E20 EXPOSED: Is E20 Fuel Destroying Indian Cars & Bikes? Facts vs Fake News Nitin Gadkari
क्या आपकी कार और बाइक पहले जो इतना माइलेश नहीं दे रहे हैं?मतलब जो टंकी भरवाने के बाद आप हफ़ते बर गिलते थे, वो पांच दिन में खतम हो जा रही हैं?और आप टायर चेक करवा रहे हैं, सर्विस करवा रहे हैं, लेकिन फिर भी वही हाल हैं?
मेकैनिक अगर आप इन परशाणियों से गुजर रहे हैं तो आप अकेले नहीं हैं गुरू क्योंकि ये लाइन इस देश के हर मेकानिक के जुबान पर है।
और वज़ाई ये है कि माईलेश थोड़ी न पूरे देश से गिरा है।और इसको समझने के लिए आपको टंकी के अंदर जहाकना पड़ेगा।और टंकी के अंदर जहाकते ही पहली चीज जो हमको दिखाए पड हाँ मतलब हमें लगता है मिलावर सस्ती होती है लेकिन सरकार कह रही है मेंगी चीज डाली है अगर टाक्स अटा के देंगे तो वो बहुत मेंगा पड़ेगा डाला क्यों है सरकार का लोजिक है उससे देश के अर्बो रुपए बच रहे हैं हाला कि वो अर्बो रुपए की ब� कि मंतरी जी तो कहे थे की सारी गाड़ी में चंगा सी फिर ये नई गाड़ी में खास इंजाम क्यूं?और अगर खास इंजाम ज़रूरी है तो जो पहले से करोडो गाड़ी दोड़ रहे हैं उनका क्या और नहीं है तो अलग से क्यों लिखा गया है कोई एक तो गड़बड कह रहा है सरकार के अपने ब यानि इंकार की बात काग़स से टक्रा रही है।इसलिए जब पूरा देश एतनौल वाले तेल को लेकर परिशान है, चर्चा कर रहा है, कुछ अफ़वाहें है, कुछ जिग्यासा है, कुछ स्कैम की बात चल रही है, कुछ गर्बर जाले की, तो हमको लगा कि तेल के खेल को प और विज्ञानीक ऐसा जटका दे रहा है कि दोनों पक्ष चॉक जाएंगे।इसलिए आज अगले 10 -15 मिनित में हम आपको बहुत सारी जानकारियां देने वाले हैं जो आपके लिए जानना ज़रूरी है अगर आप एतनाल पेट्रोल के असली खेल को समझना चाहते हैं।
यह सम सिर्फ आम आदमी की बात होती हैं जनता के लिए हम हैं क्योंकि आप हमको बनाये हैं हलाकि आप लोगों को WhatsApp उतना बडचड़ के फॉलो नहीं करते हैं से थोड़ी हमाई नाराज़गी हैं अभी भी है समय है कर लीजेगा लिंक हमने कॉमेंट सेक्ष्ट में दे रखा है या WhatsApp पवहां हम आपको वीडियोस भेशते रहेंगे. अब सवाल है कि आखर E20 है क्या?तो शुरू में हमने आपसे कहा था ना कि आपके 100 रूपए के पेट्रूल में 20 रूपए कुछ और बिलता है, यही कुछ और एतनाल है. और इस नए पेट्रूल का नाम है E20. E मतलब एतनाल और 20 म अब यहाँ पर यह बात आप पकड़ लीजी क्योंकि पूरी कहाणी इसी के आसपास है।2014 में पेट्रोल मेथनॉल था 1 .5%, फिर बढ़ा दिया गया 5%, फिर 10 % डिसम्बर 2025 में सीधे 20 कर दिया गया।अब आप खुद सूचे कि आपकी थाली की रोटी में कोई 20 % कुछ और मिल दवा की पत्ती पर हर चीज लिखनी पड़ती है बिसकेट के पैकेट पर हर चीज लिखना पड़ता है जिस पेट्रोल पर करोडो घर चलते हैं वो चुपके से बदला और खबर कहा से आई जब गाड़ी का माइलेश कम हुआ दिखाने ले गयें मेकेनिक को बताया भाई आप त यानी कल को हर लीटर में तीन सो मिली लीटर एथनॉल होगा सरकार कहती है हला की कि आगे का फैसला सला करके ले सला किस से?कपनीयों से जानकार उस से आप से?
