Global Revolt Against Israel’s Brutality? | Can Trump & Vance Rein In Netanyahu? | Akash Banerjee
पिछले सौं दिनों में दुनिया कितनी तेज़ी से बदली है, उसका प्रभाव हमारे उपर कितना जादा पड़ा है, इस सब के बारे में हम देशभग पर बात करते आए हैं।पहले ट्रम्प ने नितिन याहू का दशकों पुराना जो सपना था उसे कैसे साकार कर दिया?इर लेकिन शायद इस सबसे भी बड़ी ख़बर कैसे अमेरिका के इरान के साथ शानती समझवता करने की कोशिश ने इसरेल के मन्सूबों को दुनिया के सामने रख दिया है कैसे दुनिया को दिख रहा है इसरेल का असली घिनोना खूनी चहरा कैसे इसरेल का सबसे करीबी दोस् उल्टा एमेरिकन पॉलिटिकल पार्टीज और एमेरिकन मीडिया का एक बहुत बड़ा तपका इसरेल के महुताज है उनके लिए काम करता है।ख़बर तो ये भी है कि नेतिन याहू अब ट्रम्प को अंडरमाइन करने के लिए शडियंत रच रहे हैं।युत तो इसरेल और � 17 जून को महिनों की खीचा कानी के बाद US और इरान के बीच Memorandum of Understanding पर हस्ताक्षर हुए।ये अपने आप में कोई फाइनल डील तो था नहीं लेकिन शांती बहाली हौरमूस को फिर से खोलने के लिए और साथ दिनों के लिए बाचीत करने के लिए एक विंडो खोला गया।
अब एमेरिका में इसे ट्रॉम्प की हार के तरह देखा गया है क्योंकि इरान को सब कुछ मिल गया है पैसा समेथ इजद समेथ एमेरिका को मिला है बाबाजी का ठुलू लेकिन एमेरिका की आवाम को युद नहीं चाहिए था ये बात ट्रॉम्प भली भाती समझ चुके हैं त क्योंकि MOU में इरान ने एक बहुत बड़ी शिक्षरखी थी, जिससे ट्रॉम्प ने सुईकृती भी दे दी. और वो ये था कि इस्रेल, लेबिनान में सारे Military Operations बंद कर देगा, पीछे हट जाएगा and that territorial integrity and sovereignty of Lebanon would be maintained. तब ही जाकर इसी शर्त पर हॉर्मूस खोला जाएगा और Nuclear ब इस बात पर इजरेल अन्न दाता से ही भिड जाता है. यूएसे को पतली गली से बाहर निकलने को बोलता है. कहता है हम लेविनॉन से बाहर नहीं जाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे. कभजा हमारा जनम सिद्ध अदिकार है।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
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।।।।।इसरेल के खिलाफ ट्रॉम्प एड्मिनिस्ट्रेशन में गुसा तो पहले से ही था. इसके बारे में हमने आपको डीटेल में पिछले एपिसोड में बताया. ट्रॉम्प को तब लगा था कि उसकी डाट फटकार के बाद, वार्णिंग के बाद नेतन याहू लाइन पर आ जाए आप इस स्टेट्मेंट की important समझो US Vice President Vance यहाँ इसरेल को सीधा सीधा याद दिला रहे हैं कि बॉस आज पूरी दुनिया में अगर तुम्हारे साथ कोई खड़ा है तो वो एमेरिका है इतिहास बना देने वाला स्टेट्मेंट है इस्रेल को दिया गया अभी तक का सबसे बड़ा वार्णिंग है मान लीजे डाट लगाई चा रही है इस्रेल को लेकिन इस्रेल फिर भी पीछे हटने का नाम नहीं लेता है उल्टा इस्रेली सरकार के मंतरी
