी बचा सकते हैं और टर्म इंशौरेंस आ�

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