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Fast Track Court EXPOSED! Will Paper Leak Mafia Really Be Punished? NEET 2026 | Sonam Wangchuk| CJP

Shubhankar Mishra 49 views
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आधी रात को मोधी जी ने इंस्ट्रेग्राम पर हेलो फ्रेंड्स कहे कर जब इस बात का एलान किया कि पेपर लीक करने वालों क्या बुरे दिन आ रहे हैं क्योंकि हम सजा देने के लिए फास्ट ट्रेक कोड बना रहे हैं।तो ये बात बड़ी दूर तक चली गई, मोधी जी क्या पेपर लीक करने वालों में इतना डर पैदा होगा क्यों पेपर लीक नहीं करेंगे बच्चों का भविष्ट उधर जाएगा या फिर मोदी जी ने बच्चों का गुस्सा शांध करने के लिए सिर्फ एक एलान कर दिया है देखिया हम और आप उस देश में रहते हैं जहा अगर आकडो के जरीये बताएंगे तो शायद आपका दिमाग खराब हो जाये।पिछले 23 सालों में जो 45 बड़े एक्जाम होए जिसमें तीन करोड श्यासी लाग बच्चे पिसे थे उसमें केवल 1658 लोग गिरफ़तार।यह गिरफ़तार की बात है।और सजा जानते है कितने और ये भी 45 केस में से केवल दो केस में।क्योंकि 43 केस में तो कोई फैसला आया ही नहीं।

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और जिन दो केस में आया है, उसमें भी क्या आया है, वो आपके पेरो तले जमीन खिसका देगा।

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क्योंकि 30 जन्वरी 2024 को सजा सुनाई गई और दो दिन बाद, 2 फरवरी 2024 को जमानत मिल

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यानी सजा पहुँचने में हमारे देश में 14 साल लग गया और जमानत पे बाहर आने में 2 दिन।और मज़े की बात यह ही कि दोनों केस रेलवे के हैं।

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अब हमारे रेलवे वाले भाई अच्छेस जानते हैं कि गाड़ी का नाम बदल देने से पट्री थोड़ी बदलते हैं भा क्या फास्ट ट्रेक कोड वाकई में इन अपरादियों के मन में खौफ पैदा कर देगा, भविशें पेपर लीक नहीं होगा, चात्रों की जान बची रहेगी?

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क्या ये सिर्फ कहने के लिए हो दीज़िये?क्योंकि आप कह रहे हैं, तो कुछ लोग मान ले रहे हैं, विपक्ष पोल भी करवाया था कि भाईया इस पर वीडियो बनाएं आप ही लोग कहें कि बना दीजे तो हमने कहा आज फैक्ट के साथ इस वीडियो आपको समझा देते हैं।जो भाई बंदू हमारे वाटसेप पर जुड़े थे उनको दिखे मजा आया होगा आगे भी आपसे ऐसे ही हम स देखिये ये एलान आस्मान से टपका नहीं है आप सब जानते हैं कि बच्चा लोग जो है वो प्रोटेस्ट कर रहा था सोनम वांगचुक के कई मांग थी और उसी सब के बीच में सरकार ये बड़ा फैस्टा लेती है प्रधानमंत्री की तरफ से ये स्टेट्मेंड निकल कर सानीट का परिक्षा नहीं दे रहा है हम आपको बताएंगी क्योंकि वो बच्चा जो नीट का या सरकारी जॉब के त्यारी कर रहा है और CJP के मंच वाला बच्चा जो थोड़ा सा पॉलिटिकल भी है कुछ ओरिजिनल भी है हर तरा क्राउड है उसमें कंफ्यूजन ना हो इसलि� और ये चार्शीट की बात करेंगा अब चार्शीट का मतलब बढ़ा आसान है वो पक्का कागस जो इसमें एजनसी लिखकर देती है कि जाज़ फूरी हो गई और इस विक्ति पर मुकदमा चलना चाहिए और जब तक कागस नहीं बनता तब तक अदालत कुछ नहीं कर सकती चाह कई मामलों में जाच जन्सियों ने आरूपियों को लापता घुशित करके फाइल बन कर दें आदमी लापता, केस लापता और बच्चे का किस्मत और साल तो लापता होई रहा था और इसमें लापता वाले में तीन करोण च्यासी लाख बच्चे थे मतलब अगर फाक्ट आप यानि जिस नौकरी के लिए उसने चार साल दिए है अब वो फॉर्म तक नहीं भर सकता।

