Halla Bol With Anjana Om Kashyap: CJP की शर्तें मानेगी सरकार? BJP सांसद क्या बोले? | Sonam Wangchuk
सुधान चुत्रिवेदी जी आपके साथ चिरुवात करती हूँ तीन बड़े सवाल है मेरे आखिरकार आज आपको कौक्रो जन्ता पार्टी के प्रतिनिदियों से बात करनी पड़ी तो फिर आपको नहीं लगता है कि उसमें देरी की गई जिसकी वज़य से ऐसी परिस्थिति क्या आप बड़े पैमाने पर मतलब क्या ये मान रहे हैं कि ये सिर्फ CJP के प्रदर्शन कारी थे या फिर आप इसको चात्रों से भी जुड़ा हुआ देख रहे हैं?
पहली बात सरकार किसी भी मुद्धे के उपर और विशेशकर चात्रों और इवाओं से जुड़े हुए मु हाँ दूसरी बात जो आपने कही की यहाँ पर जो लोग हैं उसमें सिर्फ CJP के लोग हैं या इसमें अन्य लोग हैं तो मैं कहना चाहूँगा कि जो भी ये युवा प्रदर्शन कारी हैं इनको घुस्पैट्यों से सापधान लेने की बहुत जरूरत हैं क्योंकि आज जो लोग क्योंकि आप ये देखिये आमाद्मी पार्टी कितने मुद्दे पे कितने प्रकार के आंधोलन किये और फिर बदल गये दूसरा इस बात के लिए भी युवाउं को बहुत सतर्क रहने की जरूर है ये जितने भी आंधोलन है ये सिर्फ सीडी बनाई जाती है राजनीती में आन ये सिर्फ एक हवा बनाई जाती है एक मुखोटा बनाया जाता है कि गैर राज्यातिक आंदोलन है देखिए अन्ना अंदोलन था पूरी पाटी राजनीत में आ गई किसान आंदोलन था किसान आंदोलन में आए कई लोग चुनाव लड़ी है भले उसमें से कुछ एक की जमानेजब्थ हो गई एलक बात है पहलवान आंदोलन में भी चुनाव लड़े और एक पहलवान जो थी वे विडायक होने में सफल भी हो गई तो अब ये CJP को तैक करना होगा की वो राजनेतिक मंच के लिए अपना कंधा देने को तैयार हैं या न चाहे आपने राम मंदिर आंधोलन किया हो या फिर आपके कई नेथा जेपी आंधोलन में शामिल होए हो हर पाटी तो इसी तरह से आगे बढ़ती है कोई भी पाटी देख लीजे एल जेपी को देख लीजे आप जिसमें राम विलास पासवान जी हो या फिर आप मुलायम सिं� उस आंदोलन में नर्त गोपाल दाशी जी से लेके अशोख सिंगल जी से लेके मोरोपन फिंगले जी तक कभी नहीं आये अडबारी जी पहले से राजनीत में थे उमा भारती पहले से सांसत थी तो यही एक अंतर है जिन लोगों ने कहा हम गैर राजनेतिक आंदोलन कर रहे हैं मोधी का last day होगा इसका शिक्षा व्यवस्ता से क्या लाने देना मोधी को पीटेंगे इसका शिक्षा व्यवस्ता से क्या लाने देना अच्छा यह बताईये यह प्रेमानन्द महाराज पाकंडी है इसका शिक्षा व्यवस्ता से क्या लाने देना मेरा लिंग मेरी आजाधी मेर इसका शिक्षा से क्या रेना देना है जड़ा मेरे बता दे मेरे को हमारे विपक्षी लोग अब कोई इस ढंग की वाह्यात बात करता है कि सीता के पती का नाम लेके नीता के पती का काम कर रहे हैं इसका शिक्षा से क्या रेना देना हैदेना है।इसलिए मैं कहना चाहता हूँ कि जुवाओं को बहुत और फिर एक गाना गाय जाता है बस नाम रहेगा अल्ला का इसका धर्मेन प्रधान जी के परती स्थीफे से क्या लेना देना है जरा मुझे पूरा एक्स्टेपोलेशन करके फिलिस केमिस्ट्री मैध, जूलोजी बॉट् यह हर संसत सत्र से पहले कुछ ना कुछ बवाल पिछले 3 -4 -5 सालों में एक कस्टमरी सा हो गया है।याद करिए 30 -31 जन्वरी 2001 संसत का सत्र शुरू होता है और 29 जन्वरी को किसान अंधोलन को लेके अनेक विदेश से बहुत सारी सेलिबर्टीस का बयान आ जाता है।मांसुन सत्र 20 जुलाई 2021 से प्रारम होता है 19 जुलाई को पेगसेस की रिपोर्ट आ जाती है 20 -21 जुलाई 2023 को संसव का मांसुन सत्र शुरू होता है उससे पहले मनीपूर का वीडियो आ जाता है मतलब आप आता है जन्वरी 2024 में शुरू होता है उससे पहले BBC की रिपोर्ट आ � तो जड़ा ये लिंक भी दे जी, सिर महज संयोग है कि सीधे संसत सत्र से एक दिन पहले या दो दिन पहले विगट चार पांच सालों है, मैंने उधारन और डेट के साथ कोड़ करके बता है।