अरे भाईया पिछली बार आप से पूछा था क्या?तो फिर इस बार का अंदाजा आप खोड़ी लगा लीजे कि आ�से 30 हुआ पूछा जाएगा?सवाल ये नहीं कि E30 कभाएगा?सवाल ये कि रुखना कहा है?और ये तै कौन करेगा?
आप या वो जिनकी गाड़ी सरकारी पेट्रोल से नहीं सरकारी खजाने चल दरसल भारत अपना करीब 85 % तेल बाहर से ख़रिदता है डॉलर देकर तो सोच इसके पीछे सरकार की ये थी कि पेट्रोल में देशी चीजे मिलाएंगे विदेशी तेल कम हो जाएगा क्योंकि गन्ना हमारा, मक्का हमारा, एतनाल हमारा तो इससे भारत को फायदा हुआ भी 2014 से चीस 20 % बदल गई।लेकिन दाम में आम आदमी के क्या छूट हुई।मतलब अगर आपको लाब हो रहा है तो हमको भी लाब होना चाहिए ना भाई।यह बड़ा महत्पूर है।एतनौल का खरीद भाव सरकार खुद हर साल चापती है।मक्के का एतनौल चार साल पहल फिर सवाल यह है कि अगर बच्चट डॉलर की है तो हमारी जेपी क्यों नहीं?
क्योंकि भाषणों में तो यहीं बतायाता है जैसे हम पर रहसान किया गया हो कि दो लाग क्रोड बचकर निकले किसकी टंकी से?मैलेश किसकी सा घिरा?पुर्जा किसकी सा कमजो रहा?मतलब ठीक है देश की बचत हुई अच्छी बात है लेकिन एक आम आदमी के देखने के तरीके और भी होते हैं दूद में टोंड भी मिलता है फूल क्रीम भी मिलता है सेलेंडर सबसीडी वाला ही मिलता है तो पम्प प ये अथनॉल बनता किस से गनने से मक्के से अनाज से वही मक्का जिसे मुरगी का दाना बनता है वही अनाज जिसे घरीब का पेट भरता है अब अगर दाना महेंगा होगा तो अंडा महेंगा होगा अंडा महेंगा होगा तो दूद महेंगा होगा थाली महेंगी होगी और खबर ताकि आपकी टंकी भरें, खेद का पानी टंकी में ये सौधा किसीने मन्जूर किया?पाँचवा सवाल टाक्स का है पेट्रोल पर टाक्स पूरा अतनाल बहेंगा दाम जसका तस यानी जनता के लिए हर दरवाजा बंद है छूट का भी, विकल्ब का भी, जवाब का भी ख दरसल भूतान हमारा पडूसी देश है जो भारत से अपना पूरा पेट्रूल खेलता है तीन जुलाई को वहाँ के गकबार है दा भूतनीस वहाँ पे खबर छपी कि भूतान ने भारते तेल कंपनियों से कहा कि भाईया हमें E -20 नहीं चाहिए नॉर्मल पेट्रूल दे दो यथे अब आग मेथनौल पड़ गया हाला कि 5 जुलाई को भारत सरकार ने रियाक्ट किया कहा की ऐसा कोई ओफर नहीं दिया गया है जूती खबर है आमतौर पर कहानी खतम हो जाती लेकिन एक पतरकार अब हो सकता है दोनों अपनी आसक्ष हों।
मंतराले कह रहा है पक्का ओफर नहीं वह पतरकार कह रहा है कि मीटिंग वाद रही थी।लफ़जों की लड़ाई चलेगी।लेकिन जनता के लिए निचोड एक था कि भाईया अगर भूटान कोई 20 से दिक्कत है तो दिक्कत क्या हवा की नमी सोख लेता है एतनॉल का सुभाब यही है एतनॉल वाला पेट्रोल हवा से नमी खिषता है नमी घुसी तो पेट्रोल का दम निकल गया भूतान के जमीन के नीचे वाले टांक पुराने हैं पहाडी इलाका है रिसाव खत्रा है तो भूतान ने साफ कहा कि ये पेट काई देश सोचे तो बरसात हमारे हां भी होती है नमी हमारे टैंकों में गुछ सकती है देश के हर पम की टंकी इस नए पेट्रोल के लाइग है इसकी जाच का कोई हिसाब किताब क्या जनता के सामने रखा गया और यहां भी एक बात चुपती है कि अगर एक चोटा सा देश भ� कि भुतान ने ये नहीं कहा था कि E -20 गाड़ी खराब करता है।