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सीधी बात ही है कि पेपर लीक करने वालों को सजा मिलने से बहुत पहले बच्चे की उमर निकल जाती है।बताया ना हमने आपको 14 साल बाद सजा मिले और दो दिन में निकल गए।और �रियल कहाणी, कोई फर्जी कहाणी नहीं है, फैक्टी कहाणी है कि भारत में पेपर, लीक के जो आरोपी होते हैं, वो कैसे बढ़ जाते हैं?तीन कहाणी आपके लिए हैं. पहली कहाणी साल 2002 की है, 18 अगस्को असिस्टेंट स्टेशन मास्टर की भरती का पेपर होना, ठीक एक सवाल यह था कि पेपर के बदले हर उम्मीद्वार से 50 ,000 से 1 ,00 ,000 रुपे लिये गए।फैसला आया 21 जुलाई 2025 को 23 साल बाद 23 years मतलब कितना लड़का लोग होगा जो पैदा ही नहीं हुआ होगा 23 साल पहले आज तियारी कर रहा है फैसला 23 साल बाद था दूसरी घटना 2010 की अब जमानत मिलना कोई घुटाला नहीं है।

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सजा की बाद उपरी अदालत में पील करना जमानत हख है।लेकिन आप ये सोचो कि सिस्टम को सजा तक पहुँचने में 14 साल लगा और आदमी को बाहर निकलने में 2 -3 देन।कमाल है न?तीसरी कहानी सबसे डरावली।

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क्योंकि इस अब इतनी तारीख में एक बच्चा पैदा होकर दस्मी पास कर लेता है।और इस मामले के दो आरूपी आज उत्तर प्रदेश में विधायक हैं।एक सुभासपा से, बेदी राम, गाजीपूर की जखनिया सीट से और निशाद पार्टी के विपल दूबे, भदोही की ग्यानपुर्सीड से 2024 में के ख़िलाव गिरफतारी का वारेंड भी जारी हुआ और उसी साल इन दोनों समेत करीब 20 लोगों पर आरूप था।अब यहां मैं ये भी स्प्रस्च करदूं की आरोप तैहोने का मतलब दोशी � चौदा साल में 142 तारीक खा जाता है तो अदालत के गेट पर fast track का board टांग देने से क्या हो जाये?तारीके कौन घटाएगा?

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और जो गवाई इतने सालों में मुकर गया उसे कौन लाएगा?और बच्चा जो बरबाद हुआ?अब ये तीन कहानी पुरानी थी इसलिए अब कहा ज्यानी जिन लोगों पर पेपर बनाने की जिम्मेधारी थे शकू नहीं पढ़ा है अब ताला बनाने वाला ही अगर चावी बिचे तो कोई कैसे बचेगा?CBI इस बार बतायी है कि पेपर बारा लाख रुपय में बिचा जा था 23 साल पहले पेपर एक लाख रुपय का था आज कहा कि NTA के इन टीचरों ने रखशक की जगा भखशक बनने बोन कर निभाई।

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अब ये भी आरोप है।आपको हैरानी होगे कि इस मामले में भी चार शीर तक दाखिल नहीं।

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मतलब ये भी शॉकिंग है।कोड़ में कहा है जाज चल रही है।कुछ और गिरफतारी हो सकती है।सभी 13 आरोपी अभी कोड़ के आदेश पर जेल में हैं।और उनने जेल में रखा जाए अना जा� तो ये सुरक्षक सबूत है या हार का सबूत है?खैर, दोनों तरफ की रफ्तार एक साथ देखें।

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बच्चो वाला हिस्सा, एकजाम रद, दुबारा एकजाम रिजल्ड, सब कुछ सवा महीने में ने पढ़ गया।सब कुछ।

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लेकिन जो आरोपी वाला हिस्सा था नाही साब उसके पास आश की तारीक में इस केस में काम करने को काम नहीं है।और यही सबसे बड़ी विडमना है, यही सबसे दुरभागेपूर चीस है।है ना आराणिक बार?अब आप लोग कहेंगे की भाईया कानून सक्त बना तो ठीक हो जाएगा।अरे भाईसाब कानून पहले सक् कानून का नाम बड़ा लंबा है।आप इसे सार्जनिक परिक्षा कानून समझ लीजिए।

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और ये कानून कमजोर नहीं है।इसमें पेपर लीस जोड़े सारे अपराथ गैर जमानती कर दियें।यानि अब जमानत आसानी से नहीं मिलती।थाने से तो बिलकूल नहीं।कोड़ को हां कहना पड़ता।और स और गवा मैदान में आए ही नहीं।

