Praise Modi While Humiliating India? | Trump’s Compliments A Dangerous Distraction? | Akash Banerjee
इस वत की सबसे बड़ी खबर मेगा ब्रेकिंग न्यूज आ रही है हमारे पास बाफकिजेगा अल्ट्रा प्रो मैक्स ब्रेकिंग न्यूज दुनिया भर के नेता हुए मोधी पर फिदा मोधी का डंका पूरे विश्मद में गूजा अबे अबे एडिटर आंग लगा सा ट्रॉम्प को खरी कोठी सुनाई मोधी ने लालाख दिखा दिखा कर डरा दिया ट्रॉम्प को ट्रॉम्प ने मांगा मोधी का हाथ कहा तुमारे बिना एक कदम भी नहीं चल पाऊंगा दुनिया भर के लीडरों ने लाइन लगा कर मोधी से मिलने की कोशिश की वो ही मेलो क्या मोधी जी की लोगप्रियता था सहारा ले रही है मेलोनी?अगर आपको ये ओवर एक्टिंग लग रहा हो तो मेरे पचास रुपई जरूर काट लेना लेकिन गोधी मीडिया के तुर्णा में ये तो ट्रेलर मातर था पिछले 24 घंटों में अगर आपने देश में टेलि� और बोडी लांग्विश मत गुलियेगा, आज मोदी के सामने ट्रम जहाजों पर हमले के मुद्दे पर नरम दिखे।वैसे तो मोधी जी के foreign visits को mainstream media बहुत बारीकी से track करती हैं. एक एक छोटी detail किसके लिए मोधी जी ने हाथ आगे बढाया?कौन मोधी जी के सामने कुर्सी छोड़कर खड़ा हो जाता है?मोधी जी ने किसे hug दिया?मोधी जी ने किसके साथ खाखा खीखी की?
अब भे ए� लेकिन एक चीज़ है जो गोधी मीडिया कवर करना भूल जाती है वो ये है कि इतना आदर सतकार जो हुआ उसके एलागमौने देशवासीयों के लिए मोधी जी क्या वापस लाते हैं?अब इसमें कोई डाउट नहीं है कि मोधी जी इन समिट्स में जाकर अपना तामबा चमका लेते हैं और ट्रम्प जैसे लीडर्स खूब समझ चुके हैं कि मोधी जी को He looks so good. So he gets you by surprise. Beautiful man. Angel. Saadi saath killer bhi bol diya. Arre itni tarife toh Bhakt Banerjee bhi nahi karta hai Modi ji ke jitna Donald Trump ne kar diya. लेकिन क्या ट्रॉम्प के ये जो comments हैं, ये genuine हैं?क्या वो मोधी जी को, भारत देश को उतना तवज़ू, उतना सम्मान देते हैं जितना कैमेरा और मीडिया के सामने बोल रहे हैं?या ट्रॉम्प मोधी को समझ चुके हैं?की मोधी की ego को बस खुश रखो, उसके बाद भारत � लेकिन शब्दों का कोई महत्व नहीं रह जाता है जब कतनी और करणी में जमीन आस्मान का फर्क हो जाएं।
अगर आप सिर्फ बीटे दो सालों को डेटा देखो तो ट्रम्प के तारीफों के सिवाई हमारे देश को अमेरिका से सिर्फ धुदकार और जिल्लत मिली है।कैमेर वीजास को रिस्ट्रिक्ट कर देना या इलीगल इंडियन जो इमिगरेंट्स हैं उन्हें बेडियों में भाद कर भारत भेजना फिर उसका वीडियो भी सांज़ा करना भारत अमेरिका संबंदों के इतिहास में कभी भी हमें इतना जलील नहीं किया गया था लेकिन अमेरिका समरखोगे तब तक कोई ब्लो बैक नहीं होगा हमारे देश से इसी लिए ट्रम्प और मोदी के इस सुपरफिशल प्यार को जानना होगा समझना होगा यह जरूरी है हमारे देश के लिए जहा क्यों इंडो -उस रेलेशिन्शिप के लिए ट्रम्प की इन चिपनी -चुपनी बातों का फाइदा कम और हमारे रेलेशिन्शिप को नुकसान जादा हो रहा है?