अब एमेरिका के खिलाफ मूर्चा खोल देते हैं।एक तरफ जहां एमेरिका लेबनौन में शान्ती की बात कर रहा है।दूसरी तरफ इस्रेल की सरकार और उसके मंतरी जैसे बेन गबीर लेबनौन को मि अमेरिका और इस्रेल के बीच में ये ओपिन वार देखकर आज पूरी दुनिया में ये बाते होने लगी हैं कि इस्रेल जल्द ही US प्रेसिडन्ट डॉनल्ड ट्रम्प को एसैसिनेट या कम से कम इम्पीच करवाने की साजिश रच देगा और इस्रेल के लिए कोई नई बात हो इरान वार ने अमेरिकन पबलिक के बीच में भी इसरेल को बुरी तरीके से एकसपोस कर दिया है इसरेल के सोच को उनके हटकंडो को आज इसरेल को लेकर अमेरिका में सपोर्ट तेजी से कम होता जा रहा है तमाम मेंस्ट्रीम जो वोईसेज हैं ओपिनियन मेकर्ज हैं आज ओ� दो महीने पहले अगर कोई कहता कि इस्रेली फोर्सेज जे जादा इंसानियत फॉर्बर अलकाइडा टेररिस्ट में है तो लोग उसपर हसते या उसपर कोई केस हो जाता. लेकिन ये बात तो डॉनाल्ड ट्रॉम खुद कह रहे हैं और लोग भी कह रहे हैं हाँ � इसरेल हमेशा अपने आपको शक्तिशाली दिखाने की कोशिश करता आया है लेकिन सच तो यही है कि अमेरिका के बिना वो वेस्ट एशिया में टिक नहीं पाएगा. वैंस ने पहली बार अमेरिका के तरफ से नेतिन याहू को ये बात साफ साफ तरीके से याद दिलाया, समझावो कहते है न हमारी बिल्ली हमी से मियाओ इस्रेल अभी अमेरिका के साथ वो ही कर रही है लेकिन इस्रेल का ट्रैक रेकॉर्ड ऐसा है इतने बार उसने खंबा नोचा है इतने लोगों को घायल किया है कि ट्रम्प और वैंस शायद ये बात जानते हैं इस्रेल से लोहा लेने का मतलब है करिय कि सारी चीजों को आप गोली के थुरू सुलजा नहीं सकते हो।
तो क्या इजरेल के पास कोई भी पीस प्रपोजल है?
जिस देश की पूरी पॉलिटिक्स ही जंग पर आधारित हो, जिस देश का अक्सली मकसद हो जंग की आड में अपने पडोसियों की जमीन को हडपाना, ग्रेटर इस्रेल को बनाना, उसके पास कोई पीस प्रपोजल नहीं हो सकता है. अगर ग्रेटर इस्रेल का आपको पॉलिसी इसरेल की अपने नेरेटिव के हिसाब से ये सब वो अपनी नैशनल सेक्यॉरिटी के लिए कर रहा है।लेकिन फिर सवाल उठता है कि क्या आप अपनी सेक्यॉरिटी के लिए आसपास के सारे देशों पर पर्मिनेंटली कबजा करके बैड जाओगे।और नाहीं आप अपनी security के लिए हमेशा हो expect कर सकते हो की America का पैसाएमेरिका का असला बारूद आप इस्तमाल करोगे और एमेरिका आपके लिए कुछ नहीं बोलेगा, चुप चाप यही करता रहेगा. इसी लिए US Vice President आज फाइनली जाकर ओप जब वैंस ने इसरेल से ये सारे सवाल पूछे तो इसरेल के तरफ से जो जबाब आता है वो एक आतंकी संगठन या एक रोग स्टेट वाला ही जबाब आता है।इसरेल के नैशनल सिक्यॉरिटी मिनिस्टर या बैन गवीर ने एक्स पर जिडी वैंस को टैग करते हुए रिप मतलब बेनकवीर कह रहे हैं कि इरान को पूरी तरीके से खतम कर दो जैसा की अमेरिका ने नाजी जर्बणी को वर्ल्ड वार टू के समय तबाख कर दिया था हो सके तो जेपान के तरह एटॉम बॉम भी दो चार गिरा दो अगर इरान के ऊपर तो बढ़िया बात हो जा� खून के लिए प्यासे तो हिटलर के ओफिसर्स भी इतना नहीं थे जितना की इस्रैली मंतरी आज हैं बाशा कहला ही जाती है नाजीज की भाशा है ये एक बार इदर उधर अगर गलत बयान किसी ने दे भी दिया होता तो बात समझ में आती लेकिन इस्रेल के मंत्रियोंके तरफ से ऐसे बयान पहले भी आ चुके हैं. इस्रेल पर जरुसाइडल होने के आरोः पहले भी लग चुके हैं. कोई नई बात यहां नहीं कर रहा हूं. � असला बारूद भी लेकिन इरान युद के बाद एमेरिका भी इसरेल से अब कड़े सवाल पूछना शुरू कर चुका है सुना आपने वो अमेरिका जिसने आज तक इस्रेल के हर