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तो बंदूग कितनो बड़ी हो उससे फ़रक नहीं पड़ता।वो जो हमने शुरूम बताया था 45 लीक हुई थी पेपर, 3 .5 करोड बच्चे प्रभावित हुए और आदमी केवल 18 सजा पाया।वो जातर उस दोर का है जब ये कानून नहीं और ये बहुत important हिस्सा है इस वीडियो का फास्ट्रेक कोड जिसका एलान प्रधान मंत्री नरेन मोदी साहब ने किया आपको जान के हरानी होगी कि केंदर सरकार के सीधे कंट्रोल में होता ही नहीं है और ये मैं अपनी वेक्तिकत राय नहीं बता रहा हूँ ये सरकार का जवा� ये कहता है कि इन अदाल्तों में जर्श कौन बनेगा ये हाई कोड के सिफारिश और राजपाल के मन्जूरी से तैह हो था।

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जिला और निचली अदालतों में आज करीब हर पांच में से एक जट्शी कुर्सी खाली पड़ी है।और उन्ही अदालतों पर तीन करोण साथ लाक से जादा मुकदमों का पोच है. फास्ट्रेक कोड कोई अलग गरह से थोड़ी आएगा. वो इनही जिल अदालतों में से बनता है और जज भी इनही में से लिए आते हैं. तो जब पाँचवी कुरसी पहले से खाली है तो उसी ला देखिए fast track court कोई बेकार option नहीं है।अगर मैं आप से कहूँ कि मोदी जी जो एलान की वो सिर्फ फरजी है, धोखा है, तो मैं छूड बूलूगा।यह सच है कि अदालते सच में तेज हैं।एक fast track special court औसतन हर महीने 9 .5 case निप्टा रहे हैं।जबकि आम अदालते उनही मामल यह रेप और बच्चो से जुड़े मामले के लिए।

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जिन में से 398 तो सिर्फ बच्चो वाले मामले के लिए।यानी पेपर लीग अब उसी कतार मिलेगा जो इसमें रेप और बच्चो के मामले कर रहे हैं।

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Ruben, Netherlands

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और जज़ वही होगा।तो अगर आपने पेपर लीगके केस को आगे लगा दिया, तो पीछे कौन सा किसके गा?यह सवाल सरकार से है।यह सवाल हम से है।खेर, दो आंकडे आपको और बताते हैं।

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पहला, सिफारिश 1800 fast track पेपर लीक के समधान की बात नहीं चाहें।और दूसरा एक पड़ताल के मताबे के नदालतों में 2 ,68 ,000 से थिक मुकदमे चल रहे थे।सजा होई सिर्फ 8 ,900 मामलों में।

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मतलब अदालत तेज है फिर भी सजा कब है।और यही आपके सवाल का सीधा जवाब है।क्योंकि ते� पेपर लीक अदालत में नहीं होता वो प्रिंटिंग प्रेस में होता है ट्रक में होता है तिजोरी वाले कमरे में होता है जहां पेपर रखा जाता है कई बार तो पेपर बनाने वाले कमरे में ही हो जाता है अदालत का काम लीक होने के बाद शुरू होता है इसते सीधी बात यह क्या पेपर लीक के दोशियों को तुरण सजा मिल जाएगी?फास्ट्रेक कोड से?देखिये ये पूरी तरह इस बात पर टिका है कि केस बाततक पहुँचे कैसे पकड़ने में दिक्कत कभी नहीं थी पुराने court में भी जो आकड़ा हमने आपको बताया था कि 45 पेपर लीक जो हुए थे 3 .5 करोड बच्ची से प्रभावित हुए थे उसमें गिरव्ता तेज से तेज कोड भी सुनवाई तब शुरू करेगा जब चार शीट पहुंचेगी।

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इसलिए फास्ट रेक कोड से सुनवाई तेज होगी ये सच है।लेकिन सजा तब होगी जब जांच मज़बूत होगी।चार शीट वक्त पर बने गवा टिका रहें और ये तीनों काम अ मान लीजिये सजा भी जल्दी हो गए, बहुत अच्छी बात है।लेकिन जिस बच्चे के चार साल चले गए, दो साल चले गए, वो कौन लटाएगा?जो बच्चा ओवर एज्ज हो गया, वो कौन लटाएगा?उसे नौकरी का फार्म भरने कौन देगा?

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जिसके घर की जमीन को और तैस समय के अंदर दुबारा एक्जाम में गेरेंटी नहीं मिलती तब तक कोई भी फास्ट ट्रेक को चाहे जितनी ही फास्ट हो वो फास्ट नहीं होगा ट्रेक वही पुराना रहेगा बाकि मुदी जी कहें तो उम्मीद हैकहाणी समझ में आई हो तो ऐसे और वीडियो के लिए हमारे साथ जुड़िएगा WhatsApp पर हम संबाद करते रहते हैं कौन सा वीडियो बनाएं आप आईएगा बताईएगा बनाएंगे आपके लिए पढ़ लिखकर टेकनिकल चीज़ों को भी आसान शब्दों में इंजार रहेगा

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