और क्या हमारी फॉरेन मिनिस्ट्री कर रही है इस प्रॉब्लेम को ठीक करने के लिए?क्या ये प्रॉब्लेम व इस अफते फ्रांस में G7 देशो की मीटिंग होती है वैसे तो भारत इस ग्रुप का हिस्सा नहीं है लेकिन बीते कुछ सालों से भारत को G7 समिट्स में आमंतरित किया जाता है और इसलिए प्रदार्मंतरी मोदी फ्रांस गए।वर्लीडर से मिले, हसे, मुस्कुराए, खाखा सही कहा गया होगा क्योंकि मोधी जी की ब्रेंड वैल्यू में चार चांद लग गए जब ट्रम्प से पूछा गया कि भारत और अमेरिका के डिफेंस रिलेशिनचिप के बारे में उनका क्या कहना है सुनिये कितने तारीफों के पूल बहां दे गए भाक्त मंदली ये सब सुनक लेकिन स्टेट्मेंट में दो बड़े वारणिंग सिगनल्स हैं अगर ट्रम्प सीरियस हैं तो हमारे देश को अल्रेडी साफधान होना पड़ेगा पहला अगर भारत पर हमला होता है तो अमेरिका हमें बचाने आएगा भाई हम कोई इसरेल तो है नहीं कि अमेरिका के टुकरो
किसने मांगी है भीख भाई तुमसे?क्या ट्रम्प ये आशा कर रहे हैं?कि पाकिस्तान के तरह हम भी एक Military Alliance कर लेंगे अमेरिका के साथ और वो फिर हमारी सरजमीन पर अपने basis बठाएगा, अपने Fighters उडाएगा?M .E .A. को इस बारे में clarification देना होगा. दूसरा, क्या मतलब है ट्रम्प का कि भारत की रक्षा वो तब तक करेंगे, तब तक ट्रम्प करेंगे जब तक मूदी है?अब सोचो, अगर यही बात किसी opposition leader को कह दी गई होती, तो वो सोरॉस का एजेंट, एमेरिका का पाल्तू हो ज दो नूक्लियर पावर, दो इकनॉमिक पावर, उनका रिष्टा आपस में नैशनल लेवल पर होता है।यह कोई ड्रॉइंग रूम में बैठे दो यार दोस्त बात नहीं कर रहे हैं, आज दोस्ती है, कल कट्टी हो जाएगी।
या पिर हो सकता है, हो सकता है कि ट्रम्प बस मज लेकिन अमेरिका के प्रो ट्रॉम्प फॉक्स नीज ने इसे ट्रॉम्प का बस एक जोक के तरह देखा और उसे वैसे ही दर्शाया।फिर से देखो, ट्रम्प मोदी की फिरकी कैसे ले रहे हैं?जब पूछा गया कि भारत वेस्ट एशिया में महतपूर भूमिका निभाएगा या नहीं?सुनिए ट्रम्प क्या कहते हैं?सुनने में ट्रम्प की वाणी कितनी मीथी लगती है लेकिन असलियत थोड़ी कड़वी ह उदि सरकार जो सालों से पाकिस्तान को इंटरनेशनली आईसोलेट करने की कोशिश कर रही थी वो सारी कोशिशे नाकाम हो गई चलो हो सकताहै कि एक दो जगे समझने में हमसे ही कलती हो गई हो. ट्रम्प सच में भारत देश को, मोदी को बहुत जादा respect करते हैं, मान सम्मान देते हैं. लेकिन फिर सवाल आता है कि वो मान सम्मान, वो respect कहां चला जाता है जब अमेरिक इस महीने हमारे देश के इतिहास में ऐसा पहली बात हुआ कि अमेरिका की नेवी ने भारतिय नागरिकों की जान ले ली तीन भारतिय सेलर्स मारे गए उनकी हत्या हुई और ये आंकड़ा साथ तक जा सकता था वो तो शुक्र है कि ओमान ने हमें बचा लिया पहले मोधी सरकार तो एक तरफ अमेरिका खुद ही इंडियन्स पर मिसाईल से हमला कर रहा है और दूसरी तरफ मोधी जी को मसका लगाया जा रहा है कहा जा रहा है वी विल प्रोटेक्ट यू ये सब नाटक चल रहा है और हमारे प्रदान मंत्री भी बगल में बैट कर हीखी हाहा कर रहे हैं To be fair, Narendra Modi ne Trump ke saamne bhaartiye sailors ki safety ka mudda uthane ki koshish zarur ki. उनकी स्वरक्षार ही उतना ही महरकोपून है।