उसकी शिकायट टंकी की थी गाड़ी की नहीं।तो जो वाटसब फॉर्वर्ड करता है।कि भूटान नी 20 को जहर बताया है वो जुट है और जुटा forward जिनता का दोस्त नहीं दुश्मन है क्योंकि भारत में शिकायट टंकी की नहीं सीधे गाड़ी की है वापस ले चलते हैं आपको आप यात कीज पहली शिकायत है कि माइलेज गिर गया है कई लोग दावा कर रहे हैं 30 % तक गिर गया है और दूसरा है कि पुरानी गाड़ी के इंजन भिगड रहे हैं तीसरा जो इंपॉर्टेंट है कोई पूछ नहीं रहा किसान के पम्प का क्या जेनेरेटर है क्या पुराने ओटो वालों क सही आकडा आएगा तो अभी समझ जाएगे एथनौल में ताकत पेट्रोल से करीब एक तिहाई कम होती 20 % मिलाएगे टंकी की ताकत मोटा -मोटा 6 -7 % इससे घट जाती है अब यहां पर भी एक पेच है हमारे तेल में पहले से भी 10 % एथनौल मिलाया जा रहा था E10 जो E20 हुआ ह सरकारी टेस्ट भी कहते हैं दरसल सरकार भी गाड़ी वाली टेस्ट करवाती है हजारों किलो मीटर गाड़िया चला कर देखी जाती है नई E20 वाली गाड़ी में 1 -3 % की बात मानी जा रही है पुरानी में 6 -7 % की बात मानी जा रही है मतलब पचास वाली बाइक जो है जो पचा
30 -35 तक नहीं आएगी ये फरजी वाड़ा है ये whatsapp forward है 30 % पेट्रोल से गिरना मुंकिन नहीं है इतना गिरा है तो गाड़ी कुछ कह रही है इसको आप मेकानिक को दिखाईए कोई और भी मारी उसमें है लेकिन अब बात ये कि जो लोग दावा कर रहे थे कि हमारी गाड़ी का अब तीन से छी अजार रुपया मतलब अभी जी को आप बड़िया काई बार खाना खेला सकते थे बच्चों की एक महीने की फीस भर सकते थे हाँ तीन से छी अजार रुपया काई बार काफी होते हैं कुछ परिवारों के लिए खेर यहाँ पैसे जाद जरूरी है कि ये पैसा क ये बात सरकार क्यों नहीं मानती ये बड़ा सवाल है और यही पूरा खेल भसा है अगर आप माईलेश पर सरकार का जवाब सुनेंगे तो माथा पकड़नेंगे माईलेश इधन पर नहीं सरकार कहती है चार चीज़ों पर टिका है ड्राइविंग की आदत पर टायर के प्रेशर सब के टायर एक के महिलें में दीले हो गए।अरे सरकार के टेस कहते हैं, न भाई फ़रक पड़ता है।3 -6 % फ़रक पढ़ रहा है।माइक पर नहीं कहते, कोई फ़रक नहीं।लेकिन इतना कह सकते है ना सरकार कि हाँ जी फ़रक पड़ा है E10 से E20 आने में आपका मैलेश थोड़ा बदला है तीन से पांच छे परसंट आपको नुकसान हुआ ह और घुमा तहला के जंता पे दोश डालाता है वहां अफ़वा जनंब ले लगती है।ये रहा है।