जेनोसाइट का समर्थन किया है गाजा में 20 ,000 बच्चों के मारे जाने के बाद भी असला बारूत सप्लाइ किया है इस्रेल के कहने पर इरान पर बेमतलब की जंग भी छेड़ दी आज वो ही अमेरिका जानना चाहता है कि आखर नितन क्योंकि इरान की जंग ने एमेरिका और इस्रैल दोनों की कमजूरिया उसे एकस्पोस कर दिया है अब एमेरिका स्मार्ट है दुनिया का सबसे बड़ा सूपर पावर होने के बाद भी वो अपने पावर की लिमिट्स को जानता है समझता है एक हारे हुए जंग में वो और नुकसान झेलना नहीं चाहता है चुप चाप वहाँ से निकल जाना चाहता है लेकिन इसरेल मू की खा स्ट्रैंक्थिनिंग अराण और आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिडेंट के लिए आपने प्रेसिड
से एमेरिकन प्रेसिदेंट इसरेल की इशारों पर नाचते आए हैं तो इसरेल को लग रहा था कि किसी तरीके से इस administration को भी लाइन पर ले आएंगे हो सकता है कि back channel कही blackmail कर दे और उसके बाद assassination का तो option है वो हमेशा open रहता ही है लेकिन Trump administration अब Israel से बुरी तरीके से चिड � सुन्ये वेरी इंपोर्टंट Trump administration mein aaj mood shift ho raha hai. Obviously logon me to gussa hai jo ki Trump ne bhaapa hai, samjha hai. Aur isiliye baar baar Israel ko uski asli jagah yaad dilayi jaa rahi hai. Ye baat underline ki jaa rahi hai ki Israel junior partner hai. Jo abhi bhi openly kaha nahi jaa raha hai wo yeh hai ki Israel junior partner hai to abe junior partner ke tarah behave karo. Senior partner aur super power ke tarah behave karne ki koshish mat karo. Hume mat batao kya karna hai. इतना ही नहीं, वो बाते जो आज तक आम एमेरिकन अभी भी दबे सुरुपर, Discord सर्वर, Anonymous सोशल मीडिया पोस्ट के थूँ किया करते थे, वो बाते आज सीधा सीधा ट्रम्प एड्मिनिस्ट्रेशन पबलिकली बोल रहा है, जो बाते पहले बोलना अलाउड नहीं था. जैसे Charlie Kirk उपिनली इस्रेल की हरकतों को लेकर अमेरिका को वार्ण कर चुके थे ट्रम्प को वार्ण कर चुके थे और दिन पर दिन अमेरिकन पॉलिटिक्स में उनकी आवाज और बुलंध हो रही थी उनके उपिनियंज और लोगप्रिय हो रहे थे इसी लिए जब अचानक से उनका �उस वक्त ऐसे लोगों को एंटी सेमेटिक बोला गया और उन्हें चुप करा दिया गया लेकिन अब यही बाते खुद यूएस वाइस प्रेजिनेड वैंस बोल रहे है सालों से अमेरिका इसरेल का एकलोता मेजर आलाय रहा है जब दुनिया के बाकी बड़े देश इसरेल का असली चहरा देखकर उससे कॉल आउट कर रहे थे उससे दूरी बढ़ा रहे थे तब ही अमेरिका ही था जो इसरेल को डिफेंड कर रहा था यहां तक कि जब नेतिन याह� तो सरकार बेरहमी से कुचलती आई है पिछले कुछ सालों में अपने ही स्टूडेंट्स पर पुलीस की लाठियां पुलीस के डंडे बरसाई जब उन्होंने इसरेल के खिलाफ कैमपस में पीस्टवूल प्रोटेस्ट किया और फिर आपल, गूगल, मेटा जैसे तमाम कमपनी म Post likha apni awaaz uthai. America ki sarkar aaj bhi aise logon par anti -semitic ka tag lagane se peeche nahi hatti hai. Agar koi bhi immigrant maan lijiye, Palestine ke liye awaaz uthata hai, Israel ko criticize karta hai, shanti purvak facts ke saath, to usse bhi deport kar diya jaata hai ya uska visa rath kar diya jaata hai. Lekin ab America me anti -semitic wala ye jo narrative hai, ab wo puncture ho raha hai, uski hawa nikali jaa rahi hai. इसरेल अपने सबसे बड़े एलाई को खोने की कगार पर है।