लेकिन ट्रम्प ने मोधी के बातों को सीरियसली नहीं लिया. ट्रम्प ने तो almost मोधी को ignore कर दिया इस मैटर पर. लेकिन जब एक रिपोर्टर ने एक सवाल जरूर पूछने की कोशिश की, जबाब मांगने की कोशिश की इस मुIt's a rough profession We love these people. We love these people. गतरबकी वकीरी है, ट्रॉम्प जी में कहीं न कहीं एक वकीर जरूर है. काश हमारे पास एक ऐसा चपनेशवर प्रधान मंतरी होता, जो ट्रॉम्प को यह याद दिलाता कि हमारे जो सेलर्स हैं, वो कोई समुदरी तूफान में नहीं मारे गाए, ना प्रेस मीट में ट्रम्प ही बडबडाते रहे प्रदान मंतरी मोदी ने जो भी थोड़ा बहुत कुछ कहना था एक पर्चे को देख देख कर थोड़े से पॉइंट्स बोल दिये बाकी टाइम बस मुस्कुराते रहे कभी कभी तो गलत टाइम पर मुस्कुरा दिये लेकिन ट्रॉम्प को इस इंटरेक्शन में बहुत मजा आ रहा था वो बिलकुल रिलाक्स थे सवालों का आनन्द ले रहे थे सवाल भी तो ऐसे आ रहे थे पतरकार भी तो ऐसे ऐसे इमानदार बैठे हुए थे जैसे सरकारी दूरदर्शन के इस रिपोर्टर ने भाप लिया � दूसरी बार है जब ट्रम्प ने नरेंदर मोधी को कॉंप्लिमेंट किया है कि तुम्हारे देश के पतरकार बहुत अच्छे हैं, परिशान नहीं करते हैं, कथिन सवाल नहीं उठाते हैं, इसमें शायद खुश होने की कोई बात नहीं है।लेकिन ये सारी चीजे, ये क्रोन�चाहे देश के खिलाफ कुछ भी कर लो बस लास्ट में मोधी को खुष करने के लिए दो तीन तारीफ बस कर दो और मोधी जी और गोधी मीडिया उसके बाद खुश होकर घर चले जाएंगे असली जो मुद्धा है वो अपने आप दफन हो जाएगा और मैं G7 की बात नहीं कर र February 2025, Trump को White House में वापस आए अभी एक ही महीना हुआ था कि उन्होंने मोधी जी को मिलने के लिए बुलाया. वहाँ बड़े आदर सतकार से उनके लिए चेर पूल किया गया. Media में हड़कम मज़ गया, Headlines बन गयी कि बईया देखिये चेर खीचा गया हैं मोधी जी पर. मोधी � हमारे यहाँ बहुत पुरानी कहावत है मूँ में राम बगल में चुरी ट्रॉम्प भारत के साथ कुछ एसी ही पॉलिसी का इस्तमाल करते आए हैं क्योंकि जिस वक्त ट्रॉम्प वाइट हाॉस में बैटकर मूदी जी को ग्रेट लीडर ग्रेट लीडर कह रहे थे उसके कुछ इतना ही नहीं चलिए आपने वापस भेजा इलीगल इमिग्रेंट्स हैं ये जो भेजा इस ट्रांस्पोटेशन का बेडियो में बांध कर जो भारतियें हैं उसका पूरा का पूरा वीडियो बनाया गया प्रोबो बनाया गया एकड़ाम स्लिक वीडियो बनाकर उफिशल ह बिल्कुल चुप।फिर इसके 2 महीने बाद ही भारत पर 27 % reciprocal tariff का चाटा जड़ दिया गया।आने वाले दिनों में, Operation Sindoor के बाद, ट्रॉम्प White House में, पाकिस्तान के प्रदान मंत्री शाबाज शरीफ और आसिम मुनीर को बार बार host करने लगे, भारत के परती उनका रुख दि
भारत पर पेनल्टी भी लगा दी टैरिफ अब 50 % तक हो गए लेकिन एक तरफ जहां ट्रम भारत के खिलाफ ये सारे कदम उठा रहे थे वही मोधी की तारीफ करने में वो बिलकूल पीछे नहीं हट रहे थे उनका मसका लगाना जारी रहा नहीं, हम पड़ेंगे!