मंतरी जी ने कई बार मंच से कहा E -20 आने के बाद इंजिन फेलियर का एक भी केस रिपोर्ट नहीं हुआ।अब ये लाइन पकड़ के देखिए इंजिन फेलियर अभी दो म खास तरह का फ्यूल इंजेक्टर क्यों बना रही हैं?खास तरह के रबर के पाइप सील क्यों बना रही हैं?जो इतनाल से गले नहीं?अरे भाईसाब कोई भी कमपनी शौक में पैसा नहीं फूखती है और जवाब जो है वादे की मताबग सरकार के अपने कागज में मंतराले क सरकारी कागस की लाइन पुर्जे जल्दी घिस सकते हैं और दोनों सही हैं तो गिसना फेलर होता नहीं यहां शब्दों की कारीगरी है लेकिन तस्वीरत हुरी है हर गाड़ी के लिए सही एडलाइन में पुरजे जल्दी घिसेंगे छोटे अक्षरों एक ही सरकार के तुम्हारएक का फांड बड़ा, एक का फांड चोटा।
अब उपनिंग वाली पहली, कोई जूट नहीं बोला था।पूरा सच, हेडलाइन में नहीं बोला जा रहा है।और यही करोडो पुराने गाड़ियों का अगर आप मामुली मामुली खर्च जोडेंगे तो जनता की जेब से अर्बो निकलता है।खुराख सरकार ने बदली है लेकिन बिल आया है गाड़ी वाले के नाम।तो पुर्जा बदलवाने की कोई सबसीडी, कोई फ्री चेकप कैम, सर्वि अगर कल को किसी की गाड़ी बीच शडक पर बंद हो गई और वजा निकली पुराना फ्यूल पाइब तो जिम्मेदार कौन?गाड़ी वाला जो उसने कुछ बदला नहीं या वो जो उन्होंने बिना बताया खुराग बदूल दी मतलब ये वाला इनसाफ किस किताब में लिख देखो सरकार और कंपणियों का मामला चलता रहेगा गाड़ी आपकी है चार काम आज से कर लो एक कंपणी की वेबसाइट या मैनवल देखिये आपकी गाड़ी जो है वो E -20 कॉंपिटेबिल है या नहीं जातर कंपणियों लिस्ट डाल रखी है और हाँ एक अफ़वाँ ख़
कंपणिया और बीमा कंपणिया थीनों कह चुकी हैं ये WhatsApp का है डर कागस का नहीं है दूसरा गारी पुरानी है तो अगली सर्विस में फ्यूल फिल्टर और फ्यूल पाइब एतनॉल सबसे पहले रबर पर हाट डालता है तिसरा गाड़ी हफतों खड़ी रहती है तो टंकी फुल करके मत छोड़ो आप याद करो शुरू ममा को बदाये थे नमक वाली बात एतनॉल नमी खिषता है खड़ी टंकी में यही नमी सबसे अदा काटती है चोथा माईलेश करो � तो मुरी गाडी में है जाके मेकाइनिक को दिखाओ कोई और समस्या है तीन से पाँच परसंट वाली बात सही है वो माम को बता दे रहा हैं और आखरी बात देश से करीब दो लाख करोर बचा पर वो बचट डॉलर की थी हमारी जेब के नहीं क्योंकि अथनौल पेट्रोल से मह पहले दिन बोल लेते तो ना फ़ा होते ना ये वीडियो बनाना पड़ा।क्योंकि लड़ाई इस बार पेट्रोल की नहीं है भरोसे की है और भरोसा फैक्ट चेक से नहीं फैक्ट से आता है।अब एक लाइन कमेंट दा दो कि देश का फाइदा बढ़ा या बिना पूछे ब� लेकिन मॉडल और साल के साथ और फिर बाकी लोग तुलना करो जूट मत लिखना यार पता लगी यहों से सुर्वेमाणी करें लगे ठीके वीडियो काम की लगीतो हर गाड़ी वाले तक शेयर करो हमसे जुड़ो यार वाटसेब पर हमारा रिष्टा मज़बूत करो और एक बात जान लो आगे ही थर्टी आने वाला है जिस जिन वाएगा पेट्रूल पंपे
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