तो ठीक है सुधान्शु जी, सुधान्शु जी, लेकिन पेपर लीक तो आपकी सरकार की देखरेक में हुआ ना वो तो किसी विदेशी ताकत नहीं कराया निया वो मौंसून सत्र के पहले होना था तो हुआ एक आखरी सवाले सर जिसका मुझे जवाब नहीं मिला फिर मैं अने महमानों के पास जाओंगी कि आखरकार तो बात आपको कौकरो जनता पार
जिस समय सोनम वांगचुक जी वहाँ पर बैठे हुए था धरने पर और वो पहली बार तो नहीं बैठे वो तो वहाँ लदाक में भी बैठे चुके थे और वहाँ लेके हिंसा भी हुई थी तो यहां फिर मैं कह रहा हूँ वहाँ मुद्धा कुछ और था यहां मुद्धा कु� और मैं फिर जो मैंने क्यों बोला आजना जी मैं इसलिए बताना चाहता हूँ जब गंभीरता से कोई बात करना चाहेगा तो बात करेंगे मैंने ये सारी बाते क्योंगी नाई पेपर लीक अगर मुद्धा है तो ये यही नारे हैं जो पिछले 5 -6 साल में CA के प्रोटेस से लेक नारे यही क्यों होते हैं सवाल तो यह है और चेहरे वही होते हैं यानि चेहरा भी वही है और आवास भी वही है सिर्फ मुख़ोटा बदलता है क्या आंदोलन चलाने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि ये पिछले दर्वाजे से मुख़ोटा लगाए हुए लोग आपके आं इस पूरे मुद्धे पर कहा खड़ा है क्योंकि बहुत ऐसा रिष्टा दिखा जिसमें आपकी पार्टी को भी कटकरे में महापर प्रदर्शन कारीयों ने खड़ा किया और कॉंग्रस पार्टी के खिलाब भी वो बोलते नजार आये फिर ऐसी तस्वीर आयी जिसमें आपके न आज पहले हम सबको निन्दा करनी चाहिए, जो बल प्रयोग हुआ चात्रों के उपर. मीडिया को भी करनी चाहिए, हमको भी करनी चाहिए. और जो तस्वीरें अफिशली जारी हुई पारलेमेंट से की रेडी तो शूट,
और आपको भी करनी चाहिए।यह उच्चित नहीं है एक लोकतंतर में इस तरह के तस्वीर है।हजारों हजार युवा और चात्रों ने हंगामा किया लेकिन एक सवाल देश के प्रथान मंतरी से या देश के घरह मंतरी से मीडिया ने इंक्लूडिंग आपके चैनल ने आज सुबह से नहीं पूछा है ये दो बात अब आज ये आज जो हुआ ये बात सही कि कॉल CJP का था ले मैं दो दिन पहले देहरदून में था जब राहूल जी का प्रोग्राम था चात्रों की गूँच बड़ी तेज बारिश थी वेनीव चेंज हो गया बीजेपी ने जैस्मीन का प्रोग्राम लग दिया लेकिन दसियो हजार बच्चा इतने युवा हमारी पाटी में में मेंबर कल जब बोकारों में हुआ, कल जब सीकर में हुआ, कल जब रांची में हुआ तो हजारों बच्चे जुट रहे हैं तो ये इसको नोटिस करना चाहिए कि ये वो युवा हैं जो गुस्से में हैं, जिनके दर्द है, जिनको अपना बहुषी अंदगार में लग रहा है और वो हर इनकी डिमांड है जिसको राहुल गांधी ने बिल्कुल स्पश्ट दिराजा करें।रखा है कि हम कॉंग्रेस पार्टी कियों से तीन बाते कर रहे हैं।एक, कि इक्जैम पैटर्ण अब टेकनोलोजी के साफ़ से, 21 सदी के साफ़ से अपने अपने अपने अपने पॉलिटिक्स में एडूकेशन में पॉलिटिक्स को उडाना बंद कीजिये आप वाइस चांस्लर आरेसेस के लगाना बंद कीजिये आप ठेके दारी पे पूरे एक्जाम कराना बंद कीजिये और आप जो गुनेगार हैं पेपर लिक्के उनको सजा दीजिये ये दूसरी बात � कि जिन बच्चों की आत्मत्याय हुई हैं, जिनको नुक्सान हुई हैं, उनको आप कॉंपन्सेशन दीजिए।उनके री -इजैम् तुरहन्त कराईए।
यह हमारा चार्टर अफ डिमांड है।और छोथा, कि धर्मेन पदारान को स्तीफा देना चाहिए।एकाउंटेबिलि�
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