इधर मोदी जी भी कड़ा रुख कैसे ले सकते हैं अपने ट्वीट्स में ट्रम्प को माई डियार फ्रेंज लिखने से पीछे नहीं हट रहे थे।चाहि इसी ट्रम्प की वजए से रश्यन ओयल इंपोर्ट्स बंद हो गए हो या देश के एकस्पोर्टर्स को भारी नुकसान Finally, जब इस साल February में इंडिया US Trade Deal का Framework अनॉंस होता है, तब भी डील के Details आने से पहले, मोधी जी के लिए बार बार ट्रम्प ने तारीफों के पूल बादें. तो ये तो था कतनी, लेकिन जब करनी पर बात आई, तो Trade Deal के तहत जो Tariff ट्रम्प के आने से पहले 3 % पर हुआ कर ट्रेट डिल में तो कुछ न मिला उसके ऊपर हमारे दा ग्रेट फ्रैंड डियर डॉनाल्ड ट्रम्प ने पीछे से चाबार पोर्ट का भी उसे सैंक्शन के घेरे में डाल दिया चाबार पोर्ट इरान में एक बहुत बड़ा डेवलप्प्मेंट प्रोजेक्ट था हमारे लि�हमारी गोधी मीडिया सिर्फ तारीफे कवर करने में इतनी मस्रूफ है कि किसी ने ये सवाल पूचने की हिमाकत नहीं की कि अगर ट्रम्प इतने दा ग्रेट फ्रेंड हैं तो फिर भारतियों को आज यूएस में चुन चुन कर टार्गेट क्यों किया जा रहा है?H -1B वीजा ज H -1B visa itna mehenga kyun kar diya hai?Naukri se nikale gaye Bhartiyon ko desh se turant bahar nikalne ko kaun keh raha hai?Saath dino ke andar andar doosra sponsor dhuno, doosra naukri dhuno ya America chhod do. और हमेरे ग्रेट फ्रेंक डॉनाल्ड ट्रॉम्प ये H1B वीजा की फीज अब एक लाख डॉलर कर दी गई है।
हलकी अभी इसी हफ्ते कोट ने इस फीस को इलीगल डिकलेर कर दिया है लेकिन ट्रॉम्प ने अपने साइच से कोई कसर नहीं छोड़ी है भारतियों के जिंदगी को मुश्किल बनाने के लिए अमेरिका में और उन्हें एस पॉलिटिकल कैनन फॉर्डर इस्तमाल करने के लिए सरकारी डेटा के मताबे के FY 2025 में चार लाख अप्रूव्ड H1B वीजा पेटिशन में हैं उन में से करीबन तीन लाख तो इंडियन्स के हैं यानि करीबन 70 % और 2026 में अब तक सिर्फ पाँच महिनों में एक लाख से जादा इंप्लोईज अबाउट 150 टेक कंपिनीज में से निक Compliment chahiye Modi ji ke liye free mein le lo. Aur ab to hum America ki itne mahotaj ho chahiye.हैं कि जब मिनाब में एक सो पचास से जादा मासूम बच्चो की हत्या एमेरिका कर देता है तो करीबन दो हफ्तों तक हमने चुप्पी साधी इरान हमारा एक बहुत पुराना दोस्त रह चुका है हम इतने नपुन्सक बन � 2018 में US Pacific Command का नाम बदल कर US Indo Pacific Command रखा गया था ये इंडिया के growing influence in the region को मानिता देने के लिए उसको respect देने के लिए किया गया था लगभग इसी G7 मीटिंग के समय जब खाखा खीखी चल रही थी तो Indo हटा कर Trump सरकार ने इसे वापस US Pacific Command बना दिया साथ ही आईसा map release किया जिसमें इ साथी साथ POK को पाकिस्तानी टेरिटरी दिखा दिया अगर यही काम यही हिमाकत यहां किसी देश में किसी इंसान ने किया होता तो वो जेल में होता बिना सवाल के लेकिन अब ट्रम्प सरकार ने किया है तो कोई कुछ नहीं बोलेगा. चंगा है या सब नंगा है?H -1B, EB -2, EB -5 सारे वीजास पर पाबंधिया लगाए जा रही हैं. तीन सेलर्स को मार गिरा दिया गया. ये आंकड़ा साट्स से जादा हो सकता था. वो तो उमान बचाने आ गया. एमेरिका ने तो बचाने से भी मना आज ही ट्रॉम्प ने अपने इंडियन एम्बैसेडर के ट्वीट को री ट्वीट किया कहा यूएस एम्बैसेडर तू इंडिया कनफर्म्स तो फॉरेन इंवेस्मेंट इस फ्लडिंग बैक इंटू दे यूनाटेट सेट रेकॉर्ट ब्रेकिंग लेवल्स अज इंडियन कोपहो रहा है इस रिलेशिन्शिप से. लेकिन हमें क्या मिल रहा है?कॉंप्लिमेंट्स के एलावा अमेरिका से हमें स्ट्रेटीजिक बेनिफिट क्या मिल रहा है?वो दबा दबा कर हमें बस आम्स बेच रहे हैं, एमिन Modi ko manage karna wo seekh chuke hain. Apni baat kaise manwani ho samajh chuke hain. Lollipop ki tarah 2 -4 compliment pakla do haath mein. Aur saara kaam aapka ho jayega. Koi sawaal nahi karega. Koi vidroh nahi karega. Aur hamare desh ke liye isse zyada khatarnak baat aur kuch nahi ho sakti hai.
Get ultra fast and accurate AI transcription with Cockatoo
Get started free →