इसी रास्ते पर वो चलता रहता है समलता नहीं है और अगर आप एमेरिका को पिच्चर से हटा देते हो तो दुनिया में सिर्फ एक बड़ा देश रह जाता है जो आज भी इसरेल को अपना दोस्त मांता है और वो है भारत देश खास करके हमारे प्रधान मंतरी नरेंदर भारत आज भी डट के इसरेल के साथ खड़ा हुआ है. बीते तीन महिने में इसरेल के इस जंग के वजए से भारत का काफी नुकसान हुआ है फिर भी भारत सरकार ने नितिन याहू के खिलाफ एक शब्द तक नहीं बोला है. जब जनुसाइड करता है लोगों को खुले आम मारता है तो हम सही को सही गलत को गलत कहने की हिमबत आज नहीं रखते हैं या फिर एमेरिका के बाद आज इस्रेल का सीकरेट इंफ्लूएंस हमारे देश के पॉलिटिशन्स में इतना बढ़ चुका है उनको हमारे पॉलिटिशन एंड में सवाल ये जरूर उठता है कि अब इजरेल यहां से कहां जाएगा?अब देखिये जो लॉजिकल ओपिनियन वो ही है कि इस्रेल भाप ले कि भाईया वक्त बदल गए हैं जस्बात बदल गए हैं तो वो अपने आपको टोनडाउन कर ले कही न कहीं कॉंप्रमाइज कर ले और आगे की फ्यूचर प्लैनिंग करें लेकिन दिक्कत यह है कि जितना �तो इस्रेल अब भी ये हटकंडे अपनाने की कोशिश तो जरूर कर रहा है कि हम साबोटाज कर दें पीस प्रोसेस को अमेरिका ये बात देख रहा है समझ रहा है क्या ये हो सकता है कि अब इस्रेल एटाक लॉंच कर दें सीधा एमेरिकन पॉलिटिशन्स के उपर ही क्या ट्र बहुत सारे opinions ये बोल रहे हैं कि जिस तरीके से हेगसित बात नहीं कर रहे हैं मार्को रूबियो नहीं कर रहे हैं कही न कहीं इस्रैल कोशिश कर रहा है कि डॉनाल्ड ट्रम को साइडस्टेब करके जो अगले लीडर्स जो उनके फेवर में हैं उन पर काम किया जाएं जो लॉ� यह कोई विपक्षी नेता नहीं बोल रहे है, यह कोई डेमोक्रैट लीडर नहीं है, यह त्रम्प के अपने रिपॉब्लिकन कैम्प के मेंबर है, त्रम्प के काफी बड़े सपोर्टर भी रहे चुके है और यह आज इस्रेल के लिए त्रम्प के खिलाफ ख़ड़े होकर खु दरसल इस्रेल सालों से एमेरिकन इस्रेल पब्लिक एफैर्स कमिटी यानी एपैक के जरिये ऐसे ही नेताओं को बहुत सारा पैसा, मिलियन्स व डॉलर्स की इलेक्शन फंडिंग देते आए हैं. ये लोग भले ही एमेरिकन पॉलिटिशन हों, एमेरिकन इंस्टिूशन्स में सर Data ke hisaap se, 2024 ke elections me, AIPAC ne total 127 million dollars ki election funding di thi. Jo Democrats ko bhi gayi thi, Republican camp me bhi gayi thi. Aur jo American politics ko jakad ke pakdi hui hai, itna solid inka hold hai American politics me. To ab ye dekhne ki baat hai ki ye jo itna saara paisa inhone dala tha, ab ye paise ki bharpayi karenge, vasooli karenge, Trump ke khilaf ek morcha khol denge, ya phir Trump aur Vance successful karne.को पीछे ढखेलने में और कहीं न कहीं शांती बहाली में पूरे देश और दुनिया की देखिये किस तरीके से जियो पॉलिटिक्स बदल रही है और
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